Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

यह भावनाओं के आहत होने का दौर है पता नहीं चलता कब किसकी कौन सी भावना आहत हो जाए इन खिलाड़ियों के ऐसे करने के पीछे का एक कारण बाहुबली नेता के सहयोगी का खेल संघ के अध्यक्ष पद पर चुना जाना है क्या देश की राजनीतिक हस्तांतरण में खेलों में हस्तक्षेप किस रूप में देखते हैं कहां तक जायज लगता है और जिन ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चा जिस तरीके से अपने खेलों के प्रति अपने मेहनत करते हैं उनका खेलों में राजनीतिकरण किस रूप में देखते हैं साथ ही वर्तमान में कुश्ती संघ में हुए चुनाव के बाद में कुछ दिनों बाद उसको निरस्त करना कहां तक सही लगता है क्या चुनाव होने ही और फिर उसे निरस्त करना फिर इसका क्या उचित देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर दो बार धरना प्रदर्शन देने के बाद भी इन राजनेताओं को सरकार के संरक्षण मौन के चलते अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है क्या यह न्याय कितना और लंबा होता जाएगा और अभी हाल ही में इन्होंने अपने पदक को वापस लेने की बात के साथ ही वापस कर दिए हैं पर यह भी किस तरीके से हम देखते हैं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

रेलवे स्टेशन धीमी गति से चल रहा काम, अमृत स्टेशन योजना में हुआ है चयन

भारत के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा एक रिपोर्ट जारी की गई जो की चौंकाने वाली है और आज हमारे साथ एडवोकेट मधुकर गायकवाड सर ने इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया भी साझा की यह रिपोर्ट ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को किस रूप में समाज के सामने रख रही है साथ ही वर्तमान भारत में करीब 6.57 प्रतिशत गांव में ही वरिष्ठ माध्यमिक कक्षा 11वीं और 12वीं या नहीं हायर सेकेंडरी एजुकेशन के लिए स्कूल है देश के करीब 11% गांव ही नवी और दसवीं की पढ़ाई के लिए हाई स्कूल है यदि राज्यवार देखे तो आज भी देश के करीब 10 राज्य ऐसे हैं जहां पर 11 15% से अधिक गांव में कोई स्कूल नहीं है शिक्षा की समानता की बात होते रही है लंबे अरसे से शिक्षा की समानता को लेकर बातें चलती रही है पर यह आंकड़े भैया वह है इन आंकड़ों के माध्यम से 10 राज्यों में शिक्षा की क्या स्थिति है साथ ही पढ़ाई में बेटियों की क्या स्थिति है साथ ही इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासकीय स्तर पर किस तरीके से कार्यों का निष्पादन किया जाए और उसको किस रूप में जमीन स्तर पर उतर जाए ताकि हमारे देश में शिक्षा की समानता को लेकर किया जा रही बातों को धरातल पर उतर जाए और साथ ही बेटियों को पढ़ने को लेकर एक सकारात्मक रूप समाज में लाया जाए जिसके माध्यम से बेटों से कंधों से कंधा मिलाकर बेटियां भी चल सके सरकार ने इस और ध्यान दें और ग्रामीण क्षेत्रों में जो यह रिपोर्ट बता रही है इस पर ध्यान देते हुए कार्य करें ताकि आने वाले दिनों में शिक्षक के स्तर को बेहतर बनाने में हमारे देश की बेटियां भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले और आगे बढ़े साथ ही समझ में जिस तरीके की अवधारणा देखी जाती है उसमें कुछ परिवर्तन भी लाने की आवश्यकता है।

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.

Transcript Unavailable.