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प्रारंभिक शिक्षक संघ के आहवान पर प्रखंड ईकाई बरियारपुर ने नयी शिक्षक नियमावली2023 को अग्णी मे समाहित कर बिरोध जताया अध्यक्ष अवधेश कुमार, डा प्रभाष कुमार के साथ अनेक शिक्षक उपस्थित रहे

बिहार राज्य से राजेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि सदर अस्पताल में कोरोना की तैयारी की जांच को लेकर मॉक ड्रिल हुआ। सिविल सर्जन से लेकर सभी स्वास्थ्यकर्मी थे अलर्ट मोड में थे। तभी कोरोना वार्ड परिसर में तेजी से एक एम्बुलेन्स सायरन बजाते हुए पहुंचा। वार्ड अटेंडेंड, प्रबंधक सहित अन्य स्टाफ एंबुलेंस की ओर लपके। गेट खोल कर एम्बुलेन्स से मरीज को स्ट्रेचर पर उतारा गया। फिर बेड पर लिटा बुखार देखा गया। ब्लड प्रेशर की जांच की गयी। मरीज से बीमारी की शिकायत की जानकारी ली गयी। इसके बाद तुरंत उसे कोरोना वार्ड में भर्ती कर ऑक्सीजन गैस सिलेंडर खोल ऑक्सीजन देने का काम शुरू किया गया। मगर इस दौरान कोरोना वार्ड में बिजली गुल थी। बिजली की अतिरिक्त व्यवस्था नहीं थी। साथ ही एक ऑक्सीजन प्लांट का गैस पाइप का केबुल भी खराब था। इसका कनेक्शन कोरोना वार्ड से है। यह मॉक ड्रिल सिविल सर्जन डॉ. अंजनी कुमार की देख रेख में किया गया। मौके पर एसीएमओ डॉ कुमार रणजीत राय, डीएस डॉ एसएन सिंह, डीपीएम ठाकुर बिरमोहन, जिला महामारी अधिकारी डॉ राहुल राज, डॉ सुनील कुमार, प्रबंधक भारत भूषण, डीसीएम नन्दन झा, यूनिसेफ के डॉ धर्मेंद्र कुमार, संजय झा, पपु राउत, मनोज कुमार झा सहित अन्य स्टॉफ थे। सिविल सर्जन डॉ. कुमार ने बताया कि समय समय पर कोरोना वार्ड में मॉक ड्रिल कराया जाता है। अभी कोरोना बढ़ गया है जिसको लेकर तैयारी को परखने के लिए अभी मॉक ड्रिल कराया गया है। उन्हाेंने कहा कि कोरोना को लेकर पूरी तैयारी है। 74 बेड है। ऑक्सीजन भी पर्याप्त है। दवा भी है। 5 ऑक्सीजन प्लांट हैं। जिसमें सदर अस्पताल के एक ऑक्सीजन प्लांट में थोड़ी गड़बड़ी है, जिसे दुरुस्त करने के लिए लिखा गया है। फिलहाल जिला में 7 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। सभी होम क्वारंटाइन हैं।

षष्टम सत्र न्यायालय के न्यायाधीश सह पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश राजा राम संतोष ने पॉक्सो के एक मामले की सुनवाई करते एक आरोपी को दोषी करार दिया है तथा दस वर्षों की सश्रम करावास सहित विभिन्न धाराओं में 40 हजार रुपए जुर्माना भरने का आदेश दिया है। जुर्माना नहीं भरने पर दो माह का अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है। गौरतलब हो कि 3 जून 2021को छतौनी के पीड़िता ने नौशाद पर आरोप लगायी कि 2जून 21को संध्या 6 बजे अपनी छोटी बहन के साथ खड़ी थी। आरोपित नौशाद अपनी टेम्पु पर बिठा लिया। रेलवे स्टेशन के तरफ झाड़ी में ले जाकर बलात्कार किया। जिसके आधार पर छतौनी थाना में बलात्कार एवं पॉक्सो एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की गई। न्यायालय द्वारा आरोप गठित कर मामले की सुनवाई की गयी। अभियोजन पक्ष से पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक मणी कुमार ने पांच गवाहों को प्रस्तुत करते हुए पक्ष रखा।

बिहार राज्य से राजेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में वर्ष 2016 से अब तक जिले के विभिन्न बैंकों ने करीब एक लाख 49 हजार लोगों के बीच एक हजार 25 करोड़ का लोन बांटा है। जिसमें 30 प्रतिशत महिलाएं भी शामिल है। स्वरोजगार के लिये बैंकों ने लिये अधिकांश बैंकों ने लोन तो दिया मगर रिकवरी में परेशानी हो रही है। करीब 25 हजार लोनियों पर बैंकों को केस करना पड़ा है। इसके लिए प्रशासन का सहयोग लेना पड़ रहा है। बताया जाता है कि मुद्रा योजना में इस वर्ष भी शिशु योजना में 98 हजार लोगों के बीच 59 करोड़ 92 हजार लोगों को लोन दिया है। किशोर योजना में 11 हजार 360 लोगों के बीच करीब सौ करोड़ का लोन दिया है। तरुण योजना में 756 लोगों के बीच करीब 58 करोड़ का लोन दिया है। जबकि बैंकों में अभी भी हजार से अधिक लोगों का आवेदन पड़ा हुआ है। विभागीय सूत्रों के अनुसार निजी बैंक को इस योजना में कम ही लोगों के बीच लोन दिया है। जानकार बताते हैं कि तरुण योजना में कई बैंक ने एक पैसा भी लोन नहीं दिया है। इसी प्रकार किशोर व शिशु योजना में निजी बैंक की उपलब्धि टारगेट के हिसाब से नहीं है। सेंट्रल बैंक ,स्टेट बैंक व पंजाब नेशनल बैंक की लोन में उपलब्धि सबसे अधिक है। बैंक के आंकड़े के अनुसार जिले में विभिन्न बैंकों की शाखा 263 है। जिसमे स्टेट बैंक की 54, सेंट्रल बैंक की 34,पंजाब नेशनल बैंक की 16, निजी बैंक की संख्या 16 है। इसके अलावा अन्य बैंक हैं। सभी बैंक को इस योजना के तहत जिला प्रशासन से टारगेट दिया गया है।मगर कई बैंक का इंटरेस्ट कम होने के कारण अभी भी हजार से अधिक आवेदन विभिन्न बैंक में लंबित है। बताया जाता है यह लोन रिक्श चालक, ठेला चालक, किराना दुकानदार से लेकर अन्य रोजगार रहित काम के लिये लोन देने से बहुत राहत मिली है। इस योजना का लाभ महिलाओं ने भी लिया है। कोरोना काल में व्यवसाय प्रभावित होने के कारण लोन की रिकवरी प्रभावित हुई है। अब बैंक में रिकवरी होना शुरू हो गया है। इस संबंध में सेंट्रल बैंक के एलडीएम संजय कुमार ने बताया कि इस योजना का लाभ आम लोगों को मिला है। बताया कि स्व रोजगार बढ़ा है। सभी बैंकों को टारगेट पूरा करने का निर्देश दिया गया है। डीएम की अगली बैठक को लेकर रिपोर्ट तैयार कर ली गयी है। जिसमें किस बैंक ने मुद्रा योजना में कितना लोन दिया है। साथ ही रिकवरी के संबंध में भी रिपोर्ट तैयार की गयी है।

गर्मी की तपिश तेज होने लगी है। तापमान में वृद्धि होने से बाहर निकलने पर हलक भी सूखने लगता है। समाहरणालय में कई विभाग हैं। लेकिन सभी जगह आरओ वाटर या फ्रीजर की सुविधा नहीं है। सदर एसडीओ कार्यालय कक्ष के सामने बरामदे में आरओ वाटर की सुविधा है। यहां आम से खास तक ठंडा पेयजल से प्यास बुझाते हैं। डीआरडीए कार्यालय के अंदर पेयजल के लिए आरओ की सुविधा उपलब्ध है। पेयजल के लिए परिसर में नल लगाया गया है।परिसर में एक चापाकल लगा है। जहां लोग प्यास बुझाते हैं। अन्य किसी कार्यालय में आरओ वाटर की सुविधा नदारद है।

बिहार राज्य से राजेश बिले वाणी के माध्यम से बता रहे है कि जिले के नौ नगर निकायों में पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखने की कवायद शुरू की गयी है। पाइप लीकेज दुरूस्त करने से लेकर मामूली मरम्मत कार्य के लिए ईओआई टीम कार्य करेगी। नगर विकास प्रमंडल मोतिहारी के द्वारा इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर पटना मुख्यालय स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इस प्रस्ताव की स्वीकृति मिलने पर नगर निकायों में पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखने में मदद मिलेगी। 40 हजार की आबादी पर रहेगी एक टीम शहरी क्षेत्र में 40 हजार की आबादी पर एक ईओआई टीम कार्य करेगी। इस टीम में तकनीशियन व मिस्त्री रहेंगे। उनके पास औजार भी रहेगा। शहरी क्षेत्र के पाइप जलापूर्ति योजना में आयी गड़बड़ी को ठीक रखने का कार्य करेगी। इससे पेयजल नियमित रूप से शहरवासियों को मिलते रहेगा। सभी नगर निकायों में टीम की होगी तैनाती मोतिहारी नगर निगम के सभी 46 वार्ड में यह टीम कार्य करेगी। नगर निगम परिसीमन के बाद इसमें जुड़े अन्य आठ वार्ड में पहले से संचालित हर घर नल जल में आयी गड़बड़ी को भी यह टीम दुरूस्त करेगी। इसके अलावा रक्सौल, ढाका,चकिया, केसरिया, सुगौली, मेहसी,अरेराज व पकड़ीदयाल नगर निकाय में यह टीम कार्य करेगी।

शहर के वरिष्ठ नागरिकों को चलने के लिये न तो शहर में फुटपाथ है और न रोड क्रॉस करने के लिये रोड पर मार्किंग किया गया है।नतीजतन हर रोज शहर के रोड पर रोड क्रॉस करने पर बाइक से दुर्घटना होती रहती है। जबकि शहर में करीब 22 प्रतिशत वरिष्ठ नागरिक रहते हैं। बताया जाता है कि अंग्रेज के शासन काल में शहर की जब आबादी मात्र हजार में थी तब भी पैदल चलने वालों के लिये व्यस्त रोड पर मीना बाजार से आगे मेन रोड तक फुटपाथ बनाया गया था। मगर अब शहर की आबादी करीब तीन लाख हो गयी है। वाहनों का भार कभी बढ़ गया है। घण्टों रोड जाम रहता है। तेज रफ्तार से वाहन चल रहे हैं। जबकि शहर में 30 किलोमीटर की रफ्तार से ही वाहन को चलाना है मगर इस पर कोई रोक नहीं है। इतना ही नहीं पहले से बने फुटपाथ को सामने वाले दुकान वाले के कब्जे में है। इसको लेकर कई वरिष्ठ नागरिकों ने नगर निगम से लेकर जिला प्रशासन से सवाल उठाया है।

सामाजिक न्याय सप्ताह के तहत सोमवार को सांसद सह पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह ने बड़ा बरियारपुर में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। श्री सिंह ने कहा कि सामाजिक न्याय सप्ताह के अंतर्गत सेवा और रचनात्मक कार्यों की योजना बनाकर कार्यक्रम किये जा रहे हैं। इसी शृंखला में मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। कहा कि आज केंद्र सरकार की कुशल नीतियों के कारण शिक्षा की दशा और दिशा बदली है। मेधावी छात्र-छात्राओं की जमात बढ़ी है। इनका सम्मान दूसरे छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणादायक होंगे और इनके लिए हौसले को और बुलंद करने वाला होगा। उल्लेखनीय हो कि भाजपा के 44 वें स्थापना दिवस पर 6 से14 अप्रैल तक भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर की जयंती तक निर्धारित राष्ट्रव्यापी सामाजिक न्याय सप्ताह का आयोजन किया गया है। वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण भाजपा कार्यालय में भी मोतिहारी विधानसभा के 101 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मौके पर विधायक प्रमोद कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश अस्थाना, उपमहापौर डॉ लालबाबू प्रसाद, मनोज पासवान,महामंत्री योगेंद्र प्रसाद थे।

बिहार राज्य से राजेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि प्रारंभिक विद्यालयों में 1 अप्रैल से नामांकन कार्य चल रहा है। नामांकन कार्य में पूरी पारदर्शिता बरतनी है। नामांकन पंजी संधारित करने में लापरवाही बरतने पर प्रधानाध्यापक को जिम्मेवार मानते हुए उन पर कार्रवाई होगी। डीईओ संजय कुमार ने बताया कि स्कूलों में बच्चों का नामांक न लेते समय नामांकन पंजी पर उससे संबंधित पूरी सूचना अंकित करनी है। कॉलम को पूरा भरना है। मसलन उसकी जन्मतिथि, नाम, माता-पिता का नाम, अगर दूसरे स्कूल से आया है तो उसका नाम आदि डालना है। दूसरे स्कूल से है तो पिछली कक्षा का सर्टिफिकेट लेना है। सर्टिफिकेट को स्कूल अपने पास रखेंगे। उन्होंने कहा कि नामांकन पंजी में किसी प्रकार कटिंग मान्य नहीं है। अगर इंट्री में किसी प्रकार की गलती हो गयी तो पूरे कॉलम की इंट्री को काट कर फिर से नयी इंट्री करनी है। इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी पायी गयी तो प्रधानाध्यापक दोषी होंगे।