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झारखंड राज्य के हज़ारीबाग़ ज़िला के इचाक प्रखंड से टेकनारायण प्रसाद कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से 'मेरा मुखिया कैसा हो' कार्यक्रम के तहत कहते हैं, कि गाँव वाले अपनी हर एक समस्या को ग्राम सभा में ले कर आते हैं और इनका निवारण करने का दायित्व मुखिया के पास होता है जैसे- किन्ही के पास राशन कार्ड नहीं है,किन्ही को वृद्धा या विधवा पेंशन नहीं मिल रहा हो,किन्ही के पास घर नहीं है तो किन्ही को शौचालय का लाभ नहीं मिला हो।इन सभी मुद्दों पर मुखिया को काम करने की जरुरत है। ताकि जनता की आवश्यकता पूरी हो सके।

झारखहांड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला के इचाक प्रखंड से टेकनारायण प्रसाद कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि उन्हें एक ऐसा मुखिया चाहिए, जो गांव के हर एक बजुर्ग जो 60 वर्ष से हों उन्हें पेंशन दिलवाने में उनकी मदद करे। साथ ही कह रहे है कि बहुत से घरों में राशन कार्ड नहीं होती है उन्हें भी राशन मुहैया करवाने में उनकी मदद करे। बता रहे है कि गांव के हर उन व्यक्तियों मुखिया द्वारा काम मिलना चाहिए जो बेरोजगार बैठे है

झारखंड राज्य के रामगढ़,पतरातु से आशीष कुमार मोबाइल वाणी पर चल रहे कार्यक्रम में पूछे गए प्रश्न क्या आप ईमानदारी पूर्वक पंचायत चुनाव में हिस्सा लेना चाहते हैं इस विषय पर कहते हैं, कि हाँ मैं चुनाव में भागीदारी लेना चाहता हूँ और समाज को अपने पंचायत बेहतर ढंग से विकास की ओर लेकर चलना चाहते हैं। लेकिन कई अन्य उम्मीदवार केवल पैसे के बल पर पंचायत चुनाव जीत जाते है। लेकिन अपने कार्यों को करना भूल जाते है और भ्रटाचार की ओर कदम रखने लगते हैं। जो भी सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना जनता तक निःशुल्क पहुंचना चाहिए उसका लाभ आम जनता को नहीं मिल पाता है

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झारखंड राज्य के रामगढ़ जिले के पतरातू से आशीष कुमार झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कार्यक्रम 'मेरा मुखिया कैसा हो ' के तहत बताया कि एके पंचायत में मुखिया द्वारा आम जनता को कोई भी सुविधा का लाभ नहीं दिया जाता है।जब भी लोग मुखिया से बात करते हैं तो वे फंड ना मिलने का बहाना बना देते हैं। जबकि प्रत्येक वर्ष मुखिया को पच्चीस लाख रूपए फंड के रूप में मिलता है जिसका कोई लेखा जोखा नहीं है। वहीँ मुखिया द्वारा जनता के बीच आम सभा नहीं किया जाता है, ना ही जनता से कोई राय ली जाती है और ना ही किसी भी योजना का लाभ दिया जाता है

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