झारखण्ड राज्य से जेएम रंगीला की बातचीत झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से हरेन्दर कुमार महतो से हुई। हरेन्दर कुमार महतो ने बताया कि वर्ष 1984 में उनकी 25 एकड़ ज़मीन सीसीएल द्वारा ले ली गई। उन्हें 1.5 एकड़ तक नौकरी देने का प्रावधान है। उनके परिवार में कुछ लोगों को नौकरी मिली है। हरेन्दर जी का नियुक्ति पत्र 1994 से सीसीएल द्वारा रोक कर रखा गया है इस कारण अभी वो बेरोज़गार है । खदान होने के कारण उनकी भूमि भी बेकार पड़ी है। पानी के अभाव हो जाने के कारण वो खेती करने में भी असमर्थ है। चूँकि वो किसानों की बड़ी जाति में आते है इसलिए उनका राशन कार्ड भी नहीं बना है। अब जब लॉक डाउन हो चुका है तो उनका परिवार भुखमरी के कगार पर आ चुका है। सीसीएल द्वारा कोई भी सहायता नहीं मिल रही

सर्वेश तिवारी, गिरिडीह, झारखंड। धनबाद जिले के दंडाधिकारी श्री राज महेश्वरम ने आदेश जारी किया है कि धनबाद जिले में विदेश यात्रा से लौटे सभी नागरिक अपने संबंधित थाना को सूचित करने तथा अपनी चिकित्सीय जांच करा ले। ऐसे सभी नागरिक जो विदेश यात्रा कर लौटे हैं तथा जिले में जहां भी रह रहे हैं अपने बारे में जानकारी दें।उन्होंने कहा कि उनके बारे में सूचना नहीं देने वालों के विरुद्ध disaster act और IPC के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सर्वेश तिवारी, गिरिडीह, झारखंड। अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ जिला इकाई कोडरमा ने अपने सभी प्रखंडों में जरूरतमंद लोगों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण कार्यक्रम चलाया।इस सिलसिले में आज जिले के आदिवासी बहुल गांव जियो राय डीह के लोगों आदिवासी भाइयों बहनों माताओं के बीच राशन सामग्री का वितरण किया और रोज खाने वाले लोगों के लिए लोन के चलते हुई परेशानी को कम करने का एक सफल प्रयास किया। कार्यक्रम का आयोजन जिला महासचिव महेश वर्मा ने किया।

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झारखंड में कोरो ना वायरस संक्रमण का तीसरा मामला तबलीगी जमात से जुड़ा है। यह बात सामने आ रही है। बोकारो के तेलो से मिली संक्रमित महिला बांग्लादेश से तबलीगी जमात में शामिल होकर 15 मार्च को भारत लौटी थी। खबर है कि तीन दंपति तबलीगी जमात में शामिल होने बांग्लादेश के ढाका गए थे। महिला तबलीगी जमात से जुड़ी हुई है। वह कुछ दिनों पूर्व बांग्लादेश से लौटी है। बांग्लादेश में कुछ दिनों पूर्व तबलीगी जमात का सम्मेलन हुआ था। जिसमें 6 लोग बोकारो जिले के चंद्रपुरा से तथा तीन व्यक्ति चंदनक्यारी से गए थे। बोकारो जिले के उपायुक्त मुकेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है।

झारखण्ड राज्य से जेएम रंगीला की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रोहन गंजु से हुई। ज़िला बोकारो निवासी रोहन ने बताया कि वो दैनिक मज़दूरी का कार्य करते है। अभी लॉक डाउन के समय काम नहीं मिल रहा है तो उन्हें खाने को लेकर परेशानी हो रही है। एक समय का खाना खाते है तो एक समय का भोजन नसीब नहीं होता। ऐसे ही कई दैनिक मज़दूर परेशान है

झारखण्ड राज्य से मिथिलेश वर्मन की बातचीत झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से महेंद्र से हुई। महेंद्र ने बताया कि वो कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्य करते है। लॉक डाउन के कारण काम बंद हो गया है। उनके परिवार में अकेले वो ही कमाने वाले व्यक्ति है। खाने पाने की परेशनी हो रही है। सरकारी स्तर से कोई सहायता नहीं मिली।राशन सम्बन्धी शिकायत दर्ज़ करने हेतु झारखंड सरकार द्वारा ज़ारी किया गया टोलफ्री नंबर पर कॉल किए तो किसी ने रिसीव नहीं किया। उन्होंने कई बार नंबर में डायल किए पर कुछ असर नहीं पड़ा। उन्हें जरूरत की समान नहीं मिल पा रहा है। मुख्य सामान ही मिल पा रहे है दूकानदार द्वारा उधारी में ,अन्य सामान नहीं मिल रहा है। उन्होंने पशुओं को भी चारा देने में समस्या आ रही है। दूकान से भी चारा नहीं पा रहा है

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झारखंड राज्य से हमारे संवाददाता की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हज़ारीबाग निवासी मिथिलेश कुमार से हुई। मिथिलेश कुमार ने कहा कि कोरोना महामारी से देश की अर्थव्यवस्था तेज़ी से गिर रहा है। साथ ही अचानक हुए लॉक डाउन से ग़रीब व दैनिक कर्मचारियों को आर्थिक तंगी हो गई हैं। पहले सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था कर लॉक डाउन का आदेश ज़ारी करना चाहिए था। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी ख़बर