Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से टेक नारायणा प्रसाद कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि सरकार वन पट्टा देने की बात करती हैं और लोग इससे परेशान होते हैं। जिस खेत पर लोग फसल उगाते हैं उस जमीन पर वन विभाग पेंड़ लगाने की बात कर रहे हैं जिसके कारण जनता असंतुष्ट है। सरकार उस जमीन में वन लगाना चाहते हैं। वन विभाग उस जमीन पर जबरन अधिग्रहण कर रहा है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से टेक नारायणा प्रसाद कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि पेयजल का मीनार दो साल से कबाड़ पड़ा हुआ है। सरकार के द्वारा जो पेयजब की मीनार बनाकर लोगों को घर घर तक पहुंचाने के काम किया जाना सुनिश्चित किया किया गया था आज देखने को मिल रहा है की उस मीनार में न बोर्डिंग का पता है न ही पानी का पता है मात्र टंकी बैठा कर के ऊपर में दो साल से पड़ा हुआ है। जनता कोसी किसी तरह का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है और बीच बीच में उस विभाग के लोग आते हैं तो कभी तरी चालक लगाते हैं तो कभी कुछ यन्त्र लगाते हैं परन्तु मात्र लगाने का ही नाम लेते हैं और पानी चालु करने का अभी तक कोई जोर नहीं दिया गया है।

झारखण्ड राज्य से डौली देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण खेती पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।अनियमित वर्षा, भीषण गर्मी, बाढ़ और सूखे जैसी स्थितियों देखने को मिल रही है।फसलें समय से पहले पक रही हैं।इससे उत्पादन और गुणवत्ता में भारी कमी आ रही है।कीटों का प्रकोप,सिंचाई की समस्या,खाद्य सुरक्षा,इत्यादि का खतरा बढ़ गया है।

झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के कसमार से प्रकाश कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय में बहुत बड़ी समस्या है।आय दिन बारिश,गर्मी ,ओला गिरना,अधिक ठंड,इत्यादि जलवायु परिवर्तन का चिंताजनक रूप है। विकास के नाम पर अंधाधुंध पेड़ों की कटाई ,नदियों के पानी का बहाव रोकना,वायु प्रदूषण,जल प्रदुषण,आदि महत्वपूर्ण कारक हैं,जिसके वजह से साँस लेने की समस्या,अशुद्ध पानी और हवा की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के प्रति एक जुट होकर आवाज उठाना होगा। वार्ना भविष्य में मानव समाज के लिए बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाएगी।ज्यादा से ज्यादा पेड़ - पौधे लगाकर हम पर्यावरण को बचा सकते हैं।

झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से जमुना ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव से आम जन - जीवन का बुरा हाल है। बहुत गर्मी बढ़ गया है। इससे रेजा,कुली,किसान को बाहर काम करने में बहुत दिक्कत होता है। हमेशा सुनने को मिलता है कि काम करते करते मजदूर और किसान का मौत हो जाता है।गरीब का कोई नही होता है। सरकार कहती है कि गरीब के लिए काम कर रही है। योजना बना रही है। लेकिन जब योजना लेने जाओ तो ये कागज लाओ,वो कागज लाओ,बोल कर नही दिया जाता है।गांव में किसान और शहर में गरीब मजदुर बदलते मौसम की मार झेल रहा है।  

झारखण्ड राज्य के रांची जिला से शुभम कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कभी सूखा तो कभी बाढ़ जलवायु परिवर्तन भारत में एक बड़ी त्रासदी है जिससे कृषि, अर्थव्यवस्था और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होते हैं।सूखे से फसलें, पीने के पानी की कमी और भुखमरी पैदा होती है। दूसरी ओर, बाढ़ जान-माल का नुकसान, बुनियादी ढांचे का विनाश और बीमारियां लाती है।इन विपरीत स्थितियों से बड़े पैमाने पर पलायन और आर्थिक संकट होता है। सूखा के कारण होने वाली परेशानियां:कृषि और खाद्य संकट,जल संकट,आर्थिक नुकसान,स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं,पर्यावरण प्रभाव अदि। बाढ़ के कारण होने वाली परेशानियां:,जन-जीवन और संपत्ति,बुनियादी,ढांचे का विनाश,स्वास्थ्य समस्याएं,कृषि की बर्बादी,पलायन आदि।

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.