लाडली लक्ष्मी योजना सहित हो रहे अन्य कार्य।

छिंदवाड़ा के मार्गो में कर रहे पैदल भृमण

विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री महोदय द्वारा मेधावी छात्र योजना का लाभ भी मिलना चाहिए।

मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि जिला कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में शुक्रवार को राजस्व समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन ने कहा कि जिले में विभिन्न नवीन निर्माण कार्यों के लिए शासकीय भूमि का आवंटन किया जाना है। राजस्व न्यायालयों में भूमि आवंटन से संबंधित सभी प्रकरणों का निराकरण शीघ्र कराएं। इसी प्रकार सभी अनुविभाग 6 माह से ऊपर के लंबित शेष सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर कराएं। उन्होंने सभी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र के कृषि अधिकारियों के साथ समन्वय बनाते हुए आगामी दिवसों में होने वाले फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन पर पूरी निगरानी रखें। मार्कफेड के नकद सेल प्वाइंट पर भीड़ होने की संभावना रहती है, वहां कानून व्यवस्था बनाए रखें। कृषि अधिकारियों के साथ क्षेत्र का भ्रमण कर देख लें कि प्रत्येक सेंट्रल पॉइंट में कम से कम एक कैश सेल पॉइंट जरूर हो जिससे कृषकों को परेशान न होना पड़े। कहीं नए पॉइंट की मांग हो तो प्रस्ताव भेजें। कलेक्टर श्री सुमन गत दिवस कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे थे। बैठक में कलेक्टर श्री सुमन द्वारा पंजीकृत और निराकृत राजस्व प्रकरणों की अनुविभाग और तहसीलवार समीक्षा करते हुए लगभग 89 प्रतिशत निराकरण पाए जाने पर प्रसन्नता जाहिर की गई और निराकरण का प्रतिशत 90 से ऊपर ले जाने का प्रयास करने के निर्देश दिए गये। उन्होंने बताया कि बंटवारा प्रकरणों के निराकरण में जिला प्रदेश में टॉप 5 में है, इन प्रकरणों में और बेहतर कार्य करते हुए प्रदेश में प्रथम आने का प्रयास करें। उन्होंने राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए पटवारीवार लक्ष्य निर्धारित करने और वसूली पर फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरबीसी 6 (4) के तहत दर्ज प्रकरणों और राशि वितरण की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान के दौरान नक्शा शुध्दिकरण में किए गए कार्य की सराहना करते हुए तहसील पांढुर्णा, छिंदवाड़ा ग्रामीण, परासिया, उमरेठ, अमरवाड़ा, मोहखेड़, चांद और चौरई को पुनः इस कार्य पर फोकस करने और त्रुटि संख्या के अनुसार नक्शा शुध्दिकरण कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सुमन ने निर्देश दिए कि पीएम किसान सम्मान निधि और सीएम किसान कल्याण योजना से संबंधित भू-अभिलेखों की लिंकिंग का शत-प्रतिशत कार्य शीघ्र पूर्ण कराएं। ई-केवाईसी और आधार लिंकिंग के लिए शेष बैंक खातों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने मोबाइल टावरों के लिए भूमि उपयोग के लिए लाइसेंस जारी करने संबंधी आवेदनों का आवश्यक कार्यवाही करते हुए शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि 9 प्रकरणों में टॉवर लगाने हेतु अनुज्ञप्ति जारी की गई है। अभी तक शासकीय भूमि पर टॉवर लगाने के लिए 59 आवेदन मोबाइल टावर ऐप से प्राप्त हुए हैं जो जांच प्रतिवेदन के लिए लंबित हैं तथा एक निजी भूमि से संबंधित आवेदन लंबित है। बैठक में राजस्व विभाग के अन्य बिंदुओं और लंबित सीएम हेल्पलाइन की भी समीक्षा की गई। बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर श्री ओ.पी.सनोडिया, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी सर्वश्री अतुल सिंह, मनोज प्रजापति, आर.आर. पांडे व एम.आर. धुर्वे, संयुक्त कलेक्टर श्री अजीत तिर्की, अधीक्षक भू-अभिलेख श्रीमती स्मृति खंडेलवाल, सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित थे। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।

देवउठनी एकादशी पर काकड़ आरती में सैकड़ो की संख्या में उमड़ा जन सैलाब तीर्थ क्षेत्र रामाकोना बना आकर्षण का केंद्र रामाकोना :- संतो की नगरी पैठण तुल्य श्री तीर्थ क्षेत्र रामाकोना में कार्तिक मास के पावन असवर पर विगत दिनों से काकड़ आरती प्रारंभ है,यह काकड़ आरती का प्रारंभ परम्परानुसार शरदपूर्णिमा के दूसरे दिन से होता है, प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी के अवसर पर काकड़ आरती को भव्य स्वरूप दिया गया। वारकरी सम्प्रदाय से जुड़े हुए बुजुर्ग बताते है कि ग्राम रामाकोना में कन्हान नदी एकनाथ षष्टि महोत्सव को प्रारंभ करने वाले संत हिरामन वाताजी महाराज द्वारा इस काकड़ आरती की शुरुआत की गई इसे लगभग 365 वर्षों से किया जा रहा है। प्रातः 5 बजे ग्राम के बुजुर्ग, युवा, महिलाएं, बालिकाऐ काकड़ आरती में शामिल होने के लिए विट्ठल मंदिर में आते है। विट्ठल मंदिर में भजन मंडलीया उपस्थित होती है, पकवाद, झांज, मंजीरों एवं झंडियो के साथ काकड़ आरती नगर भ्रमण करते हुए सर्वप्रथम संत लीलामृत घाट में गंगा जैसी पवित्र कन्हान नदी के दर्शन करती है ततपश्चात एकनाथ महाराज मंदिर, हनुमान मंदिर, साई मंदिर, माता माँ मंदिर के दर्शन करते है। प्रत्येक मंदिर में सामुहिक काकड़ा जलाकर काकड़ आरती करते है। इसके पश्यात काकड़ आरती भजन मंडलीयो के साथ नगर भ्रमण करते हुए विट्ठल मंदिर पहुँचती है जहाँ उपस्थित महिलाओं, बालिकाओं द्वारा भजनमंडलियों का स्वागत किया जाता है। पुनः विट्ठल मंदिर में सामुहिक काकड़ आरती की जाती है। देवउठनी एकादशी के अवसर पर यह काकड़ आरती में सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज करते है। काकड आरती मे विट्ठल रुखमनी बाल हरिपाठ भजन मंडल ने भगवान विट्ठल की जीवित चलित झांकी निकाली जिसने भी काकड आरती के साथ पुरे ग्राम का भ्रमण किया जगह-जगह चलित झांकी में बने भगवान विट्ठल ने भी सबका मन मोह लिया। चलित झांकी मे कृणाल पातुरकर ने भूमिका निभाई है आकर्षण का केंद्र रही पांडुरंग की रंगोली देवउठनी एकादशी के एक दिवस पूर्व विठ्ठल मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया तो वही ग्राम के डॉक्टर चौहान की पुत्री कुमारी पूजा चौहान द्वारा अपनी कला का प्रदर्शन करने हुए सुंदर सी पांडुरंग की रंगोली बनाई गई जो आकर्षण का केंद्र रही। मंदिर में आने वाला हर महिला, बालिका, युवा रंगोली को देखता एवं अपने मोबाईल में उसे कैद करते हुए मिला। दुल्हन की तरह सजाया गया विठ्ठलरूखमणी का मंदिर श्री तीर्थ क्षेत्र रामाकोना का विट्ठल मंदिर देवउठनी एकादशी के एक दिवस पूर्व षटवा माता मंदिर समिति द्वारा रात में जागकर फूलों,गुब्बारे से सजाया जाता है जो आकर्षण का केंद्र बना हुआ रहता है। दुर्गा कॉलोनी माता मंदिर से भी निकलती है काकड़ आरती ग्राम के वार्ड क्रमांक 17 में दुर्गा कॉलोनी में स्थित दुर्गा माता मंदिर से भी देवरावजी रुंघे के नेतृत्व में काकड़ आरती निकलती है, जगह जगह चाय, कॉफी, दूध, एवं नास्ते की व्यवस्था देवउठनी एकादशी का अधिकतर लोगों को उपवास होता है इसको ध्यान में रखते हुए काकड़ आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए संत लीलामृत घाट में कन्हान नदी महोत्सव समिति द्वारा चाय की व्यवस्था,नाग मंदिर में समिति द्वारा चाय की व्यवस्था, रोजाना दुर्गा कॉलोनी में दुर्गा माता मंदिर में होती है नास्ते की व्यवस्था तो विठ्ठल मंदिर में भी साबूदाना, केले, चाय, दूध की व्यवस्था युवाओ एवं धार्मिक संगठनो द्वारा की जाती है। नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भी पहुँचकर दी अपनी उपस्थिति और की आरती इस वर्ष सैकड़ो संख्या में काकड़ आरती में भक्तगण पहुचे हुए थे और इस क्षेत्र के नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य उपसरपंच, पंचगण पूर्व जनपद पंचायत सदस्य एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर काकड़ आरती में शामिल होकर आरती की गई। संत लीलामृत घाट एवं नाग मंदिर रहे आकर्षण का केंद्र देवउठनी एकादशी के पावन पर्व पर काकड़ आरती में आने वाले भक्तों के स्वागत के लिए मंदिर को आकर्षक सजाया गया था जैसे ही संत लीलामृत घाट में काकड़ आरती पहुँची एक पल के लिए ऐसा अहसाह होने लगा कि पंढरपुर की वारी में सभी शामिल हुए वही नागमन्दिर में भी सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु पहुँचे जिससे मंदिर में आकर्षण बना रहा। *इनका रहा विशेष योगदान* कार्तिकमास में रोजाना चल रही काकड़ आरती में विट्ठल मंदिर भजन मंडल, विट्ठल रुखमनी बाल हरिपाठ भजन मंडल, सठवा माता मंदिर समिति श्री एकनाथ षष्ठी कन्हान नदी महोत्सव समिति का विशेष योगदान, वैसे ही चाय नाश्ता बनाने वाले वासुदेव गुर्वे तथा विशेष तौर पर काकड़ आरती जाने वाले मार्ग सफाई करने के लिए ग्राम पंचायत रामाकोना का विशेष योगदान रहता है।

निरंतर सडको पर आये दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं, जिसके कारण हादसो मे कई लोगों ने आपनी जान तक गवां दी है। साथ ही यातायात के नियमो को अनदेखा कर लोग अंधाधुंध अपनी गाडियों को दौडते है।पर यातायात के नियमो को अनदेखा कर रहे हैं।आज इन्हीं सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता गोपालजी कोठे और छात्र भीमेश्वर ठाकरे ने मोबाइलवाणी के साथ विशेष बातचीत कर जानकारी साझा की।

मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से संजय वढखड़े मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बता रहे हैं कि यह योजना मछुवारों के परिवारों और बच्चों की शिक्षा और देश में गरीबी से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों के लिए भारत सरकार एवं भारतीय जीवन बीमा निगम के द्वारा निर्धरित किया गया है। यह योजना प्रत्येक परिवार को सिर्फ दो के लिये बिना किसी अतिरिक्त लागत एक छात्रवृति हर छमाही ही देय होगी ।

मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से संजय वढखड़े मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बता रहे हैं कि असंगठित क्षेत्रो की श्रमिक महिलाएँ जो मजदूरी करके गरीबी रेखा से जीवन यापन कर रही है और श्रमिक महिलाये गर्भावस्था के समय मजदूरी नहीं कर पाती है। जिसके वजह से उन्हें मजदूरी नहीं मिलती । गर्भवती महिलाओ को गर्भवस्था के समय खाने पीने के लिए उचित भोजन भी नहीं मिल पाता और वह अपनी स्वास्थ्य सम्बन्धी जरूरतों को भी पूरा नहीं कर पाती हैं। इसलिए इन सभी परेशानियों को देखते हुए राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश प्रसूति सहायता योजना 2022 को शुरू किया है। इस योजना के तहत मध्य प्रदेश की सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान किया जा रहा है ।

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मध्यप्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिला से संजय वढखड़े मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बता रहे हैं कि यह योजना सरकार द्वारा इसलिए निकाली गई है, क्योंकि आज के समय में ग्रामीण क्षेत्र में भी कई कन्याए ऐसी है जो किसी कारणवश शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। यह छात्रवृत्ति ₹500 प्रति माह की दर से 10 माह तक प्रतिवर्ष प्रदान की जाती है। गांव की प्रत्येक बालिका जिसने 12वीं कक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की है उनको इस योजना का लाभ प्रदान किया जाता है।