बिजली का नया कनेक्शन के लिए उपभोक्ता से रिश्वत मांगने व नया विद्युत संबंध में प्राप्त आवेदन को लंबी अवधि तक लंबित रखने पर नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीव्यूशन कंपनी के उप सचिव प्रदीप कुमार ने ढाका जेई शक्ति कुमार को निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि में जेई श्री कुमार को विधुत आपूर्ति अंचल, दरभंगा मुख्यालय निर्धारित किया गया है। साथ ही निलंबन अवधि में जेई श्री कुमार को जीवन यापन भत्ता देय होगा।
हाल के दिनों में जिले में जहरीली शराब से हुयी 47 लोगों की मौत के बाद विभाग द्वारा मद्यनिषेध नीति के सफल क्रियान्वयन एवं शराब धंधेबाजों पर नकेल लगाने के उद्देश्य से कई कड़े कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में जिले में दो नया उत्पाद थाना बनाया गया है। मोतिहारी सदर थाना के अलावें अरेराज व मधुबन में नया उत्पाद थाना खोला गया है। इसके साथ ही जिले में अब उत्पाद थाने की संख्या बढ़कर तीन हो गयी है। सभी थाने में इंस्पेक्टर को थानाध्यक्ष बनाया गया है। नवसृजित अरेराज व मधुबन उत्पाद थाना का संचालन शुरू कर दिया गया है। छापेमारी व एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मगर इन दोनों जगहों पर उत्पाद थाना भवन नहीं होने से पोस्टेड पदाधिकारी व जवानों को अभी थोड़ी परेशानी हो रही है। अरेराज व मधुबन उत्पाद थाना फिलहाल किराए की बिल्डिंग में संचालित होगी। विभाग द्वारा किराए के बिल्डिंग की तलाश शुरू कर दी गयी है। नवसृजित अरेराज व मधुबन उत्पाद थाना में फिलहाल एक इंस्पेक्टर, एक सबइंस्पेक्टर, एक एएसआई व बीस-बीस जवानों की पोस्टिंग की गयी है। इसके अलावें संबंधित अनुमंडल व उत्पाद अंचल क्षेत्र में भी उत्पाद पुलिस पदाधिकारियों की पोस्टिंग की गयी है। जो इनका सहयोग करेंगे। जरूरत के अनुसार उत्पाद पुलिस पदाधिकारियों व जवानों की पोस्टिंग हो सकती है।
बीआरए बिहार विवि के परीक्षा विभाग ने पीजी फर्स्ट सेमेस्टर सत्र 2021-23 का रिजल्ट शुक्रवार को जारी कर दिया। रिजल्ट में 388 विद्यार्थी फेल हैं जबकि 285 का रिजल्ट पेंडिंग हो गया है। पीजी फर्स्ट सेमेस्टर में 6300 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. टीके डे ने बताया कि सिर्फ 4.51 प्रतिशत छात्रों का ही रिजल्ट पेंडिंग हुआ है। रिजल्ट पेंडिंग होने का कारण पीजी विभागों और कॉलेजों से इंटरनल का अंक नहीं आना है। बार-बार रिमाइंडर के बाद भी इंटरनल के अंक समय पर नहीं भेजे गए। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि चार से पांच दिन में जो भी रिजल्ट पेंडिंग हैं उसे ठीक कर दिया जाएगा। पीजी फर्स्ट सेमेस्टर के रिजल्ट में 192 छात्रों को अनुपस्थित दिखाया गया है जबकि 482 छात्रों को औसत अंक मिले हैं। 30 छात्रों को परीक्षा में एक्सीलेंट दिया गया है। 1972 छात्रों को गुड दिया गया है। 482 छात्रों को वेरी गुड दिया गया है। 1490 छात्र प्रमोट किए गए हैं जबकि 968 छात्रों को पास मार्क आया है। पीजी फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा जनवरी में हुई थी। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि पीजी सेमेस्टर टू की परीक्षा भी जल्द ही ली जाएगी। विवि प्रशासन की सारी कोशिश सत्र को नियमित करने के लिए है।
नए सत्र की पढ़ाई शुरू हो चुकी है। नया सत्र आधी-अधूरी किताबों के साथ आरंभ हुआ है।जिले में नए सत्र के लिए 55522 पुस्तकें प्राप्त हुआ है। वहीं विभाग की सक्रियता से शेष किताबें शीघ्र ही प्राप्त होने की संभावना है। वर्ग 4 से 7 तक के बच्चों को कुछ विषयों का किताब उपलब्ध कराई गयी है। सरकार की ओर से वर्ग 4 की हिंदी की 4117, उर्दू की 74, वर्ग 5 की हिंदी की 11942, उर्दू की 140, मिक्स 1014, वर्ग छह की हिंदी की 34352, उर्दू की 223, मिक्स 2620, वर्ग सात की उर्दू की 1040 किताबें प्राप्त हो पाई है। कुछ प्रखंडों में भेजा गया है। जिन प्रखंडों में पुस्तकें भेजा गया है उसमें आदापुर, अरेराज, बनकटवा, चकिया, ढाका, हरसिद्धि, केसरिया, कोटवा, मधुबन, मेहसी, मोतिहारी, पहाड़पुर, पकड़ीदयाल, पताही, पीपराकोठी, रामगढ़वा, रक्सौल व संग्रामपुर शामिल है। कई विद्यालय प्रधान ने बताया कि एक ही बार पुस्तक आवंटन से परिवहन व्यय कम लगेगा। सत्र 2018-19 से बच्चों को पुस्तक खरीदने के लिए राशि खातों में दी जाती थी। लेकिन इस वित्तीय वर्ष में शिक्षा विभाग ने राशि के बदले फिर से पुस्तक देने का फैसला लिया है।
यू-डायस भरने में 80 फीसदी स्कूल साइबर कैफे पर निर्भर हैं। स्कूलों के पास कंप्यूटर नहीं है और अधिकांश शिक्षक व प्राचार्य भी तकनीकी रूप से दक्ष नहीं हैं। इस कारण स्कूल प्रबंधन को परेशानी हो रही है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के सूत्रों की मानें तो डाटा भरने की गति धीमी होना अधिकतर स्कूल कंप्यूटर के साथ शिक्षकों के जाति आधारित गणना में शामिल होना बताया जा रहा है। परंतु अब जनगणना पर रोक के बाद गति आ सकती है। जिले में कुल नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या 1434881 है। वहीं 5 मई तक 435713 छात्र-छात्राओं का डाटा एंट्री हुआ है। बता दें कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा पहली बार यू-डायस में सभी नामांकित छात्रों की जानकारी मांगी गयी है। अब तक स्कूल और शिक्षकों का डाटा ही मांगा जाता था, लेकिन इस बार स्कूल में नामांकित छात्र-छात्राओं की जानकारी मांगी गई है। ऐसे में उन स्कूलों के लिए मुश्किल बढ़ गई है जहां पर नामांकन से अधिक छात्रों की संख्या है। सूत्रों के मुताबिक एक से आठवीं तक 20 फीसदी ऐसे स्कूल हैं जहां पर छात्रों का नामांकन तो है लेकिन छात्र स्कूल ही नहीं आते। ऐसे छात्रों का डाटा स्कूल को आसानी से नही मिल पा रहा है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के द्वारा नीट यूजी 2023 की परीक्षा 7 मई को आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारी को लेकर सिटी को-ऑर्डिनेटर सह प्राचार्य सीएसडीएवी कौशिक विश्वास ने सभी परीक्षा केंद्राधीक्षकों के साथ बैठक की। यह बैठक एमएस मेमोरियल पब्लिक स्कूल में आयोजित हुई। बैठक में सिटी को-ऑर्डिनेटर श्री विश्वास ने नीट जैसे महत्वपूर्ण परीक्षा के सुचारू संचालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी केंद्राधीक्षकों को परीक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क रहते हुए एनटीए द्वारा जारी दिशा-निर्देश का पालन करना है। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थी एडमिट कार्ड के अलावे अपना दो पासपोर्ट साइज फोटो व वैलिड आईडी कार्ड लेकर आयेंगे। प्रवेश सुबह 11 से 1.30 बजे तक ही मिलेगा। वहीं, परीक्षा दोपहर दो बजे से शुरू होगी।
रिजल्ट के तनाव से बच्चों को उबारने के लिए सीबीएसई शनिवार से पोस्ट एग्जामिनेशन काउंसिलिंग की शुरुआत करेगा। सीबीएसई स्कूलों के 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा दे चुके विद्यार्थियों को कैरियर एक्सपर्ट, साइकोलॉजिस्ट समेत अन्य एक्सपर्ट जरूरी टिप्स देंगे। इस पोस्ट एक्जामिनेशन काउंसिलिंग में बच्चों को अलग-अलग कैरियर से संबंधित जानकारी मिलेगी। बच्चे रिजल्ट आने के बाद अपने अंक और बदलते समय की डिमांड के अनुसार किस क्षेत्र का चुनाव करें, इस पर भी काउंसिलिंग होगी। विद्यार्थियों को 12 घंटे काउंसिलिंग की सुविधा मिलेगी। अगले हफ्ते सीबीएसई के 10वीं और 12वीं बोर्ड रिजल्ट आने की संभावना है। बच्चे पहले से ही तनाव में हैं। वे सोच रहे हैं कि किस तरह का रिजल्ट आएगा और अगर अच्छा अंक नहीं आया तो क्या करेंगे। बच्चों को इससे उबारने के लिए सीबीएसई ने यह पहल की है। यह काउंसिलिंग 6 मई से शुरू होगा जो रिजल्ट आने के एक महीने बाद तक जारी रहेगा। कॉलेज और वहां के कोर्सेज के बारे में भी एक्सपर्ट देंगे जानकारी बिहार-झारखंड से एक्सपर्ट के तौर पर शामिल डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि एक्सपर्ट को देशभर के चुनिंदा कॉलेजों और कोर्सेज की सूची उपलब्ध कराई गई है। अभी के समय में किस कोर्स की डिमांड है और बच्चे उसे किस तरह कर सकते हैं। किस कोर्स को करने का फायदा क्या होगा, इन सबके बारे में एक्सपर्ट जानकारी देंगे। इसमें उत्तर प्रदेश से कुमुद श्रीवास्तव कैरियर एक्सपर्ट के तौर पर, मध्यप्रदेश से साइकोलॉजिस्ट डॉ. राजेश कुमार समेत अन्य एक्सपर्ट शामिल हैं। डॉ. कुमार ने कहा कि टॉल फ्री नंबर पर बच्चे एक्सपर्ट से संपर्क करेंगे। सुबह 10 से रात के 10 बजे तक यह सेशन चलेगा। छात्र आगे क्या पढ़ना चाहता है और उसमें क्या-क्या विकल्प है, इन सबके बारे में बताया जाएगा। छात्र इस नंबर पर +911122043604 कॉल करेंगे।
अंतराष्ट्रीय स्तर पर महात्मा बुद्ध के गृहत्याग के कॉरिडोर की तलाश शुरू हो गई है। इसे पूरा करने के लिए सार्क फाउंडेशन, काठमांडू से जुड़ी टीम ने शोध शुरू कर दिया है। इसके लिए तथागत गौतम बुद्ध की जन्मस्थली नेपाल के लुंबिनी से तराई इलाके होकर वाया वीरगंज (भिस्वा) रक्सौल के रास्ते केसरिया आदि स्थलों का अध्ययन किया जा रहा है। इस अध्ययन में गौतम बुद्ध से जुड़े स्थलों वैशाली, रमपुरवा, लौरिया, बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर तक का अवलोकन किया गया है। विश्व के सबसे बड़े व प्राचीन बौद्ध स्तूप केसरिया में मिलने के बाद चम्पारण की भूमि पर देश दुनिया की नजर है। इसी क्रम में सार्क फाउंडेशन, काठमांडू की टीम ने महत्वाकांक्षी शोध की पहल की है। इसका उद्देश्य यह पता करना है कि नेपाल के कपिलवस्तु स्थित लुंबिनी से जब बुद्ध निकले तो किन-किन मार्गों व स्थल से चलकर वे बोधगया पहुंचे, जहां उन्हें बोधित्सव की प्राप्ति हुई। सार्क फाउंडेशन से जुड़े नेपाल के पत्रकार कनक मणि दीक्षित व चंद्र किशोर झा (सत्याग्रह, नेपाल के संस्थापक) ने विगत दिनों केसरिया, नंदनगढ़- लौरिया समेत वैशाली में बुद्ध प्रवास व यात्रा से जुड़ी भूमि का दौरा किया व इस प्रोजेक्ट पर शीघ्र ही कार्य शुरू करने के संकेत दिए। इस क्रम में पुरातत्वविद व स्थानीय विशेषज्ञ भी साथ रहे। चंद्र किशोर झा ने बताया कि हमारी टीम ने बुद्ध से जुड़े स्थलों का प्रारंभिक स्थलगत अवलोकन किया है और इसके बाद नेपाल भारत समेत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस बारे में चर्चा के साथ ही गहन जमीनी शोध अनुसंधान की पहल हो रही है। क्योंकि, इस दिशा में कोई ठोस और विस्तृत शोध अब तक नहीं हो सका है। यह शोध भारत नेपाल रिश्ते को भी मजबूत करने के साथ नया आयाम देगा, तो वीरगंज (नेपाल) व रक्सौल(भारत) के बुद्ध सर्किट से जुड़ने से अंतर्राष्ट्रीय पहचान भी स्थापित होगी।
सीमायी शहर रक्सौल इन दिनों अतिक्रमणकारियों के चंगुल में फंसा है। शहर के हर चौक चौराहों व बाजारों पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा जमा रखा है। अतिक्रमणकारियों द्वारा सड़क की जमीन को अतिक्रमित कर दोनों किनारे ठेला व शेडनुमा दुकान लगाया गया है। जिसके कारण रोज ब रोज जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। पूर्व में प्रशासन द्वारा शहर के प्रधान पथ सहित बाजारों एवम चौक चौराहों से अतिक्रमण हटाये जाने के कारण बहुत हद तक विराम सा लग गया था। लेकिन आजकल उनका मनोबल और बढ़ गया है। किंतु प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। कहां कहां है अतिक्रमण शहर के प्रधान पथ में सड़क की जमीन को अतिक्रमित कर दोनों किनारे ठेला व फुटपाथी दुकान लगाए गए है। वहीं पोस्ट ऑफिस रोड, सब्जी मंडी, चावल बाजार, लोहा पट्टी, बैंक रोड, मीना बाजार, आश्रम रोड, नागा रोड सहित कौड़िहार चौक तथा कोइरिया टोला नहर चौक अतिक्रमण का शिकार है।
रक्सौल पुलिस व अंचल मध निषेध की टीम की अलग अलग छापेमारी में एक कारोबारी सहित आठ शराबियों को गिरफ्तार किया गया। थानाध्यक्ष सह पुलिस इंस्पेक्टर नीरज कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना पर एएसआई संजय कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर छापेमारी को अंजाम दिया गया। छापेमारी में पुलिस ने शशिभूषण कुमार नामक कारोबारी को बीस लीटर देशी चुलाई शराब के साथ पकड़ा जो नेपाल से तस्करी करके शराब लाया था। इस बावत एक केस दर्ज करके बरामद शराब जब्त कर लिया गया है व गिरफ्तार कारोबारी को आज मोतिहारी न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उधर मद्य निषेध इंस्पेक्टर अभिषेक आनंद के नेतृत्व में विभिन्न स्थानों पर छापामारी करके आठ शराबियों को गिरफ्तार किया।
