* रेफरल अस्पताल की लापरवाही ने लिया एक और युवती की जान- सुरेन्द्र * मृतिका के परिजनों से मिलकर ढ़ाढ़स बंधाया माले टीम- प्रभात * लापरवाह चिकित्सक पर कारबाई हो, परिजनों को मिले 4 लाख रू० मुआवजा ताजपुर 14 अगस्त '20 प्रखंड के हरिशंकरपुर बघौनी पंचायत के वार्ड नंबर-13 सिरसिया शनिचरा स्थान निवासी राम बाबू साह की पत्नी नीतू देवी(20) की गुरूवार की रात्री ताजपुर रेफरल अस्पताल के चिकित्सकों की अकर्मण्यता के कारण एक बच्चे को जन्म देने के बाद छटपटा के मर गयी. सुबह 7 बजे अस्पताल लाया गया इस मरीज को और दोपहर 12. 20 बजे एक बच्चे को जन्म दी. प्रसव के बाद रक्तश्राव होता रहा और गैरजिम्मेदार चिकित्सक और कर्मी उसकी हालत जानने की कोशिश तक नहीं की. स्थिति नाजुक होने पर शाम में बोला गया कि इसे प्राइवेट में ले जाइए. फिर डॉ वीरेंद्र कुमार के यहाँ लाया गया जहाँ मरीज की हालात काफी नाजुक थी. डॉक्टर द्वारा जाँच कराने के बाद खून चढ़ाने की बात कहा गया क्योंकि उस समय हेमोग्लोबिन मात्र 5 था. फिर डा० वीरेंद्र कुमार ने रोगी को समस्तीपुर रेफर कर दिया. एलिट सोसाइटी के एक डोनर द्वारा ब्लड दिया गया. मरीज को समस्तीपुर रेफर कर दिया. समस्तीपुर में कोई डॉक्टर उस मरीज को लेने को तैयार नहीं हुआ. मरीज के परिजन हाँथ में ब्लड लेकर इस अस्पताल से उस अस्पताल दौड़ते रहे. अंततः ब्लड चढ़ने से पहले ही उसकी मौत हो गई. ये हाल पत्नी खो चुके रामबाबू साहब ने रोते- विलखने सुनाया. मात्र एक वर्ष पहले ही रामबाबू साह की शादी हुई थी. भाकपा माले की टीम प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता, जितेंद्र सहनी के नेतृत्व में मृतिका के परिजनों से मिलकर घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की साथ ही परिजनों को ढ़ाढ़स बंधाया. मौके पर माले नेता सुरेन्द्र ने कहा कि क्या प्रसव पूर्व खून की जाँच नहीं हो सकती थी. प्रसव उपरांत रक्तस्राव को रोकने के उपाय नहीं किये जा सकते थे. मरीज के गंभीर होने के पहले ही उसे रेफर नहीं किया जा सकता था. क्या आंगनबाड़ी केंद्र से प्रसव पूर्व आवश्यक सुविधाएं उसे मिल रही थी. अगर मिल रही थी तो हेमोग्लोबिन का स्तर ऐसा क्यों.कई सारे सवाल हैं जिसका जबाब अस्पताल प्रशासन को देना होगा ताकि भविष्य में कोई और युवती ऐसी हादसा का शिकार न हो सके. माले नेता जितेंद्र सहनी ने मृतिका के परिजनों को 4 लाख रूपये मुआवजा एवं दोषी चिकित्सक एवं कर्मी पर कारबाई करने की मांग की.
