रविवार को दुलमपुर पंचायत के धनबे मैदान में दक्षिण बिहार स्पोर्टिंग क्लब के द्वारा एकदिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन आयोजन किया गया। टूर्नामेंट में कुल 16 टीमों नें भाग लिया। वहीं टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच का शुभारंभ स्थानीय मुखिया दिनेश यादव नें किक मार कर किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए श्री यादव नें कहा कि खेल से खिलाड़ियों का न केवल शारीरिक अपितु मानसिकता विकास होता है। साथ ही अनुशासन के साथ प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलता है। अतः खेल में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। मौके पर पूर्व प्रमुख अर्जुन किस्कू, किसुन सौरन, रामलाल बेसरा सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद थे।

बिहार राज्य के जमुई जिला से अमित कुमार सबिता ने मोबाईल वाणी के माध्यम से जानकारी दिया कि बिहार विधान सभा चुनाव के बिगुल बजते ही सभी पार्टीयो में नेताओ के आने जाने का दौर जारी है। वही शुक्रवार को सिकंदरा निवासी मो समद खान को कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया गया !समद खान ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीब गुरबो की पार्टी है वर्षो से कांग्रेस पार्टी में निष्ठा रही है पार्टी जो भी कार्य को देंगी मैं उस पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा !कांग्रेस के सबसे कद्दावर नेता अरुण मिश्रा ने समद खान को अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष मनोयन पर बधाई दी ! इस मौके पर जिला अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष कौसर सुल्तान ,युवा समाजसेवी रवि शंकर पांडेय ,सोहेल खान ,आलोक मिश्रा ,परवेज खान ,समसाद खान सहित कॉग्रेस पार्टी के प्रखंड अंचल के कार्यकर्ता उपस्थित थे। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

भारतीय राजनीति में जैसे-जैसे कांग्रेस पार्टी की शक्ति में ह्रास और अन्य दलों की शक्ति में मजबूती आई वैसे-वैसे राजनीति का चरित्र भी बदलता चला गया। विभिन्न प्रान्तों में स्थानीय मुद्दों के सहारे क्षेत्रीय दलों का मजबूती के साथ प्रादुर्भाव हुआ। धीरे-धीरे विभिन्न राज्यों में सरकार बनाने में क्षेत्रीय पार्टियां किंग मेकर की भूमिका निभाने लगी। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

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बिहार राज्य के सिवान जिला के लोहरबगहा गाँव से कृष्णा जी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहते है की, राशन कार्ड कैसे बनेगा उसके बारे में कृष्णा जी को जानकारी चाहिए ?

बिहार राज्य के सारण जिला से बद्री यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाहती है कि, इनके पास उज्जवला योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इनके पास गैस सिलिंडर ना होने के वजह से इनके परिवार वालो को राशन में परेशानी हो रही है

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बिहार राज्य के से श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से बताना चाहती है की, लॉक डाउन होने के वजह से ये अभी बैंगलोर में फसे हुए है।

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पटना(महताब आलम)- कोरोना के लक्षणों पर नजर रखने के लिए दूसरे राज्य से आ रहे लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों के चयनित स्थलों पर 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखा जा रहा है. इन 14 दिनों में किसी भी व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें बेहतर उपचार हेतु जिला के नामांकित अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है. क्वारंटाइन सेंटर में लोगों की हो रही है नियमित जांच: - क्वारंटाइन सेंटर में रुके लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनकी नियमित जांच की जा रही है. इसी क्रम में जिला के बिक्रम प्रखंड स्थित अख्तियारपुर पंचायत के मध्य विद्यालय स्थित क्वारंटाइन सेंटर में 6 लोगों की जांच की गयी. इस पूरी प्रक्रिया में केयर इंडिया की टीम प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य टीम को अपना सहयोग प्रदान कर रही है. अख्तियारपुर स्थित सेंटर में अभी 6 लोग मौजूद हैं और सभी की पूरी जांच की गई है। लक्षण दिखने पर किया जायेगा रेफर:- प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशि शेखर ने बताया रुके लोगों की नियमित जांच एवं सभी जरुरी टेस्ट किये जा रहे है और उन्हें निगरानी में रखा जा रहा है. उनके रहने एवं भोजन की पूरी व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गयी है. इस सेंटर पर 12 लोगों के रुकने की व्यवस्था है और अभी यहाँ 6 लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया है . सभी 6 लोग 1 अप्रैल से यहाँ हैं और अभी इनमे संक्रमण के किसी भी लक्षण की पुष्टि नहीं हुई है. किसी भी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण अगर नजर आते हैं तो उस परिस्थिति में व्यक्ति को पटना बेहतर उपचार के लिए रेफर किया जायेगा. सेंटर पर रखा जा रहा है सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान:- केयर के प्रखंड प्रबंधक चन्दन कुमार ने बताया सेंटर में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. सभी लोगों के बिस्तर के बीच में कम से कम 1 मीटर की दूरी रखी गयी है. यह भी ध्यान रखा जा रहा है की सेंटर में रहने वाले लोग एक साथ न बैठें और दूरी बनाकर ही आपस में बातचीत करें. इनकी साफ़ सफाई पर भी नजर रखी जा रही है और दिनभर में 4 से 5 बार हाथों की सफाई करवाई जा रही है. सेंटर को समय समय पर पूरी तरह से स्वच्छ किया जा रहा है और संक्रमण का खतरा कम से कम हो इसकी हर संभव कोशिश की जा रही है.