मजदूरों के संघर्ष की बुलंद आवाज़ कामरेड अखिल गोगोई को बिना शर्त रिहा करने एवं किसानों के मुआवजा के लिए संघर्ष करने वाले किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव पुरुषोत्तम शर्मा को दिल्ली पुलिस द्वारा झूठे मुकदमे मे फंसाने की साजिश के खिलाफ अपने देशव्यापी प्रतिरोध दिवस के तहत शुक्रवार को अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले किसानों ने अपने हाथों में झंडे, बैनर एवं नारे लिखे तख्तियां लेकर मोतीपुर पैक्स के पास प्रतिरोध प्रदर्शन किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने किया तथा राजदेव प्रसाद सिंह, टुनटुन दास, देवन सहनी, श्यामचन्द्र दास, संजय दास, अनिल दास, लाल बहादुर सिंह, बिरेंद्र कुमार, प्रभात रंजन गुप्ता आदि ने सभा को संबोधित किया. बतौर अतिथि भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि किसान-मजदूरों के हित में जो आंदोलन कर रहे हैं, सरकार की कारगुजारियों का पोल खोल रहे हैं, सरकार के तानाशाही, गैर संवैधानिक एवं और लोकतांत्रिक रवैया को उजागर कर रहे हैं, जानबूझकर मोदी सरकार द्वारा वैसे नेताओं की गिरफ्तारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि देश के किसान-मजदूर, छात्र- नौजवान सरकार के तानाशाही के खिलाफ आजादी की आंदोलन की तरह जान देकर भी लड़ाई को मजबूत करेगी. उन्होंने तमाम गिरफ्तार नेताओं को रिहा करने अन्यथा आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। सुनने के लिए ऊपर के ऑडियो पर क्लिक करें।
* रेफरल अस्पताल की लापरवाही ने लिया एक और युवती की जान- सुरेन्द्र * मृतिका के परिजनों से मिलकर ढ़ाढ़स बंधाया माले टीम- प्रभात * लापरवाह चिकित्सक पर कारबाई हो, परिजनों को मिले 4 लाख रू० मुआवजा ताजपुर 14 अगस्त '20 प्रखंड के हरिशंकरपुर बघौनी पंचायत के वार्ड नंबर-13 सिरसिया शनिचरा स्थान निवासी राम बाबू साह की पत्नी नीतू देवी(20) की गुरूवार की रात्री ताजपुर रेफरल अस्पताल के चिकित्सकों की अकर्मण्यता के कारण एक बच्चे को जन्म देने के बाद छटपटा के मर गयी. सुबह 7 बजे अस्पताल लाया गया इस मरीज को और दोपहर 12. 20 बजे एक बच्चे को जन्म दी. प्रसव के बाद रक्तश्राव होता रहा और गैरजिम्मेदार चिकित्सक और कर्मी उसकी हालत जानने की कोशिश तक नहीं की. स्थिति नाजुक होने पर शाम में बोला गया कि इसे प्राइवेट में ले जाइए. फिर डॉ वीरेंद्र कुमार के यहाँ लाया गया जहाँ मरीज की हालात काफी नाजुक थी. डॉक्टर द्वारा जाँच कराने के बाद खून चढ़ाने की बात कहा गया क्योंकि उस समय हेमोग्लोबिन मात्र 5 था. फिर डा० वीरेंद्र कुमार ने रोगी को समस्तीपुर रेफर कर दिया. एलिट सोसाइटी के एक डोनर द्वारा ब्लड दिया गया. मरीज को समस्तीपुर रेफर कर दिया. समस्तीपुर में कोई डॉक्टर उस मरीज को लेने को तैयार नहीं हुआ. मरीज के परिजन हाँथ में ब्लड लेकर इस अस्पताल से उस अस्पताल दौड़ते रहे. अंततः ब्लड चढ़ने से पहले ही उसकी मौत हो गई. ये हाल पत्नी खो चुके रामबाबू साहब ने रोते- विलखने सुनाया. मात्र एक वर्ष पहले ही रामबाबू साह की शादी हुई थी. भाकपा माले की टीम प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, जितेंद्र सहनी के नेतृत्व में मृतिका के परिजनों से मिलकर घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की साथ ही परिजनों को ढ़ाढ़स बंधाया. मौके पर माले नेता सुरेन्द्र ने कहा कि क्या प्रसव पूर्व खून की जाँच नहीं हो सकती थी. प्रसव उपरांत रक्तस्राव को रोकने के उपाय नहीं किये जा सकते थे. मरीज के गंभीर होने के पहले ही उसे रेफर नहीं किया जा सकता था. क्या आंगनबाड़ी केंद्र से प्रसव पूर्व आवश्यक सुविधाएं उसे मिल रही थी. अगर मिल रही थी तो हेमोग्लोबिन का स्तर ऐसा क्यों.कई सारे सवाल हैं जिसका जबाब अस्पताल प्रशासन को देना होगा ताकि भविष्य में कोई और युवती ऐसी हादसा का शिकार न हो सके. माले नेता जितेंद्र सहनी ने मृतिका के परिजनों को 4 लाख रूपये मुआवजा एवं दोषी चिकित्सक एवं कर्मी पर कारबाई करने की मांग की.
* स्वयं सहायता समूह का कर्ज माफ कर समूह के महिलाओं को त्रृणमुक्त करे सरकार- बंदना सिंह * जीविका कार्यकर्ता को न्युनतम पन्द्रह हजार रूपए मासिक मानदेय करो- ऐपवा कोरोना संकट को देखते हुए स्वयं सहायता समूह का कर्ज माफ कर समूह से जुड़ी महिलाओं को सरकार त्रृणमुक्त करे. ऐपवा द्वारा घोषित देशव्यापी त्रृणमुक्त दिवस पर गुरूवार को प्रखंड में मोतीपुर स्थित अपने आवास पर एक दिवसीय धरना सह उपवास कार्यक्रम के दौरान ऐपवा जिलाध्यक्ष बंदना सिंह ने कहा. उन्होने कहा कि करोना के कारण लाॅक डाउन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. इस दौर में गरीबों का रोजगार छिन गया है. खास तौर पर गरीब महिलाओं के पास आमदनी का कोई जरिया नहीं है. गरीब महिलाएं अपने कर्ज कैसे वापस करेंगे. ऐसे समय में सरकार ने जिस राहत की घोषणा कीे उसमें बङे बङे पूंजीपतियों के कर्ज कई तरीके से माफ किये जा रहे हैं. उनका उधार एन पी ए के नाम पर बैंको को सरकार भुगतान कर रही है. पहले भी कई बार पूंजीपतियों का अरबों रूपये का कर्ज माफ होता रहा है लेकिन गरीब महिलाओं का कर्ज अभी तक माफ नहीं किया गया है. हम इस संकट के समय सरकार से मांग करते हैं कि गरीबों का कर्ज कर्ज माफ किया जाये. ऐपवा नेत्री ने कहा कि बिहार में कई प्राईवेट बैंक और माइक्रो फाइनेंस कम्पनीयों महिला समूह बनाकर कर्ज देने और भारी ब्याज समेत किश्त बांधकर वसूलने में लगी है. महिलाओं को पता भी नही होता की कितना ब्याज लिया जा रहा है. कर्ज चुकाने के लिए महिलाएं को दूसरा कर्ज लेना पङता है. सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूहों का गठन महिलाओं को स्वावलंबी बनाने अर्थात रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार की थी लेकिन यह काम नहीं हो रहा है. समूह में शामिल महिलाओं को विशेष ट्रेनिंग देकर समूह के अधार पर या कलस्टर बनाकर रोजगार उपलब्ध कराने और बनाये गये समान को खरीदने की व्यवस्था सरकार को करना चाहिए. जीविका कार्यकर्ता को न्युनतम पन्द्रह हजार रूपए मासिक मानदेय देने की गारंटी सरकार करे.
मतदाताओं के लिंगानुपात बढ़ाएं बी एल ओ ---गौरी। मतदान केंद्रों पर आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता का भौतिक सत्यापन करें---बी डी ओ। विहार विधानसभा आम निर्वाचन2020 की तैयारी शरू,खानपुर प्रखण्ड मुख्यालय में मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित। खानपुर, प्रखण्ड मुख्यालय स्थित सभागार में आज प्रखण्डाधींन तीन सुपरवाइजर के अधीनस्थ 38 मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारियों की समीक्षात्मक बैठक प्रखंड विकास पदाधिकारी गौरी कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित बी एल ओ एवं सुपरवाइजर को संबोधित करते हुए बी डी ओ ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव हेतु मतदान केंद्र पर आवश्यक आधारभूत संरचनाओं की उपलब्धता की भौतिक सत्यापन कर लें एवं प्रतिवेदन विहित प्रपत्र में तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराएं।साथ ही कम्युनिकेशन प्लान,नज़री नक्सा,सी ए डी एवं की मैप व्यू की तैयारी के साथ साथ मतदाता सूची में लिंगानुपात को बढ़ाया जाय।उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र स्तर पर बी ए जी का गठन करना है ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ सके।उन्होंने प्रखण्डाधींन क्रेटिकल एवं वैद्यता मानचित्र वाले मतदान केंद्रों के बारे में भी जानकारी लिये।उन्होंने मिसिंग मतदाता एवं शारीरिक रूप से अक्षम मतदाताओं की पहचान कर उनके लिए उचित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही। मौके सुपरवाइजर लाल बाबू,दिलीप कुमार राम,रूदल कुमार, सुबोध कुमार साहनी,मंजू कुमारी, रेणु कुमारी, दिनेश कुमार चौधरी, झगरू राम,धनंजय कुमार झा,विद्या कुमारी, बैजू दास राजेन्द्र साहनी ,मो अलि अहमद आदि उपस्थित रहे।
नल जल योजना में गड़बड़ी को लेकर कार्रवाई की मांग समस्तीपुर/मोरवा:-बाजितपुर करनैल पंचायत के ग्राम वासियों ने पंचायत में नल जल योजना में हुई धांधली एवं लाइट योजना सहित पंचायत में विभिन्न योजनाओं की गड़बड़ी की शिकायत करते हुए जिलाधिकारी,उप विकास आयुक्त एवं वीडिओ से जांचोपरांत कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा अधिकारियों को दिए गये ज्ञापन में एक सौ से अधिक ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किया है। दूसरी और मुखिया प्रतिनिधि राजन कुमार के द्वारा आरोपों को निराधार बताते हुए नल जल योजना में मुखिया के कहीं से भी किसी तरह का जिम्मेवार नहीं होना बताया है।
बाढ़ पीड़ित विस्थापितों में पेयजल के लिए हाहाकार समस्तीपुर/मोरवा:- प्रखंड के चक सिकंदर पंचायत के बाढ़ पीड़ित विस्थापितों में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। स्थिति खरबन टोले में बीस से पच्चीस विस्थापित परिवारों को पेयजल के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की भारी कठिनाइयों के कारण नल जल योजना का पानी समय पर नहीं मिल पाता है। बाढ़ के कारण नल जल योजना के पाइप भी टूट चुके हैं। माल मवेशी तो नदी तालाब का पानी भी पी लेते हैं, लेकिन विस्थापितों को पीने का पानी लाने के लिए कई किलोमीटर दूर चारों ओर से घिरे पानी में, भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मुखिया शिव दयाल सहनी ने अंचल प्रशासन को इसकी सूचना देकर अति शीघ्र चापाकल की व्यवस्था कराने की मांग की है।
नून नदी बाढ़ के कारण करोड़ों की मछलियां हुईं लापता समस्तीपुर/मोरवा:- प्रखंड में नून नदी में आयी अप्रत्याशित बाढ़ के कारण करोड़ों कीमत की मछलियां लापता हो गईं हैं। फलस्वरूप मोरवा प्रखंड के दर्जनाधिक मत्स्यपालकों में हताशा छा गई है।सहित संपूर्ण क्षेत्र के दर्जनों मत्स्य पालकों की करोड़ों की मछलियां बाढ़ की तेज धारा के कारण तालाबों से लापता हो जाने से करोड़ों रुपए का घाटा हो गया है। मत्स्य पालकों द्वारा महंगे कीमत पर मछलियों की हाइब्रिड बीज खरीद कर बड़े अरमानों से तालाबों में मछली पालन किया था। नून नदी मे आई भारी बाढ़ की तेज धार के कारण बाढ़ का पानी आसपास के सारे तालाबों को भरता हुआ चला गया। जिसके कारण तालाबों से सारी मछलियां निकल कर चली गई। इसके कारण क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक मत्स्य पालकों की करोड़ों की मछलियां लापता हो जाने से पूरी तरह हताशा एवं मायूसी छा गई है।मोरवा विधायक ने इसकी जानकारी, जिलाधिकारी को देते हुए मत्स्य पालकों को भी क्षतिपूर्ति एवं राहत दिलाने का आग्रह किया है।
बाढ़ पीड़ितों में समाजसेवी ने किया राहत वितरण
एसएलसी के लिए छात्राओं ने किया हंगामा,
पूर्व प्रमुख उमेश कुमार राम वीआइपी पार्टी में हुए शामिल : शंकर चौधरी
