झारखण्ड राज्य के रांची से जयवीर यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं की गर्मी के दिन आ गया और मच्छर का प्रकोप बढ़ गया बिमारियों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए अधिक जानकारी के ऑडियो पर क्लिक करें और पूरी जानकारी सुनें

झारखण्ड राज्य के रांची से जयवीर यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं की बुढ़मू प्रखंड में यज्ञ का किया जा रहा है आयोजन क्षेत्र में भाईचारा और शांति रहेगी कायम अधिक जानकारी के ऑडियो पर क्लिक करें और पूरी जानकारी सुनें

झारखण्ड राज्य के रांची से जयवीर यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं की जनसँख्या बढ़ने से वाहन की संख्या बढ़ रही है जिससे प्रदुषण बढ़ रहा है अधिक जानकारी के ऑडियो पर क्लिक करें और पूरी जानकारी सुनें

झारखण्ड राज्य के रांची से जयवीर यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं की मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है और 14 तारीख के बाद बारिश भी होने की संभावना है अधिक जानकारी के ऑडियो पर क्लिक करें और पूरी जानकारी सुनें

झारखण्ड राज्य के रांची से जयवीर यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है की आज भीमराव आंबेडकर का जन्मदिन मनाया गया माल्यार्पण करके किया गया याद अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें और पूरी जानकारी सुनें

झारखण्ड राज्य के रांची से सुशांत पाठक मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं की एनसीईआरटी ने किताब में तीन जगह बदलाव का फैसला लिया है, जहां पर 6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचे के विध्वंस का जिक्र किया गया था। इसकी बजाय राम मंदिर आंदोलन को विस्तार से पढ़ाया जाएगा 12वीं क्लास के बच्चे अब राजनीति शास्त्र की किताबों में बाबरी ढांचे के विध्वंस को नहीं पढ़ेंगे। एनसीईआरटी ने किताब में तीन जगह बदलाव का फैसला लिया है. जहां पर 6 दिसंबर 1992 को बाबरी ढांचे के विध्वंस का जिक्र था। वहां राम मंदिर आंदोलन को विस्तार से पढ़ाया जाएगा इसके अलावा किन आधारों पर सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर को लेकर फैसला दिया यह भी पढ़ाया जाएगा। अगले महीने यानी मई से जो नई किताब आएगी, उसमें यह बदलाव दिखेंगे। एनसीईआरटी ने 2024 - 25 के लिए ये बदलाव किए हैं। सीबीएसई बोर्ड को इसकी जानकारी दी गई है। केंद्र सरकार को स्कूली शिक्षा पर सलाह देने वाली और सिलेबस तैयार करने वाली संस्था एनसीईआरटी समय-समय पर किताबों में बदलाव भी करती रहती है। हर साल करीब 4 करोड़ छात्र एनसीईआरटी की स्कूल की किताबें पढ़ते हैं। एनसीईआरटी ने चैप्टर 8 में यह बदलाव किया है, जिसका शीर्षक है भारत में आजादी के बाद राजनीति। राजनीति शास्त्र की किताबों में इस चैप्टर को 2006 - 07 से शामिल किया गया है। इसमें भारत के राजनीति की उन 5 अहम घटनाओं का जिक्र किया गया है, जो आजादी के बाद घटित हुई। इनमें से एक अयोध्या आंदोलन होगा। इसके अलावा जिन 4 अन्य घटनाओं का जिक्र किया गया है, उनमें 1989 में हार के बाद से कांग्रेस का पतन। 1990 में मंडल आयोग का लागू होना। 1991 में आर्थिक सुधारो की शुरुआत होना और उसी साल राजीव गांधी की हत्या होना। इन 5 अहम घटनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है। इसके अलावा अलग-अलग सरकारों के मुख्य कामों का भी जिक्र है। अब तक अयोध्या का जिक्र जिन तीन पन्नों में था, जिनमें 1986 में ताला खुलने और बाबरी ढांचे के ध्वंस का जिक्र था। इसके अलावा 6 दिसंबर 1992 की घटना के बाद भाजपा शासित राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगने और सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं का जिक्र किया गया था। इस चैप्टर में बाबरी ढांचे के विध्वंस के बाद भारत में सेकुलरिज्म को लेकर छिड़ी नई बहस का भी जिक्र किया गया था। अब तक नई संशोधित पुस्तक नहीं आई है, लेकिन एनसीईआरटी ने बताया है की नई पुस्तक में बदलाव किए गए हैं। एनसीईआरटी ने अपनी वेबसाइट में बताया है, राजनीति में नई परिघटनाओं के आधार पर सामग्री बदली गई है। खास तौर पर अयोध्या मामले को लेकर बड़े बदलाव किए गए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने फैसला दिया है, जिसका सभी वर्गों ने स्वागत किया है।

बुढ़मू : बुढ़मू प्रखंड क्षेत्र के मुरुपीरी गांव में बजरंग बली मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ,13 अप्रैल शनिवार को बजरंग बली मंदिर में कलश यात्रा निकाला गया। कलश यात्रा में आसपास गांव के लगभग हजारों भक्त लोग शामिल हुए। और कलश यात्रा में भक्त लोग कलश लेकर मुरुपीरी गांव का भ्रमण करते हुए मुरुपीरी गांव के शिव मंदिर का परिक्रमा किया। इस दौरान कलश यात्रा में संजय सेठ, भैरव सिंह, पूर्व विधायक डॉक्टर जीतूचरण राम, मनोज कुमार साहू, जगजीवन महतो एवं यादव समाज के रांची जिला अध्यक्ष तापेश्वर यादव सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। वही 14 अप्रैल रविवार को वेदी पूजन और 15 अप्रैल सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया है। बजरंग बली मंदिर के कलश यात्रा एवं प्राण प्रतिष्ठा के सफल आयोजन में कमेटी के लोगों एवं ग्रामीणों द्वारा भूमिका निभाया जा रहा है।

बुढ़मू :14 अप्रैल रविवार को सरहुल के अवसर पर प्रखंड क्षेत्र से सरहुल का जुलूस निकाला जाएगा। और सभी सरहुल जुलूस बिरसा मुंडा स्टेडियम बुढ़मू पहुंचेगी। सरहुल जुलूस का स्टेडियम बुढ़मू में जुटान होगा। सरहुल जुलूस आयोजन को लेकर कमेटी के द्वारा सारी आवश्यक तैयारी कर ली गई है। साथ ही बुढ़मू प्रखंड के कई गांवों में सरहुल का पर्व मनाया जा रहा है। इस दौरान मुंडा पहानों द्वारा गांव के प्रत्येक घरों में ढोल नगाड़े के साथ जाकर नृत्य गान प्रस्तुत करते हुए घरों में सरहुल का फूल लगा रहे हैं। और सरहुल पर्व की बधाई दे रहे है। वही सरहुल पर्व के अवसर पर बधाई देने वालों में प्राचीन मुंडा धर्म संस्था के सचिव प्रोफेसर डॉक्टर चंद्रदेव मुंडा, अध्यक्ष धर्म गुरु महेंद्र मुंडा एवं मुंडा समाज के अलावे कई समाज के गणमान्य लोग शामिल है।

मोबाइल वाणी से हमारे एक स्त्रोता सुशांत पाठक बताते हैं की जाट संबलपुर एक्सप्रेस गाड़ी संख्या-18310 JAT(वैष्णोदेवी देवी) से संबलपुर तक सप्ताह में 4 दिन चलती है।यह वैष्णोदेवी से संबलपुर तक चलने वाली प्रमुख ट्रेन है, जो 2375 किमी.की दुरी तय करती है। यात्री तिन से चार महीने पुर्व अपनी सिट रिजर्व कराते हैं,रिजर्व कराने हेतु यात्रीयों से रेलवे प्रति व्यकति 1,500 से 1,800 रूपये दुरी के हिसाब से वसूली करता है। और यात्री जब ट्रेन में यात्रा कर रहे होते हैं सुविधा के नाम पर यात्री को 50 से 80 किलोमिटर दूरी तय करने पश्चात वाशरूम में पानी कि समस्या से जूझना पड़ता है। ट्रेन में उपस्थित यात्री यों से प्राप्त जानकारी अनुसार,सिगरेट के धुवें से यात्री परेशान रहते हैं , यात्री द्वारा जब रेल में धुम्रपान नहीं करने संबंधित बात कहने पे नशाखोरो द्वारा गाली,व, अभद्र भाषा का प्रयोग ,कर यात्रीयों को धमकाने व मार पिटाई तक बात पहुंच जाती है। संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने पर भी कोई सार्थक पहल नहीं किया जाता है, रेलवे टि टी सिर्फ जेब भरने में लगे रहते हैं, यहां तक कि जेनरल बोगी के यात्रीगण भी रिजर्वेशन बोगी में आकर रिजर्वेशन बोगी को जाम किये रहते हैं। जिससे अपने गंतव्य स्थान रेलवे स्टेशन में खड़ी होने के बावजूद यात्री धराशायी हो जातें हैं। जिससे यात्रियों का जिवन दांव पर लगा रहता है।व केइ दुध मुहे बच्चे रेलवे स्टेशन में ट्रेन से उतरते वक्त गेट जाम होने के कारण हांथ से छुट कर गिर पड़ते हैं। मोबाइल वाणी के माध्यम मैं रेलवे में मंत्री व संबंधित अधिकारियों से मेरा अपील है उपरोक्त बातों को गंभीरता से लेते हुए। जल्द से जल्द कार्रवाई कर व्यवस्था बहाल किया जाय ताकि भविष्य में यात्रियों को संकट का सामना न करना पड़े।

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