जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर बढ़ रही है। और इसी को ध्यान में रखते हुए जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में सदस्यों के साथ निर्णय के साथ आगामी 17 मई तक जिले में कोरोना कर्फ्यू लागू रहने का निर्णय लिया गया है । शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया की मौजूदगी में जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक के सभी सदस्यों ने यह निर्णय लिया गया है। संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए जिले के सभी राजस्व सीमाएं सील रहेगी। 17 मई की सुबह 6 बजे तक के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जिले में लागू रहेंगे।
जिले में कोरोना की दूसरी लहर की मई के पहले दिन थोड़ी राहत भरी खबर मान जा सकती है। शनिवार को जिले में 24 कोरोना संदिग्धों की मृत्यु हो गई है । इसी के साथ आर्टिफिशियल लैब से उन 49 नये कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई है। वहीं 64 मरीजों कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो गया और उन्हें जिला अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है।
मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बता रहे हैं कि जिले में कोरोना संक्रमण के उपचार में ऑक्सीजन की उपलब्धता अत्यावश्यक है। जिसको ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से संबंधित जिला अस्पताल में मरीजों के लिए निरंतर ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए जिला अस्पताल में स्थापित 13 किलो लीटर क्षमता के प्लांट को लिक्विड ऑक्सीजन से लगातार रिफिल किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बता रहे हैं कि छिंदवाड़ा नागपुर गेट कन्वर्जन के बाद शुरू हुई ट्रेन को अब 1 माह के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं शुक्रवार को इसके रेलवे अधिकारियों के पास आदेश आ गए हैं। 68 दिन तक चली इस ट्रेन को फिलहाल 1 माह के लिए बंद किया गया है। हालांकि नागपुर में बढ़ते कोरोना संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए ट्रेन को बंद करने की मांग उठ रही थी। कई जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने रेलवे अधिकारियों से इस मामले पर चर्चा भी की थी।
जिले में कोरोना संक्रमण का कहर बना हुआ है। अप्रैल के आखिरी दिन में यानी शुक्रवार को भी 28 कोरोना मरीजों की मृत्यु हो गई है। इसी के साथ आर्टिफिशियल आपसे शुक्रवार को 50 नए कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई है। जबकि 47 मरीज स्वस्थ होकर उन्हें जिला अस्पताल से छुट्टी लेकर घर भेज दिया गया है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कॉविड वैक्सीन को लेकर लोगों में का शासन से बना हुआ लोगों को स्वास्थ्य विभाग हो या कई कोरोना योध्दा को उनके द्वारा कोविड वैक्सीन को लेकर समझाइए दी जा रही है। पर जो कोविड वैक्सीन के प्रति जो गलत तथ्य को दूर करने के प्रयास किया जा रहा है ।परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सिंग को लेकर जो भ्रामक जानकारी फैली हुई है ।वह एक चिंता का विषय बना हुआ है ।ग्रामीण के लोग वैक्सीन लेने से बच्चे नजर आ रहे हैं।
बहुत गुणकारी है हल्दी
जिले में गेहूं पार्जन की रफ्तार पकड़ ली है हर दिन 1लाख क्विंटल से ज्यादा गेहूं की खरीद की जा रही है। पिछले 1 महीने से जिले में लगभग 12लाख क्विंटल की गेहूं खरीदी की जा चुकी है। जिले में 1 अप्रैल से गेंहू की खरीद की जा रही है। कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार का असर गेहूं उपार्जन केंद्रों पर देखने को मिला है। उपार्जन की शुरुआती दौर में किसानों ने गेहूं बेचने की रूचि नहीं दिखाई, लेकिन अब किसान खरीदी केंद्र पर बढ़ते ही जा रहे हैं। शुरुआती दौर में खरीद की रफ्तार कम थी। लेकिन हर दिन अब लगभग एक लाख क्विंटल गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है ।जो आगामी 25 मई तक शासन ने खरीदी करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी किसानों को उपार्जन केंद्र में पहुंचने के लिए मोबाइल मैसेज और फोन कॉल के माध्यम से सूचनाएं प्रदान की जा रही हैं।
जिले में एक बार फिर कोरोना से मौत का सिलसिला लगातार जारी है। गुरुवार को तो 34 कोरोना संदिग्धो की मौत हुई है। इसी के साथ में 34 मृतकों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया है । वहीं आर्टिफिशियल लैब जारी रिपोर्ट में 60 नये कोरोना संक्रमितो की पुष्टि हुई है। वही 46 मरीज स्वास्थ्य होकर घर लौटे है।
मध्यप्रदेश राज्य के जिला छिंदवाड़ा से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि कोरोना काल में तीन माह का मुफ्त राशन वितरण में कई राशन दुकानों से गड़बड़ियां सामने आ रही है। शिकायत होने पर राशन की राशि लौटाई जा रही है। गड़बड़ियां सामने आने पर संबंधित द्वारा मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है। दो माह के कोठे में 3 माह का राशन बांटने से कई उपभोक्ताओं को अब राशन आने का इंतजार है।रामाकोना के बाद 2 दिन पूर्व जोबनी के सेवा सहकारी समिति के राशन दुकानों में भी राशन लेने की शिकायत हुई। इसके बाद कुड्डम, रामपेठ, कोपरावाडी, खापा ,नंदुढाना के उपभोक्ताओं ने मौखिक रूप से कहा कि उनसे भी राशन की राशी ली गई। हालांकि उन्होंने इसकी शिकायत नहीं की मुफ्त राशन की राशि वसूलने के मामले में शिकायत होने के बाद वितरक से लेकर संबंधित अधिकारी द्वारा दिए जा रहे बयान विरोधाभासी साबित हो रहे हैं।
