बिहार राज्य से राजेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि सदर अस्पताल में कोरोना की तैयारी की जांच को लेकर मॉक ड्रिल हुआ। सिविल सर्जन से लेकर सभी स्वास्थ्यकर्मी थे अलर्ट मोड में थे। तभी कोरोना वार्ड परिसर में तेजी से एक एम्बुलेन्स सायरन बजाते हुए पहुंचा। वार्ड अटेंडेंड, प्रबंधक सहित अन्य स्टाफ एंबुलेंस की ओर लपके। गेट खोल कर एम्बुलेन्स से मरीज को स्ट्रेचर पर उतारा गया। फिर बेड पर लिटा बुखार देखा गया। ब्लड प्रेशर की जांच की गयी। मरीज से बीमारी की शिकायत की जानकारी ली गयी। इसके बाद तुरंत उसे कोरोना वार्ड में भर्ती कर ऑक्सीजन गैस सिलेंडर खोल ऑक्सीजन देने का काम शुरू किया गया। मगर इस दौरान कोरोना वार्ड में बिजली गुल थी। बिजली की अतिरिक्त व्यवस्था नहीं थी। साथ ही एक ऑक्सीजन प्लांट का गैस पाइप का केबुल भी खराब था। इसका कनेक्शन कोरोना वार्ड से है। यह मॉक ड्रिल सिविल सर्जन डॉ. अंजनी कुमार की देख रेख में किया गया। मौके पर एसीएमओ डॉ कुमार रणजीत राय, डीएस डॉ एसएन सिंह, डीपीएम ठाकुर बिरमोहन, जिला महामारी अधिकारी डॉ राहुल राज, डॉ सुनील कुमार, प्रबंधक भारत भूषण, डीसीएम नन्दन झा, यूनिसेफ के डॉ धर्मेंद्र कुमार, संजय झा, पपु राउत, मनोज कुमार झा सहित अन्य स्टॉफ थे। सिविल सर्जन डॉ. कुमार ने बताया कि समय समय पर कोरोना वार्ड में मॉक ड्रिल कराया जाता है। अभी कोरोना बढ़ गया है जिसको लेकर तैयारी को परखने के लिए अभी मॉक ड्रिल कराया गया है। उन्हाेंने कहा कि कोरोना को लेकर पूरी तैयारी है। 74 बेड है। ऑक्सीजन भी पर्याप्त है। दवा भी है। 5 ऑक्सीजन प्लांट हैं। जिसमें सदर अस्पताल के एक ऑक्सीजन प्लांट में थोड़ी गड़बड़ी है, जिसे दुरुस्त करने के लिए लिखा गया है। फिलहाल जिला में 7 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। सभी होम क्वारंटाइन हैं।
