झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के जरीडीह से शिव नारायण महतो मोबाइल वाणी पर चलाये जा रहे कार्यक्रम 'मेरा मुखिया कैसा हो' के तहत सुरेश कुमार महतो से बातचीत कर रहे हैं। इस विषय पर सुरेश कुमार ने बताया कि मुखिया पढ़ा-लिखा शिक्षित होना चाहिए जो गरीबों का भला कर सके

झारखंड राज्य के बोकारो जिला के जरीडीह प्रखंड से शिव नारायण महतो और इनके साथ सनातन महतो हैं वे मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि मुखिया ऐसा होना चाहिए जो कानून की जानकारी रखता हो,सरकारी योजनाओं के बारे में जानता हो तथा जो जनता की सेवा में हर समय उपस्थित रहे।

झारखंड राज्य के बोकारो जिला के जरीडीह प्रखंड से शिव नारायण महतो और इनके साथ रंगलाल महतो हैं वे मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि गाँव के विकास के लिए एक ऐसे मुखिया को चुना जाए तो शिक्षित हो। जो सभी को एक साथ ले कर चले चाहे वह मजदूरों की समस्या हो या आम जनता की। साथ ही कहते हैं कि जनता अपनी बात बिना कोई झिझक के ग्राम सभा में ही रख पाती है इसलिए मुखिया को ग्राम सभा अवश्य करवाना चाहिए

झारखंड राज्य के बोकारो जिला के नावाडीह प्रखंड निवासी जे.एम रंगीला और इनके साथ साहिबगंज जिला बीड़ी श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद इकबाल हैं वे झारखंड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि बीड़ी श्रमिकों कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उसे सही ढंग से रोजगार और मजदूरी नहीं मिलता है। साथ ही बीड़ी श्रमिकों को श्रमिक कार्ड बनवाने में भी दिक्कत होती है। जबकि पाकुड़ एवं साहेबगंज जिले में चार लाख बीड़ी श्रमिक है वे कई इलाके में कार्य करते हैं। एक बीड़ी मोबाइल सेंटर है जो कई -कई दिनों तक बंद रहता है वहां डॉक्टर भी नहीं आते हैं। जिस कारण मजदूरों का कार्ड नहीं बन पाता है। यदि कोई मजदुर बीमार पड़ जाता है या उन्हें कोई गहरी बीमारी हो जाती है तो उनके पास निःशुल्क इलाज करवाने का कोई साधन नहीं रहता है

झारखंड राज्य के बोकारो ज़िला के जरीडीह प्रखंड से शिव नारायण महतो झारखंड मोबाइल वाणी के माध्यम से जरीडीह प्रखंड के एक ग्रामीण सुरेंद्र नाथ महतो से कार्यक्रम 'मेरा मुखिया कैसा हो' के तहत वार्ता कर रहे हैं।सुरेंद्र नाथ महतो ने बताया कि झारखण्ड बनने के बाद एवं दो बार पंचायत चुनाव होने के पश्चात् भी गॉँव में ना ही ट्रांसफार्मर आया और न ही लोगों को वृद्धा पेंशन एवं प्रधानमंत्री आवासीय योजना का लाभ मिला। सुरेंद्र नाथ महतो कहते हैं कि गाँव का मालिक गाँव का मुखिया होता है लेकिन मुखिया ने गाँव के विकास में कोई भी बदलाव नहीं किया। मुखिया को किसी भी प्रकार के झगड़े को सुलझाने की क्षमता होनी चाहिए। गरीब ,असहाय व्यक्ति जो सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं से वंचित हैं उनके लिए मुखिया को आवाज़ उठानी चाहिए। जिससे गाँव के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

झारखंड राज्य के बोकारो जिला के जरीडीह प्रखंड से शिव नारायण महतो और इनके साथ एक ग्रामीण व्यक्ति जिनका नाम गोपाल कुमार है वे झारखंड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि मुखिया ऐसा आए जो पढ़ा लिखा हो, उसे सभी योजनाओं की अच्छी जानकारी हो। कोई भी पंचायत का काम हो उसे अच्छे से करे। योजनाओं के बारे में सभी जनता को अच्छे से समझा कर उससे लाभन्विन्त करे

झारखंड राज्य से हमारे श्रोता गोपाल कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि एक विकसित पंचायत का स्वरूप ऐसा हो जहाँ सभी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंच सके इसके लिए जरुरी है पंचायत में शिक्षित मुखिया का चयन होना। जो ग्रामीणों का साथ हर मुसीबत में दे। साथ ही कह रहे है कि किसी भी सरकारी योजना जिसके बारे गाँव वालों को जानकारी नहीं होती है उसे खुद की ज़िम्मेदारी समझ कर सभी को योजना के बारे बताए तथा लाभुकों को लाभ दिलाने में उनकी मदद करे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ मृत्युंजय धाबडिया ने बताया कि कोविड-19 को लेकर सरकार द्वारा गाइडलाइन जारी किया गया है उस गाइडलाइन के अनुसार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह वैक्सीन नहीं देना है साथ ही साथ जिनको एलर्जी है या गर्भवती माताएं या जो माताएं अपने बच्चों को दूध पिला रही हैं ऐसे लोगों को इस वैक्सीन से दूर रखा गया है बाद में जैसे-जैसे इसके गाइडलाइन आएंगे उसके अनुसार फिर आगे पेश किया जाएगा.

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Jan. 21, 2021, 8:55 p.m. | Location: 10: JH, Ramgarh, Ramgarh | Tags: coal   governance  

झारखण्ड राज्य के पूर्वी सिंघभूम ज़िला के जमशेदपुर के पोटका पंचायत से शिव शंकर ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पोटका के रोलाडीह में दो-दो जल मीनार होते हुए भी ग्रामीणों को एक बूंद पानी नहीं मिल पाया। ग्रामीण पेयजल, गड्ढे का पानी पीने के लिए विवश है। कई बार जनप्रतिनिधियों एवं बीडीओ को लिखित शिकायत दी ,इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुआ।

झारखण्ड राज्य के पूर्वी सिंघभूम ज़िला के जमशेदपुर से शिव शंकर ,झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि जमशेदपुर के पोटका प्रखंड के कई गांव आज जलवायु परिवर्तन के कारण चेचक महामारी की चपेट में है जिसके मद्देनजर सामाजिक संस्था पर्यावरण चेतना केंद्र द्वारा आज स्टॉल लगाकर दवा का वितरण कर रहे हैं। ताकि इसका जल्द से जल्द रोकथाम हो सके



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