हमारे श्रोता विकास ,श्रमिक वाणी के माध्यम से कहते है कि 15 दिनों से बहुत गर्मी पड़ रही है। गर्मी से कोई राहत नहीं है

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हमारे श्रोता भूरा खान की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से रेहड़ी पटरी वाले दरिमा से हुई। इन्होने बताया कि पास के ऑफिस के नल से पानी भर कर लाते है और इसी को पीने के लिए भी इस्तेमाल करते है। पानी शुद्ध है या नहीं इस जानकारी के अभाव में भी यह पानी को पीने के प्रयोग में लाते है। केवल मीठा और खारा पानी की जानकारी रहती है

मेरा नाम भरत लाल है ,मैं दोनों आँखों से हंड्रेड परसेंट ब्लाइंड बात कर रहा हूँ ,मैं आप लोगों को ये बताना चाहता हूँ की बहुत से लोग कहते है कि श्रम कार्ड जो काम नहीं करते है उनके लिए नहीं बनता है ,क्या ऐसा है की जो काम करते हैं उन्ही के लिए बनता है क्या यदि ऐसा है तो हमे बताए।

मेरा नाम राम नरेश है ,मैं ये जानना चाहता हूँ पेंशन किन किन महीने बढ़ते है ,हम आँख से विकलांग है।

ग्राम जामु से खेम सिंह की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से एक श्रमिक धर्मेंद्र से हुई। धर्मेंद्र कहते है कि पहले सप्लाई पानी मिलता था लेकिन एक महीना से सप्लाई पानी नहीं मिल रहा है। पाइप लाइन ख़राब हो जाने के कारण पानी नहीं आ पा रहा है। नल का पानी उपयोग करते है जिसका पानी खारा रहता है। खारा पानी का इस्तेमाल सभी कार्य के लिए करते है। इनके अनुसार सभी को साफ़ पानी का ही उपयोग करना चाहिए।

ग्राम जामु से खेम सिंह की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से एक व्यक्ति से हुई। इनका कहना है कि इनके क्षेत्र में बूंदा बांदी बारिश हो रही है लेकिन हवाएँ बहुत तेज़ चल रही है

बिहार राज्य के रुपेलडीहा ग्राम से साकेत की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से एक राहगीर से हुई। राहगीर बताती है कि पंचांगपुर से आज़ादडीहा की ओर जाने वाली मार्ग में यात्रियों के लिए बैठने की व्यवस्था नहीं है। पीने का पानी की भी व्यवस्था नहीं है। यात्रियों को बहुत समस्या हो रही है। इस मार्ग में चापाकल की व्यवस्था चाहिए .

हमारे श्रोता ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि कोरोना काल में श्रमिकों के साथ कंपनी मालिक बहुत मनमानी किये। पैसे के लिए तंग किये साथ ही ईलाज़ के समय में भी स्वास्थ्य कर्मी द्वारा लूट हुई। श्रमिक मेहनत किये लेकिन उनका शोषण ही हुआ

ग्राम जामु से खेम सिंह ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि जो किसान है ,उनके लिए भी महँगाई एक परेशानी बनी हुई है। बीज़ ,खाद आदि भी महँगी है। जिससे खेती करने में उन्हें भी समस्या होती है। इस समस्या का हल जल्द होनी चाहिए