महिलाओं की लगातार बढ़ती हिस्सेदारी और उसके सहारे में परिवारों के आर्थिक हालात सुधारने की तमाम कहानियां हैं जो अलग-अलग संस्थानों में लिखी गई हैं, अब समय की मांग है कि महिलाओं को इस योजना से जोड़ने के लिए इसमें नए कामों को शामिल किया जाए जिससे की ज्यादातर महिलाएं इसका लाभ ले सकें। दोस्तों आपको क्या लगता है कि मनरेगा के जरिए महिलाओँ के जीवन में क्या बदलाव आए हैं। क्या आपको भी लगता है कि और अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जाना चाहिए ?

झारखण्ड राज्य के देवघर जिले के हरदकोल गाँव से शशि भूषण राय मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है की उन्हें ऑनलाइन बनाए गए राशन कार्ड में एक नए सदस्य का नाम जोड़ना है

मनरेगा में भ्रष्टाचार किसी से छुपा हुआ नहीं है, जिसका खामियाजा सबसे ज्यादा दलित आदिवासी समुदाय के सरपंचों और प्रधानों को उठाना पड़ता है, क्योंकि पहले तो उन्हें गांव के दबंगो और ऊंची जाती के लोगों से लड़ना पड़ता है, किसी तरह उनसे पार पा भी जाएं तो फिर उन्हें प्रशासनिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस मसले पर आप क्या सोचते हैं? क्या मनरेगा नागरिकों की इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम हो पाएगी?

भारत का आम समाज अक्सर सरकारी सेवाओं की शिकायत करता रहता है, सरकारी सेवाओं की इन आलोचनाओं के पक्ष में आम लोगों सहित तमाम बड़े बड़े अर्थशास्त्रियों तक का मानना है कि खुले बाजार से किसी भी क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों में कंपटीशन बढ़ेगा जो आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देगा। इस एक तर्क के सहारे सरकार ने सभी सेवाओं को बाजार के हवाले पर छोड़ दिया, इसमें जिन सेवाओं पर इसका सबसे ज्यादा असर हुआ वे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर पड़ा है। इसका खामियाजा गरीब, मजदूर और आम लोगों को भुगतना पड़ता है।

Transcript Unavailable.

नमस्कार दोस्तों, मोबाइल वाणी पर आपका स्वागत है। तेज़ रफ्तार वक्त और इस मशीनी युग में जब हर वस्तु और सेवा ऑनलाइन जा रही हो उस समय हमारे समाज के पारंपरिक सदस्य जैसे पिछड़ और कई बार बिछड़ जाते हैं। ये सदस्य हैं हमारे बढ़ई, मिस्त्री, शिल्पकार और कारीगर। जिन्हें आजकल जीवन यापन करने में बहुत परेशानी हो रही है। ऐसे में भारत सरकार इन नागरिकों के लिए एक अहम योजना लेकर आई है ताकि ये अपने हुनर को और तराश सकें, अपने काम के लिए इस्तेमाल होने वाले ज़रूरी सामान और औजार ले सकें। आज हम आपको भारत सरकार की विश्वकर्मा योजना के बारे में बताने जा रहे हैं। तो हमें बताइए कि आपको कैसी लगी ये योजना और क्या आप इसका लाभ उठाना चाहते हैं। मोबाइल वाणी पर आकर कहिए अगर आप इस बारे में कोई और जानकारी भी चाहते हैं। हम आपका मार्गदर्शन जरूर करेंगे। ऐसी ही और जानकारियों के लिए सुनते रहिए मोबाइल वाणी,

Transcript Unavailable.

जैसा कि मैं ग्राम प्रधान भाजपा सदस्य ग्राम लोनयासा पंचायत कुपहर पासन सर जिला दिवस से बोल रहा हूं , मैं कहता हूं कि हाल ही में हुए नगरपालिका चुनावों के लिए आचार संहिता लागू होने के बाद सदाधिकार के लोग अब हम मक्खी की ओर लूट रहे हैं , इसलिए मैं एक नमूना प्रस्तुत कर रहा हूं कि देववर जिले के सभी गरीब लोग जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सार्वजनिक वितरण दुकानदार हैं । उन्होंने अत्याचार शुरू कर दिए हैं और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से , वे चावल के वितरण में लोगों को लगातार गुमराह कर रहे हैं और गाँव जाकर बहुत चावल देकर उन्हें परेशान कर रहे हैं । पिंटले में दस किलोग्राम की कटौती की जाती है , यह व्यवसाय वह दस साल से कर रहे हैं , कोई भी इस पर अंकुश नहीं लगा पाया है और मोदी जी कहते हैं कि अगर हम इसे बचा रहे हैं , तो भी हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं और उनका शोषण और उत्पीड़न किया जाता है , इसलिए यह देवघर जिले का कोई है । जी . एस . को देवर ब्लॉक पर छापा मारने के लिए कहें और शरत ब्लॉक में उन्हें धन्यवाद दें ।

Transcript Unavailable.

purane toun holl ka v hoga sundari karan