बिहार राज्य के जमुई जिला के सिकंदरा प्रखंड से मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि किसी भी सरकार को गांव की ज़रूरत के हिसाब से निति व योजना बनानी चाहिए। जिससे उन्हें अधिक से अधिक लाभ मिल सकें क्योंकि शहरों एवं गांव की ज़रूरतें अलग अलग होती है। इसलिए गांव की ज़रूरतों को ध्यान अवश्य रखना चाहिए। गांव के लोग मज़बूरी में घर और परिवार को छोड़ कर रोजी-रोटी के तलाश में अन्य शहरों में जाते है। रोजगार के लिए अपने गांव से पलायन करने को विवस विभिन्न शहरों में जाते है। लेकिन इस पर किसी का नहीं रहा । गांव में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ठोस निति बनायीं नहीं जा रही है। रोजगार के लिए पलायनवादी संस्कृति को रोकने की सख्त ज़रूरत है।

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बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं कि आजादी के इतने वर्ष बाद भी देश की जनता की हालत में कोई ख़ास सुधार नहीं हुआ है।इस आजादी के लिए कितने ही देश भक्त लड़ते-लड़ते अपने प्राण गँवा बैठे, स्वराज्य हमारा अधिकार है, हम इसे ले कर रहेंगे कहते रहे।वर्तमान में हमें आजादी तो मिली है, पर स्वराज्य नहीं मिला।आज भी देश की गरीब जनता मुलभुत सुविधाओं से वंचित हैं।हालाँकि, सरकार द्वारा गरीबों के उत्थान के लिए कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, पर असलियत में ये सभी योजनायें सिर्फ कागजों तक ही सिमटे रह गए हैं, धरातल पर अब तक जनता इन योजनाओं से वंचित ही है।एक बार फिर से जरुरत है, युवा वर्ग को एक जुट हो कर शंखनाद करने की, जिससे भ्रष्टाचार उन्मूलन हो साथ ही सरकार ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे।

बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं कि महँगाई से हर तबके के लोग परेशान हैं, पर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब तबके के लोग होते हैं।हमारे देश में महँगाई का एक प्रमुख कारण है, खाद्य पदार्थों की रख-रखाव में लापरवाही हर साल यह खबरें सुनने में आ ही जाती हैं, की गोदाम में रखे लाखो टन अनाज सड़ गए।महँगाई एक ऐसा मुद्दा है, जिसके कारण कई राजनितिक पार्टियाँ सत्ता से बाहर हो जाती है।पिछली सरकार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था।वर्तमान सरकार की सत्ता में आने का कारण भी यही उम्मीद थी, की महँगाई में कमी आयेगी।लेकिन वर्तमान सरकार भी इस काम में निष्फल नजर आ रही है।अब देखना यह है, की अपने बचे कार्यकाल में सरकार और क्या प्रयास करती है, महँगाई कम करने के लिए और उस प्रयास में कितनी सफल होती है।

बिहार राज्य के जिला जमुई के सिकंदरा प्रखंड से ज्योति कुमारी मोबाइल वाणी के द्वारा कहती हैं कि हमारे समाज में बेटियों को बहुत ही हीन भावना से देखा जाता है।जिसके कारण उन्हें दुर्व्यवहार और भेदभाव और हिंसा का शिकार होना पड़ता है।हमारे देश में दहेज़ प्रथा एक बहुत ही बड़ी समस्या है।इतने प्रयासों के बाद भी दहेज़ प्रथा खत्म नहीं हो रही है।महिलाओं के साथ हो रही हिंसा को इतनी आसानी से खत्म नहीं किया जा सकता है।यह समस्या बहुत ही जटिल रूप ले चुकी है।जो अपने अंदर हिंसा के कई पहुलओं को खुद में समेटे हुए हैं।इस कुप्रथा का खत्म होना बहुत ही जरुरी है।शादी के समय अगर ससुराल की मर्जी अनुसार दहेज़ नहीं होता है,तो शादी के बाद वहाँ लड़की को दुर्व्यवहार और हिंसा का सामना करना पड़ता है।समाज में महिलाओं के इस दयनीय स्थिति का मुख्य कारण है,दहेज़ प्रथा जब तक इसे समाप्त नहीं किया जायेगा तब तक महिलाओं की स्थिति में कोई सुधार नहीं आ सकता है।बेटियों को अगर शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की पहल की जाये तो इस समस्या को समाधान कुछ हद तक संभव हो सकता है।

बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं कि प्राचीन समय से ही बिहार बड़े-बड़े क्रान्ति की भुमि रही है।महात्मा गाँधी का सत्याग्रह हो या लोक न्याय का सम्पूर्ण क्रांति बिहार हमेशा से ही विश्व का ध्यान अपनी ओर खींचता रहा है।अभी हाल ही में बिहार में हुए शराब बंदी की पहल से पुरे विश्व में बिहार चर्चा का विषय बना हुआ है।अब तो पूरा देश इस प्रयास में जुट गया है ,कि शराब बंदी को जड़ से खत्म किया जा सके।लेकिन शराब बंदी के बाद भी हमारे देश में आज भी ऐसी कुछ कुरीतियाँ मौजुद हैं,जो हमारे देश को खोखला कर रही है।जब तक हमारे देश में दहेज़ प्रथा और बाल विवाह जैसी कुप्रथायें विद्धमान रहेगी,तब तक हमारा देश संपूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पायेगा।बिहार वासियों ने इसे मिटाने का संकल्प लिया है।यह बहुत ही सराहनीय है।इतने बड़े बदलाव के लिए समाज में जागरूकता की जरुरत है। इसके लिए कानून का सहारा नहीं लेना चाहिए। दहेज़ प्रथा के लिए कई कठोर कानून भी बने हैं।जो महिलाओं हित में हैं और उन्हें सशक्त बनाते हैं।लेकिन इस बात का भी विशेष ध्यान रखना होगा कि इस एकतरफा अधिकार का दुरुपयोग ना हो।