उत्तरप्रदेश राज्य के ग़ाज़ियाबाद ज़िला से रवि ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि वो अपने मित्र के कहने पर ग़ाज़ियाबाद आये लेकिन उनके मित्र ने धोखे से लोहे की फैक्ट्री में काम दिलवा दिया। साथ ही उनसे उनके पैसे भी ले लिए

उत्तरप्रदेश राज्य के गाजियाबाद ज़िला से रवि ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि हल्की बारिश के कारण गर्मी ज़्यादा बढ़ गयी थी लेकिन आज हुई तेज़ बारिश से गर्मी से राहत मिली है और मौसम ठंडक हो गया है

उत्तरप्रदेश राज्य के ग़ाज़ियाबाद ज़िला से रवि ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि ग़ाज़ियाबाद में एक चाउमीन की फैक्ट्री में श्रमिकों को 12 से 16 घंटे काम करवाया जाता है और वेतन किसी को 6000 ,किसी को 7500 या 12,000 दिया जाता है। साथ ही उन्हें छुट्टी भी नहीं मिलती

उत्तरप्रदेश राज्य के ग़ाज़ियाबाद ज़िला से रवि ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि जिस तरह मानेसर में श्रमिकों को काम के लिए भटकना पड़ता है ,उसी तरह ग़ाज़ियाबाद में भी श्रमिक काम की तलाश में रहते है। काम अगर मिलता भी है तो उन्हें सही से वेतन नहीं मिल पता। 9000 रूपए से ज्यादा वेतन तो श्रमिकों को मिलता ही नहीं है

दिल्ली एनसीआर के ग़ाज़ियाबाद ज़िला के बेहटा हाजीपुर से दिनेश कुमार ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि बेहटा हाजीपुर में गन्दा नाले की सफ़ाई के लिए अब तक कोई कर्मचारी आगे नहीं आये है। विधायक प्रशासन का भी इस पर ध्यान नहीं जा रहा है। अब तो आस पास के मोहल्ले में भी गंदे नाले का पानी का बहाव हो रहा है। गन्दगी के कारण मच्छर का प्रकोप भी बढ़ता दिखाई दे रहा है

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उत्तर प्रदेश राज्य से दिनेश साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि इस लॉक डाउन में छोटे दुकानदारों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है

उत्तरप्रदेश राज्य के लोनी ग़ाज़ियाबाद से दिनेश कुमार ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि अभी के समय में अस्पतालों में मरीज़ों का ईलाज सही तरीका से नहीं हो रहा है। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर..

उत्तरप्रदेश ग़ाज़ियाबाद से दिनेश कुमार साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं ऑनलाइन फॉर्म भरने से बच्चों ,युवाओं को सावधान होने की जरूरत है

उत्तरप्रदेश राज्य के ग़ाज़ियाबाद से हस्मत अली की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से इक़बाल से हुई। इक़बाल 'मेरा मुखिया कैसा हो 'कार्यक्रम के तहत कहते है कि मुखिया को ऐसा होना चाहिए जो ग़रीब जरूरतमंदों तक हर एक सुविधा पहुँचाए जो उनके लिए ही है। जैसे कई सुविधा जैसे मकान की हो या राशन की ,गरीबों तक सही से सभी का लाभ पहुँचाना चाहिए। लेकिन अभी देखा जाता है कि लाभ उनको मिलता है जो संपन्न परिवार है।इन्हें राशन तो मिलती है परन्तु इसमें भी उन्हें राशन काट कर दिया जाता है।