झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के चंदनकियारी प्रखंड से धीरज कुमार ओझा मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि चंदनकियारी प्रखंड में महत्मा गाँधी रोजगार गारण्टी अधिनियम यानि मनरेगा योजना को पंचायत के किसी भी गांव में सही तरीके से लागु नहीं किया गया है,जिससे यहां के ग्रामीणों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।और यदि किसी क्षेत्र में यह योजना लागु भी है,तो केवल इसका लाभ बिचौलियों को ही दिया जाता है।और सिर्फ मनरेगा योजना ही नहीं बल्कि हर योजना का लाभ बिचौलियों को ही दिया जाता है इससे गरीब,मजदूर ,किसान रोजगार के लिए इधर -उधर भटकते नजर आते हैं। सरकार प्रत्येक वर्ष यह वादा जरूर करती है कि क्षेत्र में प्लांट का निर्माण कर स्थाई लोगों को उनके ही क्षेत्र में रोजगार मुहैया किया जाएगा। लेकिन यह वादे केवल कागजों में ही सिमटी नजर आती है।

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झारखंड राज्य के बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड से सुषमा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती हैं, कि भारत की आधी आबादी गरीबी रेखा में आती है। जो किसी प्रकार से रोज़गार कर अपना एवं अपने परिवार वालों का जीवन यापन करते हैं। तो क्या वास्तव में ऐसे लोग डिजिटल सेवा का लाभ उठा पाएंगे...? गरीब जनता इंटरनेट की सुविधा और डिजिटल सेवा का लाभ उठाने से वंचित रह जाएंगे। गरीबी रेखा के कारण एक राज्य से दूसरे राज्य में लोग पलायन करते हैं जंहा उनकी मृत्यु हो जाने पर उनकी लाश घर आती है। अर्थात उनके लिए डिजिटल सेवा का प्रयोग करना अनुचित समझा जाएगा

राज्य झारखण्ड के बोकारो जिले से सुषमा कुमारी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत की लगभग आधी आबादी गरीबी रेखा के अंतर्गत आती हैं।बहुत मुश्किल से इनका परिवार गुजर-बसर करता है एवं किसी तरह दो वक्त की रोटी नसीब होता है।इस परिस्थिति में ये गरीब जनता क्या डिजिटल सेवा का उपयोग कर पाएंगे और इससे सम्बंधित सुविधा ले पाएंगे ? जहाँ अन्य लोगों को इंटरनेट की सुविधा मिलेगी ,वहीं गरीब जनता डिजिटल और इंटरनेट सुविधा से वंचित रहेंगे।गरीबी से झूझ रही जनता रोजी-रोटी के लिए भटकते रहते हैं एवं मजबूर हो कर अपना घर छोड़ कर दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं। स्थिति यह है कि कभी-कभी तो वो जीवित वापस भी नहीं लौट पाते,उनकी लाश वापस आती है।ऐसे में डिजिटल सेवा का उपयोग अनुचित समझा जायेगा।किसी तरह गुजरा करने वाले गरीबों के पास इतना पैसा कहाँ से आएगा कि वो बैंकों में जमा कर सके?इस प्रकार गरीबों को डिजिटल सेवा से कोई लाभ नहीं होगा,उल्टे इनकी समस्या और बढ़ जाएगी।अच्छा होगा पहले सरकार इन गरीबों की गरीबी दूर करने का प्रयास करे उसके बाद डिजिटल सेवा का लाभ दे।

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