विशेष उत्पाद अधिनियम द्वितीय न्यायालय के विशेष न्यायाधीश राकेश कुमार ने स्प्रिट बरामदगी मामले में दोषी पाते हुए नामजद अभियुक्त को दस वर्षो का सश्रम कारावास व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा संग्रामपुर थाना के नरूलहा निवासी स्वर्गीय रामदेव सिंह के पुत्र दिनेश सिंह को हुई। मामले में उत्पाद पुलिस ने कांड संख्या-120/2020 धारा 30 ए दर्ज कराते हुए दिनेश सिंह को नामजद किया था। जिसमें कहा था कि 20 फरवरी 20 को अभियुक्त के घर छापेमारी की गई। उसके घर से 8600 लीटर अवैध स्प्रिट बरामद किया गया। वाद संख्या- 4945/2020 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक उत्पाद कामाख्या नारायण सिंह ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर अभियोजन पक्ष रखा।

हरसिद्धि थाना क्षेत्र के हरपुर राय पंचायत के अहीरगांवा गांव में एक 20वर्षीय युवती चांदनी कुमारी की हत्या पीट-पीटकर कर दिए जाने तथा उसके शव को जला देने का मामला प्रकाश में आया है। थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाया गया कि दो चार व्यक्ति बांस बल्ला के सहारे लटका कर अंतिम संस्कार के लिए उसे ले जा रहे हैं ।

राज्य सरकार प्रदेश में अल्प वृष्टि, बाढ़ आदि से खरीफ फसलों के संभावित नुकसान की भरपाई के लिए इस वर्ष बीज वितरण पर 50 करोड़ रुपए खर्च करेगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गयी। बैठक में 9 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने सहमति प्रदान की। कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में अनियमित मानसून, बाढ़, सूखा जैसी स्थिति में खरीफ 2023 में आकस्मिक फसल योजना अंतर्गत बीज वितरण के लिए मंत्रिमंडल ने 50 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। राशि से किसानों को वैकल्पिक फसल उत्पादन के लिए मुफ्त बीज मुहैया कराए जाएंगे। आकस्मिक फसल योजना से प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सकेगा। किसानों का वैकल्पिक फसल उत्पादित होगा, जिससे वे प्रतिकूल मौसम से अप्रभावित रहेंगे और उनका नुकसान भी कम होगा। किसानों को धान (प्रमाणित), मक्का (संकर), अरहर, उड़द, तोरिया, सरसों (अगात), मटर (अगात), भिंडी, मूली, कुल्थी, मड़ुआ, सांबा, कोदो, ज्वार, बरसीम के 41 हजार 82 क्विंटल बीज वितरित किए जाएंगे

राज्य के अनुदानित डिग्री कॉलेजों में वर्ष 2008 के बाद नियुक्त शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को भी अनुदान की राशि से वेतन का भुगतान होगा। राज्यभर से इस संबंध में आ रही शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने इसे स्पष्ट किया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. रेखा कुमारी ने बताया कि कई कॉलेज प्रबंधन द्वारा 2008 के बाद नियुक्त होने वालों को अनुदान की राशि नहीं दिये जाने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसको लेकर जल्द ही विश्वविद्यालयों के संबंधित पदाधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी, ताकि भ्रम की स्थिति नहीं रहे और नियमानुसार नियुक्त सभी को अनुदान राशि का भुगतान हो। इस संबंध में विभाग ने कहा कि स्वीकृत पदों पर विधिवत रूप से नियुक्त सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को अनुदान की राशि से वेतन भुगतान कॉलेज प्रबंधन को अनिवार्य रूप से करना है। बशर्ते जिस शैक्षणिक सत्र के लिए अनुदान की राशि सरकार द्वारा दी जा रही है, उस दौरान वह शिक्षक-कर्मी कार्यरत थे। विभागीय पदाधिकारी बताते हैं कि 2008 में वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त कर कॉलेजों को विद्यार्थियों के प्रदर्शन के आधार पर अनुदान देने की व्यवस्था शुरू हुई। शैक्षणिक सत्र वर्ष 2005-08 के लिए पहली बार अनुदान जारी हुआ। इसके पहले कॉलेज सेवा आयोग के माध्यम से इन कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति होती थी। अप्रैल, 2007 में कॉलेज सेवा आयोग भंग कर इसकी जगह विश्वविद्यालय चयन समिति को यह जिम्मेदारी दी गई। अगस्त, 2013 को इसमें फिर संशोधन हुआ और कॉलेज स्तर पर गठित समिति के माध्यम से चयन का नियम बना। पर, सरकार ने कभी यह नहीं कहा कि नवनियुक्त को अनुदान नहीं मिलेगा। पर, कई कॉलेज प्रबंधन मनमानी कर रहे हैं और वेतन भुगतान नहीं कर रहे। मालूम हो कि राज्य में 225 अनुदानित डिग्री कॉलेज हैं, जिनमें दस हजार से अधिक शिक्षक-कर्मचारी कार्यरत हैं।

बिहार के जिलों में जिन पंचायतों का जलस्तर पचास फीट से नीचे चला गया है, वहां आहर-पोखर बनेंगे। पुराने आहर का जीर्णोद्धार होगा। अवरोधक बनाकर वहां जल संरक्षण का काम किया जाएगा ताकि मिट्टी की नमी बरकरार रहे। इससे फसलों का उत्पादन बढ़ेंगे। कृषि विभाग ने इसके लिए करीब 46 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि से दक्षिण बिहार के 17 जिलों में 389 साद अवरोधक, 1610 आहर का जीर्णोद्धार, 201 मेड़बंदी, 270 चेक डैम, 479 जल संचयन तालाब, 292 फार्म तालाब बनाए जाएंगे। इसके अलावा 110 हेक्टेयर में भूमि समतलीकरण का कार्य कराया जाएगा। सामुदायिक स्थलों पर निर्माण या जीर्णोद्धार कराने पर सरकार की ओर से सौ फीसदी अनुदान दिया जाएगा। निजी भूमि पर 90 फीसदी अनुदान मिलेगा। जल संरक्षण के उपाय होने से इन जिलों में भूमि संरक्षण का काम भी होगा। इससे जल की बर्बादी रुकेगी। वहां की मिट्टी में नमी बरकरार रहेगी। इसका फायदा किसानों को खेती में मिलेगा। इन 17 जिलों में बारिश की कमी रहती है।

भारत सरकार द्वारा अधिसूचना के माध्यम से 14 प्रकार के कंपोजीशन युक्त दवाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस प्रकार की दवाओं में ब्रोमेक्ससीन, सालबुटामोल, क्लोराफेनारामाइन, कोडिन आदि से संबंधित संयुक्त मिश्रण की दवाएं शामिल हैं। ड्रग इंस्पेक्टर विकास शिरोमणि ने बताया कि इन दवाओं पर प्रतिबन्ध लगाने के लिये उनके ओर देश के ड्रग इंस्पेक्टरों के द्वारा भारत सरकार को भेजे गए रिपोर्ट की जांच पड़ताल कर निर्णय लिया गया है। भारत सरकार के निर्देश के आलोक में जिला के सभी दवा दुकानदार होल सेलर को दवा कम्पनी को लौटा देने का निर्देश जिला ड्रग कार्यालय से भेज दिया गया है। यह दवाएं मानव के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। जांच उपरांत भारत सरकार ने दवाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया। अधिसूचना के आलोक में दवा व्यापारियों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। भारत सरकार और ड्रग इंस्पेक्टर के निर्देशों के पालन के लिए दवा व्यापारियों द्वारा इन सभी उत्पादों को रैक से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला संगठन के अध्यक्ष अशफाक करीम और सचिव ध्रुवदेव नारायण सिंह ने बताया कि अधिसूचना का अक्षरस पालन किया जाएगा, लेकिन अनुपालन के लिए सरकार द्वारा समय दिया जाना चाहिए। इसमें हमारी पूंजी फंस जाएगी। इन दवाओं पर लगाया गया है प्रतिबंध निमुस्लाइड पैरासिटामोल डस डिस्प्रेसबएल टेबलेट पर प्रतिबंध लगा है। इसके अलावा अमोक्सीसिलिन व ब्रोम्हेक्सिन के सभी प्रकार के उत्पाद फोल्कोडाइन व प्रोमेथाजिन के सभी प्रकार के उत्पाद, क्लोरफेनीरामिन व डेक्सट्रोमेथोरफन, गुआइआफेनीसिन, मेंथोल, क्लोरफेनीरामिन व कोडीन के सभी उत्पाद, अमोनियम क्लोराइड व ब्रोम् हेक्सिन के सभी प्रकार के उत्पाद, ब्रोम्हेक्सिन, डेक्सट्रोमेथोरफन, अमोनियमक्लोराइड व मेंथोल के सभी उत्पाद, डेक्सट्रोमेथोरफन, क्लोरफेनीरामिन, गुआइआफेनीसिन व अमोनियम क्लोराइड के सभी उत्पाद, पेरासिटामोल, ब्रोम्हेक्सिन, फिनाइलइ़फरीन, क्लोरफेनीरामिन व गुआइआफेनीसिन के सभी उत्पाद, सालबूटामोल व ब्रोम्हेक्सिन के सभी उत्पाद, क्लोरफेनीरामिन, कोडीन व मेंथोल के सभी उत्पाद,फेनीटोइन व फेनोबारबिटोन के सभी उत्पाद, अमोनियम क्लोराइड, सोडियम सीट्रेट व मेंथोल सहित सालबूटामोल, ईटोफायलीन व ब्रोम्हेक्सिन के सभी उत्पाद पर प्रतिबंध लगा है।

प्रचंड गर्मी से भूगर्भ जलस्तर में भारी गिरावट आयी है। जलस्तर में गिरावट से चापकल तक सूखने लगे हैं। चापाकल सूखने से पेयजल निकालने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। भूगर्भ जलस्तर नीचे जाने से मोटरपंप से पानी चढ़ाने में लोगों की परेशानी बढ़ गयी है। पहले की तुलना में अधिक समय तक मोटरपंप चलाने पर पानी टंकी भर रही है। विगत चार पांच दिनों से चापाकल से पानी का लेवल नीचे जाने की समस्या खड़ी हो रही है। बारिश नहीं हुई तो गिरते जलस्तर से जिले में जलसंकट गहराने के आसार बढ़ गये हैं। पीएचईडी मोतिहारी के आंकड़े के अनुसार भीषण गर्मी से मोतिहारी प्रखंड में 31 मई को भूगर्भ जलस्तर में सर्वाधिक 18.8 फुट गिरावट दर्ज की गयी है। इस तरह विगत तीन माह में 3.6 फुट भूगर्भ जलस्तर में कमी आयी है। विगत 28 फरवरी को मोतिहारी प्रखंड में भूगर्भ जलस्तर 15.2 फुट दर्ज किया गया था। इसके अलावा अरेराज में 10.6 फुट, केसरिया व संग्रामपुर में 8.11-8.11 फुट, पहाड़पुर में 15.4 फुट,रक्सौल में 14.3 फुट, रामगढ़वा में 15.6 फुट, सुगौली में 14.3 फुट,कल्याणपुर 13.11 फुट,कोटवा 15.11 फुट, बंजरिया 12.1 फुट,पीपराकोठी 12.10 फुट,तुरकौलिया 14 फुट, हरसिद्धि 13.5 फुट,छौड़ादानो 12.10 फुट, आदापुर 13.5 फुट, घोड़ासहन 15.7 फुट, बनकटवा 15.7 फुट, ढाका 14.5 फुट,पताही 14.6 फुट, चिरैया 17 फुट, पकड़ीदयाल 13.7 फुट, चकिया 13.4 फुट,मधुबन 13.6 फुट, मेहसी 12.11 फुट,फेनहारा 15 फुट व तेतरिया प्रखंड में 11.2 फुट भूगर्भ जलस्तर में गिरावट दर्ज की गयी है। इधर पीएचईडी के सहायक अभियंता ई जोबैर आलम ने बताया कि गर्मी के कारण भूगर्भ जलस्तर में गिरावट आयी है। सभी प्रखंडों में भूगर्भ जलस्तर की जांच कराने पर यह समस्या देखी जा रही है।

जिले में हीट वेब के कहर से 41 डिग्री सेल्सियस से उपर पारा पहुंच गया है। प्रचंड गर्मी सिर चढ़कर बोल रही है। सुबह से शाम तक भीषण गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। प्रतिदिन गर्मी का तेवर बढ़ते जा रहा है। भीषण गर्मी के प्रकोप से लोग आवश्यक कार्यवश की घरों से बाहर निकल रहे हैं। सूर्योदय के बाद से ही सूर्य आग उगलना शुरू कर दे रहा है। जिससे लोगों को गर्मी से भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। मौसम विभाग ने 11 जून तक प्रचंड गर्मी का कहर जारी रहने के लिए अलर्ट जारी किया है। संभावना है कि अगले पांच छह दिनों में 43 डिग्री सेल्सियस तक पारा पहुंच सकता है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। भीषण गर्मी के प्रकोप से दोपहर में आवागमन कम होने से सड़कें वीरान हो जा रही है। बुर्जुग लोगों का कहना है कि विगत दस साल के अंदर इतनी प्रचंड गर्मी नहीं पड़ी थी। लोगों का मानना है कि गर्मी का कहर ऐसा ही रहा तो आगामी दिनों में जनजीवन और प्रभावित हो सकता है। इधर मौसम वैज्ञानिक डॉ. नेहा पारीक ने बताया कि अभी गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। मानसून आने के बाद भीषण गर्मी से निजात मिलने की संभावना है।

जिले के आठ पार्क का लुक बदलेगा। टूरिज्म स्पॉट के रूप में इसे विकसित किया जाएगा। पार्क सजाने-संवारने के लिए वन विभाग ने योजना बनायी है। पार्क को आकर्षक व दर्शनीय बनाया जाएगा। लोगों के भ्रमण करने पर यहां विशेष सुविधा की व्यवस्था की जाएगी। पार्क को सुंदर रूप देने के लिए विभाग 4.12 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण करेगा। वन विभाग ने डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। मोतिहारी में सात व अरेराज में एक पार्क का होगा सौंदर्यीकरण मोतिहारी शहर में सात व अरेराज में एक पार्क का सौंदर्यीकरण की योजना बनायी गयी है। मोतिहारी स्थित सत्याग्रह पार्क पर 81 लाख 45 हजार 900 रुपये, विवेकानंद पार्क के लिए 58 लाख 59 हजार 400 रुपये, सुभाष पार्क के लिए 42 लाख 52 हजार 900 रुपये, शास्त्री पार्क के लिए 59 लाख 94 हजार 800 रुपये, अटल पार्क के लिए 18 लाख 83 हजार 800 रुपये,राजेन्द्र पार्क के लिए 60 लाख 58 हजार 500 रुपये व शौर्य स्तम्भ पार्क के लिए 59 लाख 40 हजार 600 रुपये का डीपीआर तैयार किया गया है। अरेराज के चिल्ड्रेन पार्क के लिए 41 लाख 54 हजार 600 सौंदर्यीकरण पर खर्च के लिए डीपीआर तैयार किया गया है। बनेगी बाउंड्री व होगी लाइटिंग व्यवस्था पार्क की चारों तरफ से घेराबंदी रहेगी। गेट का निर्माण होगा। पार्क की सुरक्षा को लेकर पार्क में जहां बाउंड्री नहीं है वहां इसका निर्माण किया जाएगा। लोगों को बैठने के लिए बेंच का निर्माण होगा। पार्क में पेयजल व शौचालय की व्यवस्था की जाएगी। पार्क को सजाने व संवारने में जो भी जरूरत होगी उसे किया जाएगा। बच्चों के खेल के लिए रहेगी व्यवस्था पार्क में बच्चों के खेलने के लिए मुकम्मल व्यवस्था होगी। बच्चों के खेलने के लिए झूला लगेंगे। पार्क में आने पर बच्चें बोर महसूस नहीं करें,इसके लिए खेल कूद की सामग्री की व्यवस्था उपलब्ध करायी जाएगी। पार्क की बेहतर व्यवस्था होने पर लोगों के आने का तांता लगा रहेगा।

लखौरा पुलिस ने बरवा पुल के समीप अपराध की योजना बनाते तीन बदमाशों को दबोच लिया है। गिरफ्तार बदमाशों के पास से देसी पिस्तौल, तीन कारतूस, लोहे का चाकू व बाइक बरामद की गयी है। गिरफ्तार बदमाशों में लखौरा थाना क्षेत्र के गोढ़िया गांव के राजकिशोर कुमार, आदापुर बरवा गांव के धनंजय कुमार व लखौरा के गोला पकड़िया टोला फतेहपुर के दशरथ कुमार शामिल है।