बिहार राज्य से राजेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में वर्ष 2016 से अब तक जिले के विभिन्न बैंकों ने करीब एक लाख 49 हजार लोगों के बीच एक हजार 25 करोड़ का लोन बांटा है। जिसमें 30 प्रतिशत महिलाएं भी शामिल है। स्वरोजगार के लिये बैंकों ने लिये अधिकांश बैंकों ने लोन तो दिया मगर रिकवरी में परेशानी हो रही है। करीब 25 हजार लोनियों पर बैंकों को केस करना पड़ा है। इसके लिए प्रशासन का सहयोग लेना पड़ रहा है। बताया जाता है कि मुद्रा योजना में इस वर्ष भी शिशु योजना में 98 हजार लोगों के बीच 59 करोड़ 92 हजार लोगों को लोन दिया है। किशोर योजना में 11 हजार 360 लोगों के बीच करीब सौ करोड़ का लोन दिया है। तरुण योजना में 756 लोगों के बीच करीब 58 करोड़ का लोन दिया है। जबकि बैंकों में अभी भी हजार से अधिक लोगों का आवेदन पड़ा हुआ है। विभागीय सूत्रों के अनुसार निजी बैंक को इस योजना में कम ही लोगों के बीच लोन दिया है। जानकार बताते हैं कि तरुण योजना में कई बैंक ने एक पैसा भी लोन नहीं दिया है। इसी प्रकार किशोर व शिशु योजना में निजी बैंक की उपलब्धि टारगेट के हिसाब से नहीं है। सेंट्रल बैंक ,स्टेट बैंक व पंजाब नेशनल बैंक की लोन में उपलब्धि सबसे अधिक है। बैंक के आंकड़े के अनुसार जिले में विभिन्न बैंकों की शाखा 263 है। जिसमे स्टेट बैंक की 54, सेंट्रल बैंक की 34,पंजाब नेशनल बैंक की 16, निजी बैंक की संख्या 16 है। इसके अलावा अन्य बैंक हैं। सभी बैंक को इस योजना के तहत जिला प्रशासन से टारगेट दिया गया है।मगर कई बैंक का इंटरेस्ट कम होने के कारण अभी भी हजार से अधिक आवेदन विभिन्न बैंक में लंबित है। बताया जाता है यह लोन रिक्श चालक, ठेला चालक, किराना दुकानदार से लेकर अन्य रोजगार रहित काम के लिये लोन देने से बहुत राहत मिली है। इस योजना का लाभ महिलाओं ने भी लिया है। कोरोना काल में व्यवसाय प्रभावित होने के कारण लोन की रिकवरी प्रभावित हुई है। अब बैंक में रिकवरी होना शुरू हो गया है। इस संबंध में सेंट्रल बैंक के एलडीएम संजय कुमार ने बताया कि इस योजना का लाभ आम लोगों को मिला है। बताया कि स्व रोजगार बढ़ा है। सभी बैंकों को टारगेट पूरा करने का निर्देश दिया गया है। डीएम की अगली बैठक को लेकर रिपोर्ट तैयार कर ली गयी है। जिसमें किस बैंक ने मुद्रा योजना में कितना लोन दिया है। साथ ही रिकवरी के संबंध में भी रिपोर्ट तैयार की गयी है।