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चक्कर मैदान में अग्निवीर भर्ती रैली के दौरान शनिवार सुबह युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। दूसरे दिन अग्निवीर टेक्निकल श्रेणी के लिए हुई शारीरिक दक्षता जांच में 550 से अधिक युवा शामिल हुए। करीब 30 फीसदी युवाओं ने शारीरिक जांच की बाधा को पार किया। इन सभी का देर शाम तक चक्कर मैदान स्थित मेडिकल शिविर में जांच की कवायद चल रही थी। टेक्निकल के लिए करीब पौने 13 सौ अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की थी। इसमें सिर्फ 550 युवा ही दौड़ में शामिल हुए। सौ-सौ के बैच में इन युवाओं ने रनिंग ट्रैक पर 16 सौ मीटर की दौड़ पूरी की। इनमें सफल रहें अभ्यर्थी को बीम, जीगजैग, लॉग जंप, चेस्ट और वजह माप कर शैक्षणिक के साथ आवासीय, जातिय, चरित्र आदि प्रमाण पत्र की जांच की गई। इसके अलावा बॉयोमैट्रिक पद्धति से उनका बॉयोडाटा भी पोर्टल पर अपलोड किया गया। कोड से अंतिम सत्यापन किया गया।
जिला पशुपालन कार्यालय पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा चिकित्सा एवं विकास कार्य की उपलब्धि निम्नवत् हैं।जिला पशुपालन विभाग अन्तर्गत पशु चिकित्सालयों द्वारा वित्तीय वर्ष (2023 – 24 ) में अभीतक 25433 पशु चिकित्सा कार्य, 613 बंध्याकरण , 1850 कृत्रिम गर्भाधान कार्य, एवं पैथोलोजिकल जॉच 43 किया गया है। 4 से 8 महीना की बाछी एवं पाड़ी में ब्रूसेलोसिस टीकाकरण 15.05.2023 से 08.06.2023 तक किया गया है , जिसमें 94243 डोज किया गया । पशु चिकित्सालयों में कुल 35 प्रकार की पशु दवाएं उपलब्ध है। नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम योजनान्तर्गत पशुओं में ईयर टेगिंग कार्यक्रम के द्वारा 700000 पशुओं को ईयर टैग किया गया है। सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के लिए एम्बुलेटरी वैन द्वारा गॉव-गॉव जाकर निःशुल्क दवा वितरण एवं चिकित्सा कार्य किया जा रहा है। जिसमें इस वित्तीय वर्ष में अभीतक कुल -16 शिविर एवं 1909 चिकित्सा कार्य किया गया है। जिसमें 618 पशुपालक लाभाविन्त हुए है। जून महीने में अभीतक 05 शिविर का आयोजना किया गया है। 25 मल्टी पर्पल आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन टेक्नीशियन इन रूरल इंडिया को प्रशिक्षण के उपरांत कीट इत्यादि वितरण किया गया है , 10 कृत्रिम गर्भाधान केन्द्रो में एल0एन02 ,सीमेन, ग्लोबस इत्यादि वितरण किया गया है ,साथ ही मैत्री प्रशिक्षणार्थी द्वारा कार्य किया जा रहा है। समय समय पर विभागीय कैैलेडर के अनुसार एफएमडी/ एच एस एंड बीक्यू /पीपीआर /एंटी रेबीज टीकाकरण किया जाता है। केसीसी फार्म किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अन्तर्गत कुल 90 आवेदन (2023 – 2024) वित्तीय वर्ष में बैंकों को भेजा गया है।
पांच थाना क्षेत्रों में अलग-अलग हुई कार्रवाई में हथियार तस्कर व लुटेरे समेत सात बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ट्रेनी एसपी सह सदर डीएसपी राज ने बताया कि बंजरिया से लुटेरा, छौड़ादानो से हथियार तस्कर, सुगौली से सोशल मीडिया पर हथियार लहराने वाले,मधुबन से लूट की बाइक के साथ बदमाश व नगर से चोरी की बाइक के साथ सात बदमाश पकड़े गये हैं। बदमाशों को न्यायिक हिरासत भेजे गये।
चिलचिलाती धूप व पड़ रही भीषण गर्मी से रक्सौल व सीमा क्षेत्र में पानी संकट उत्पन्न हो गया है, जिससे लोगों के साथ साथ मवेशियों को जूझना पड़ रहा है। वहीं बारिश नहीं होने से रक्सौल नगरपरिषद व सीमा क्षेत्र में जलस्तर नीचे चला गया है, जिसके कारण जलसंकट उत्पन्न हो गया है। चारों तऱफ पानी के लिए त्राहिमाम है,इन समस्याओं से निजात दिलाने को लेकर चैंबर के महासचिव आलोक कुमार श्रीवास्तव ने ईमेल द्वारा जिलाधिकारी, एसडीएम व कार्यपालक पदाधिकारी नगरपरिषद को पत्र भेजकर कर प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कराने का प्रयास किया है,ताकि प्रशासन के द्वारा कारगर उपाय किया जा सके। चैंबर के मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता शम्भु प्रसाद चौरसिया ने कहा किअधिकारियों के द्वारा शीघ्र संकट से जूझ रहे लोगों को राहत कार्य में कारगर उपाय करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
शहर के मुख्य पथ पर स्थित तेतीस ए रेल फाटक के उत्तर पूर्व लाईट ओवरब्रिज के नीचे का भूभाग नेपाली टेम्पो का अवैध स्टैंड बना हुआ है। यह एक ऐसा रेल फाटक है जिससे होकर प्रतिदिन हजारों छोटी बड़ी वाहन व पैदल यात्रा भारत नेपाल आते जाते हैं । रेल फाटक के ठीक सटे उत्तर पूर्व रोजाना सुबह से शाम तक नेपाली टेम्पो अवैध रूप से लगा कर यात्री बैठाने से जाम की समस्या बनी रहती है। उस वक्त बड़ी समस्या उत्पन्न होती है, जब सुबह लगातार ट्रेन परिचालन को लेकर अक्सर रेल फाटक बंद होता है। फाटक खुलते ही वाहनों व पैदल यात्रियों की भीड़ को सरकना मुश्किल हो जाता है। उधर दिन चढ़ते ही फाटक के बीच रेल ट्रेक तक पर टेम्पो को लाईन में खड़ा करके सड़क तक जाम कर दी जाती है जिससे यातायात प्रभावित होता ही है। साथ ही रेल दुर्घटाना की गंभीर समस्या बनी रहती है। रेल फाटक बंद करने के लिए वाहनों के निकलने में काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में किसी ट्रेन के गुजरने पर बड़ी रेल दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।इस महत्वपूर्ण रेल फाटक पर रेल पुलिस की ठोस व्यवस्था नहीं होने की वजह से सदैव विधि ब्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। यहीं कारण है कि पिछले दिनों रेल फाटक पर नेपाली टेम्पो परिचालन विवाद के कारण एक टेम्पो चालक की हत्या तक हो चुकी है व कई लोग रेल दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। रेल फाटक के पास अवैधरूप से नेपाली टेम्पो खड़ा किया जाना आम बात बना हुआ है।जबकि शहर में बस स्टेंड व टेम्पो स्टेंड के लिए स्थान निर्धारित किया गया है। परन्तु अधिक से अधिक यात्री बैठाने की होड़ में टेम्पो को रेल फाटक पर खड़ा किया जा रहा है जिस पर कोई अंकुश नहीं है। यही नहीं नेपाली टेम्पो के अवैध पार्किंग से अहिरवाटोला सहित अन्य गांव मुहल्ले के लोगों का मुख्य सड़क पर निकलने में गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। चर्चा इस बात की भी जोरोंपर है कि रेल पुलिस मिलीभगत से अवैध पार्किंग की छूट दे रखी है।यही कारण है की शहर में अतिक्रमण तो हटाया जाता है। परन्तु नेपाली टेम्पो स्टैंड का अतिक्रमण नहीं हटाया जाता। इस बावत रेल थानाध्यक्ष धर्मेन्द कुमार का कहना है कि आरोप सरासर गलत है। सड़क जाम की समस्या को देखते नेप्पली टेम्पो को एक तरफ रखा जाता है। मामले का भौतिक निरीक्षण के बाद आवश्यक कार्रवाई कर रेल फाटक पर अवैध पार्किंग हटाना सुनिश्चित करेंगे।
नेपाल के चितवन जिला के भरतपुर महानगर पालिका वार्ड 1देवघाट स्थित नारायणी नदी में स्नान करने के क्रम में डूबने से एक भारतीय तीर्थ यात्री की मौत हो गई है। मृतक की पहचान भारत के यूपी के अयोध्या निवासी प्रदीप शर्मा(22)के रूप में हुई है।
राज्य की सभी पंचायतों और गांवों में सहकारी समितियों का गठन होगा। इन समितियों को मदद देकर दुग्ध उत्पादन, मछली उत्पादन को बढ़ाया जाएगा। साथ ही, कृषि और उद्यान से संबंधित योजनाओं को पूरा किया जाएगा। इससे किसान, पशुपालक और मछली पालन करने वाले आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगे। हाल ही में राज्य और जिलास्तर पर गठित सहकारिता विकास समिति योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद करेगी। पहले से चल रही योजनाओं का फायदा इन सहकारी समितियों को दिलाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बैंकों से ऋण मुहैया कराई जाएगी। सहकारिता विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसके लिए उन गांवों और पंचायतों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पहले से कोई सहकारी समिति गठित नहीं है। वर्तमान में राज्य में 42 हजार 985 सहकारी समितियां हैं। इनमें 8463 प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति (पैक्स), 523 व्यापार मंडल सहयोग समिति, 7626 दुग्ध सहयोग समिति, 479 प्रखंड स्तरीय मत्स्यजीवी सहयोग समिति, 1089 बुनकर सहयोग समिति हैं। इसके अलावा गृह निर्माण, ग्रामोदय, महिला विकास सहयोग समिति, ताड़-गुड़ उत्पादक सहयोग समिति सहित 27 प्रकार की सहकारी समितियां हैं। इनमें पैक्स, व्यापार मंडल और मत्स्यजीवी सहयोग समितियों को छोड़कर अन्य सभी मृतप्राय हैं।
भीषण गर्मी से हैंड पंप दम तोड़ रहे हैं। पेयजल की किल्लत दूर करने के लिए पीएचईडी हैंड पंप की मरम्मत करा रहा है। इसको लेकर पीएचईडी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसका दूरभाष नंबर 06252-233374 जारी किया गया है। इस नंबर पर कॉल कर आम व्यक्ति हैंड पंप की खराबी संबंधित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत मिलने पर विभाग हैंड पंप की मरम्मत करा रहा है। जिले के इस वर्ष कुल 3100 हैंड पंप मरम्मत का लक्ष्य रखा गया है। इसमें मोतिहारी डिविजन में 1600 हैंड पंप मरम्मत का लक्ष्य है। जिसके विरुद्ध 1200 से अधिक हैंड पंप की मरम्मत करा दी गई है। ढाका डिविजन अंतर्गत कुल 1500 हैंड पंप मरम्मत का लक्ष्य है। इसके विरुद्ध 1100 से अधिक हैंड पंप की मरम्मत करा दी गई है।इधर हैंड पर खराबी के कारण लोगों को पानी क लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सहायक अभियंता जुबैर आलम ने बताया कि पेयजल की समस्या दूर करने के लिए हैंड पंप की मरम्मत कराई जा रही है। कहीं से भी शिकायत मिलने पर खराब पड़े हैंड पंप को दुरस्त किया जा रहा है।
बिहार में जल्द जमीन से संबंधित सभी सेवाएं और जानकारी एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होंगे। इसपर जमीन से जुड़े सभी नियम-कायदों के अलावा दाखिल-खारिज, परिमार्जन समेत तमाम सेवाएं ऑनलाइन मिल सकेंगी। इसमें जमीन के नक्शा का प्रिंट-आउट जैसी नई सेवाएं भी जोड़ी जा रही हैं। इस एकीकृत भू-अभिलेख प्रबंधन प्रणाली से संबंधित सॉफ्टवेयर को विकसित करने की जिम्मेदारी आईआईटी रुड़की को सौंपी गई है। यह प्रणाली दो से तीन माह में तैयार हो जाएगी। एकीकृत भू-अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को विकसित करने एवं इसके क्रियान्वयन के लिए आईआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर और मुख्य शोधकर्ता डॉ. कमल जैन के साथ भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय ने एक करार किया है। इसके एवज में इस संस्थान को करीब 16.50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस प्रणाली के बेहतर क्रियान्वयन और मॉनीटरिंग के लिए एक बिहार भू-अभिलेख प्रबंधन सोसाइटी का गठन किया जा रहा है। लेनदेन भी पूरी तरह सुरक्षित इस एकीकृत पोर्टल पर जमीन संबंधित सभी ऑनलाइन सेवाओं को एकीकृत एवं सहज बनाया जा रहा है। सुविधाएं प्राप्त करने के लिए शुल्क के तौर पर जमा की जाने वाली राशि का लेनदेन भी पूरी तरह से सुरक्षित होगा। बैंकिग सेवाओं की तर्ज पर ही इसमें आधार से जुड़ा सुरक्षित लेनदेन की सुविधा होगी।
