रोसरा थाना में पदस्थापित चौकीदार रामचंद्र की आकस्मिक निधन चौकीदारों ने मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित किया
स्नातक द्वितीय खण्ड सत्र 2018-21 परीक्षा की रिजल्ट एक सफ्ताह में प्रकशित किया जाएगा, कॉपियों की मूल्यांकन हो चुकी है, रिजल्ट तैयार किया जा रहा जिसमें एक सफ्ताह समय लग सकता है। जितना जल्द रिजल्ट तैयार हो जाएगा उतना ही जल्द रिजल्ट प्रकाशित कर दिया। जाएगा। इस माह के अंत तक किसी भी दिन रिजल्ट प्रकाशित कर दिया जाएगा।
उत्तर बिहार में आरएसएस कार्यालय का लोकार्पण सर संघ संचालक मोहन भागवत के द्वारा किया गया
आपदा विभाग की ओर से सात दिवसीय ट्रेनिंग का शुरुआत
बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला से त्रिपुरारी झा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मेरा मुखिया कैसा हो इसकी चर्चा रवि कुमार से की गई जिसमे रवि कुमार ने बताया कि मुखिया का उम्मीदवार ऐसा होना चाहिए जो ईद का चाँद न बने जो जमीन से जुड़ा हो जनता से जुड़ा हो और जनता के लिए काम करे । इनका कहना है कि मुखिया को शिक्षित होना चाहिए व राजनीती में युवाओं एवं महिलाओं की भागीदारी ज्यादा से ज्यादा होनी चाहिए ,जब तक राजनिति में अच्छे लोग नहीं आएंगे तब तक पंचायत स्तर का विकास नहीं हो सकता है क्योंकि जो भी चुन कर प्रतिनिधि आते वे सोच कर ही आते है कि मुझे पांच वर्ष में धन अर्जित कर लेना अपने लिए।
समस्तीपुर/खानपुर:-सीएचसी खानपुर में इन दिनों कुछ चिकित्सकों व कर्मियों के बीच तालमेल ठीक नहीं है।आए दिन कुछ न कुछ नोकझोंक व मारपीट जैसी आपसी घटनाएं सामने आती रहती है।बुधवार को भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है।देखते ही देखते प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रमोद कुमार व फार्माशिष्ट अशोक कुमार तांती के बीच नोकझोंक व मारपीट की नौबत आ गई।हालांकि गलती किनकी है यह तो प्रशासन के बीच जांच का विषय है, लेकिन दोनों एक दूसरे पर मारपीट करने का आरोप लगा रहे हैं।इधर प्रभारी का बताना है कि ओपीडी कार्य के निष्पादन के दौरान फार्माशिष्ट आफिस में घुसकर सरकारी कागजात को नुकसान पहुंचाया व मारपीट करने लगा।वहीं फार्माशिष्ट ने बताया कि मेरे पुत्र की शादी 16 फरवरी को है।उसके लिए मैने छुट्टी की मांग की।जिसपर प्रभारी ने छुट्टी देने से इनकार कर दिए.
महंत चरणदेव दास ने कहा कि यह बजट ग्रामीण किसानों के लिए वरदान साबित होगा हर दृष्टिकोण से यह बजट अच्छा है
संविदा कर्मियों के लिए खुशखबरी बिहार के कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला संविदा कर्मी अब 60 सालों तक कर सकते हैं नौकरी
संसद भवन की कैंटीन में सांसदों एवं कर्मचारियों को खाना में अधिक चुकाना पड़ेगा रुपया शाकाहारी खाना एक सौ रुपया में जबकि मांसाहारी खाना की थाली ₹700 में मिलेगा नई कीमत सूची के अनुसार
युवाओं को रोजगार के लिए इस बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया यह देश युवाओं का देश है युवा आयोग जैसे अन्य मुद्दों पर इस बजट में ध्यान नहीं दिया गया
