प्रचंड गर्मी से अभी निजात नहीं मिल रही है।आसमान से सूर्य की किरणें आग उगल रही है। सुबह 8 बजे से ही घरों से बाहर निकला दुश्वार हो रहा है।गर्मी का सितम इस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है कि लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।घरों में भी बिजली का फैन चलने पर गर्मी से कोई राहत नहीं मिलती दिखती है। लोग दिन में पेड़ की छांव को तलाशते फिर रहे हैं। इस साल की गर्मी पिछले दस साल की रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। जिससे गर्मी लोगों का जीना मुहाल कर दी है। गर्मी के कारण बुधवार को अधिकतम 41.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान में वृद्धि देखी जा रही है। इससे दिन में बाहर निकलने पर पछिया हवा के साथ चल रही हीट वेव शरीर को झुलसा दे रही है। लोग चेहरे को गमछा से ढंककर चल रहे हैं। पर इससे भी राहत के आसार नहीं है। सुबह से रात तक गर्मी का कहर जारी रहने से लोग रात में भी ठीक से नहीं सो पा रहे हैं। मौसम विभाग ने अभी और तापमान में वृद्धि होने को ले अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. नेहा पारीक ने बताया कि तापमान में अभी और वृद्धि की संभावना है।
शहर की हृदयस्थली में अवस्थित मोतीझील अभी भी अतिक्रमण की शिकार है। मोतीझील के किनारे अभी भी अतिक्रमणकारियों ने अवैध रूप से कब्जा जमाया है। मोतीझील में किया गया अतिक्रमण इसके विकास व सौंदर्यीकरण में बाधक बना हुआ है। करीब 300 एकड़ से अधिक में फैले मोतीझील का पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी बहुत ज्यादा महत्व है। लेकिन इसका अतिक्रमण अभी भी शहरवासियों के आंखों में खटक रही है। जबकि इसके विकास की पहल शुरू हो चुकी है। बुडको व नगर निगम के माध्यम से इसके विकास व सौंदर्यीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। मोतीझील के अतिक्रमणकारी किये गये थे चिन्हित वर्ष 2020 में मोतीझील में तत्कालीन डीएम रमन कुमार के कार्यकाल में150 से अधिक अतिक्रमणकारी चिन्हित किये गये थे। श्री कुमार के स्थानांतरण के बाद तत्कालीन डीएम शीर्षत कपिल अशोक के निर्देश पर अतिक्रमण हटाया गया था। तत्कालीन सदर एसडीओ प्रियरंजन राजू के नेतृत्व में करीब महीने भर चलाए गये अभियान में अतिक्रमण हटाया गया। इसके बावजूद कुछ अतिक्रमण का मामला हाईकोर्ट में चले जाने से उसे नहीं हटाया जा सका। जिससे वह मामला अभी भी जस का तस है। अतिक्रमण नहीं हटाये जाने से मोतीझील की आगामी दिनों मेें आनेवाली खूबसुरती में यह बाधक बना हुआ है। शहरवासियों ने अतिक्रमण हटाओ अभियान में किया था सहयोग मोतीझील से अतिक्रमण हटाने में न सिर्फ जिला प्रशासन बल्कि शहरवासियों ने भी सहयोग किया था। जिला प्रशासन के साथ स्थानीय लोगों ने जलकुंभी हटाने में श्रमदान किया था। तब जाकर मोतीझील का लुक बदलने लगा।
सुगौली पुलिस ने चोरी की वाहन के साथ को किया गिरफ्तार,भेजा गया न्यायिक हिरासत में।
सुगौली की महिला एथलीट ने राज्यस्तरीय एथलीट प्रतियोगिता में लंबी कूद में पाया प्रथम स्थान।
सुगौली पुलिस ने 15 लीटर देशी शराब के साथ एक को किया गिरफ्तार,भेजा न्यायिक हिरासत में।
सुगौली भाकपा माले ने केंद्र सरकार के विरोध में 15 जून को होने वाली धरना-प्रदर्शन को लेकर किया बैठक।
सुगौली के भरगांवा में जन सूराज पार्टी ने जन संवाद कार्यक्रम का किया आयोजन।
राज्य के स्कूलों में गर्मी की छुट्टी छह जून से हो जाएगी। अभी तक पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए शत-प्रतिशत किताबें प्रखंडों तक नहीं पहुंच सकी हैं। बिहार राज्य पाठ्य पुस्तक प्रकाशन निगम से मिली जानकारी के अनुसार, कुल लक्ष्य के 78 प्रतिशत बच्चों के लिए किताबों का सेट छापकर प्रखंडों तक पहुंचाया गया है। इनमें से कितने किताबे बच्चों को मिली है इसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। इस तरह 22 प्रतिशत से अधिक बच्चे अब भी नई किताब से वंचित हैं। निगम से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक मात्र चार जिले ऐसे हैं, जहां 100 प्रतिशत किताबों का सेट पहुंच सका है। इनमें अरवल, बांका, सारण और शेखपुरा शामिल है। मालूम हो कि निगम द्वारा किताबों की छपाई कराकर प्रखंडों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रखंड से स्कूलों के शिक्षक किताब प्राप्त कर बच्चों को देते हैं। राज्य में कुल एक करोड़ 27 लाख 84 हजार 880 सेट किताब देने का लक्ष्य है, जिनमें शुक्रवार तक 99 लाख 24 हजार 939 सेट ही प्रखंडों तक पहुंचाए गए हैं, जबकि, छह जून से सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टी होनी है। विभिन्न कक्षा के बच्चों के लिए समर कैंप का भी आयोजन शुरू कर दिया गया है। इसके बाद भी सभी बच्चों तक किताबें नहीं पहुंच सकी हैं। शिक्षा विभाग का निगम को निर्देश है कि शत प्रतिशत किताबें बच्चों तक शीघ्र पहुंचाना सुनिश्चित करें। मालूम हो कि पहली से आठवीं तक के बच्चों को निशुल्क किताबें हर साल दी जाती हैं।
राज्य में सड़क, नहर और नदियों के किनारे पौधे लगेंगे। शुक्रवार को वन, पर्यावरण विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को इसको लेकर सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभाग नीतियों एवं प्राथमिकताओं के आधार पर बेहतर ढंग से कार्य करे और लक्ष्य के अनुरूप और तेजी से पौधरोपण कराए। पौधरोपण के लिए जो कार्ययोजना बनाई गई है उसको ठीक ढंग से कार्यान्वित करें। यही नहीं, उन्होंने पहाड़ी क्षेत्र के निचले भागों में जल संग्रहण के लिए बनी जगहों पर भी पौधरोपण कराने का निर्देश दिया। साथ ही पहले से लगाए गए पौधों के संरक्षण के लिए सभी जरूरी उपाय करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भवनों के परिसर में भी जितना संभव हो पौधरोपण कराएं। सड़क किनारे भी लक्ष्य के अनुरूप तेजी से पौधरोपण कराएं। जिलों में पौधरोपण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें और पौधरोपण के लक्ष्य को प्राप्त करें। मुख्यमंत्री ने 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा की और पौधरोपण अभियान की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।
जिले में प्रचंड गर्मी ने पिछले दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हीट वेब चलने से गर्मी का सितम सिर चढ़कर बोल रहा है। पछुआ हवा के जोर से गर्मी का कहर और बढ़ गया है। शरीर झुलसा देनेवाली गर्मी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। गर्मी का कहर इस कदर बढ़ गया है कि दोपहर में सड़कें सूनी पड़ जा रही है। लोग आवश्यक कार्यवश ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। जिले में शुक्रवार को पारा 40 डिग्री सेल्सियस को फिर पार कर गया। विगत दस साल के अंदर में वर्ष 2015 में जून में अधिकतम तापमान समान यानी 40 से उपर रहा है। विगत साल की तुलना में इस साल 5 डिग्री सेल्सियस अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया है। तापमान में साल दर साल वृद्धि होने से आम लोगों के जनजीवन सहित पशु,पक्षियों व फसलों के जीवन चक्र को तापमान प्रभावित करने लगा है। वर्ष 2014 से 2023 तक यह रहा है अधिकतम तापमान मौसम विभाग पूसा के अनुसार 2 जून को वर्ष 2014 से वर्ष 2023 तक के आंकड़े चौंकानेवाले हैं। वर्ष 2014 में अधिकतम 34.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 26.1 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2015 में अधिकतम 40.3 डिग्री व न्यूनतम 25.2 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2016 में अधिकतम 35.8 डिग्री व न्यूनतम 25.5 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2017 में अधिकतम 36.8 डिग्री व न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2018 में अधिकतम 34 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 24.8 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2019 में अधिकतम 34.5 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 23.5 डिग्री , वर्ष 2020 में अधिकतम 33.9 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 20.4 डिग्री सेल्सियस, वर्ष 2021 में अधिकतम 33.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 21.6 डिग्री सेल्सियस,वर्ष 2022 में अधिकतम 35.6 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 26.3 डिग्री सेल्सियस व वर्ष 2023 में अधिकतम 40.2 डिग्री व न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
