बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं कि जल,जंगल और जमीन हमारी धरोहर है।जो हमें प्रकृति द्वारा प्रदत्त है।इसका उपयोग मानव अपनी आवश्यकता अनुसार हमेशा से ही करता रहा है।वर्त्तमान समय में बढ़ती आबादी एवं बढ़ता लालच के कारण प्राकृतिक धरोहर भी अब सीमित मात्रा में बचे हैं।जंगल तो अब बचे ही नहीं हैं,जमीन पर निजी अधिकार हो चूका है।जल और वायु ही अब सिर्फ बचें हैं,जिनका निजीकरण नहीं हो सका है।यही दो चीज़ ऐसे हैं,जिनका प्रयोग लोग अपनी सुविधा अनुसार कर पा रहे हैं।लेकिन अब ऐसा लगने लगा है कि इस आर्थिक उपनिवेशवादी दुनिया में जल और वायु पर भी लोगों का अधिकार हो जाएगा।कई जगहों पर यह देखने को मिल भी रहा है कि जल का व्यवसायीकरण कर के लोग मुनाफा अर्जित करने में लगे हुए हैं।जिसका परिणाम यह हो रहा है कि पीने योग्य जल भी अब प्राकृतिक रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।प्रकृति के इस धरोहर की सुरक्षा और इसके व्यवसायीकरण पर रोक लगाना सरकार का सबसे प्रमुख कर्तव्य होना चाहिए। इसके साथ ही सरकार को यह भी ध्यान देना चाहिए कि इसका लाभ सभी नागरिकों को आसानी से प्राप्त हो सके।

बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं कि प्राचीन समय में बच्चों को संस्कार और ज्ञान देने का काम परिवार करते थे।लेकिन वर्त्तमान समय में यह कार्य परिवार के लोग नहीं बल्कि टेलीविजन कर रहा है।आजकल हर घर में यह देखना बहुत ही सामान्य सा हो चूका है की हमारा पसंदीदा कार्टून चैनेल या कार्यक्रम ये है।जिन घरों में भी छोटे बच्चे होते हैं,वहाँ कार्टून नेटवर्क की ओर खासा आकर्षण देखने को मिलता है।यह कार्टून कार्यक्रम बच्चों के दिमाग और दिल पर गलत प्रभाव डालते हैं।कार्टून कार्यक्रम में दिखाए जाने वाले रहस्य ,चोरी और हिंसा जैसी चीज़ों को देख कर बच्चे उसी काल्पनिक दुनिया को सच मान कर जीने लगते हैं।जिनसे बच्चों में हिंसक प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल रहा है।कार्टून कार्यक्रम का दुष्परिणाम बच्चों में चिड़चिड़ापन और असमाजिक होना ,पढ़ाई की ओर ध्यान ना देना ,कमजोर स्मरण शक्ति के रूप में देखने को मिल रहा है।

बिहार राज्य के जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा जानकारी साझा करते हुए कहते हैं कि आजकल प्रसव के समय निजी अस्पतालों में बच्चा फँस गया है ,जोखिम नहीं ले सकते या अन्य ऐसे कई बहाने जिनसे परिजनों को भ्रमित कर उन्हें प्रसव के लिए सिजेरियन ऑप्रेशन की सलाह डॉक्टर बहुत आसानी से दे देते हैं।ऐसा करने के पीछे एक मात्र कारण डॉक्टरों का अपना मुनाफा होता है।वहीं दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में देखा जाए तो अधिकत्तर बच्चे नॉर्मल प्रसव द्वारा ही होते हैं।मात्र 11 % बच्चे सिजेरियन ऑप्रेशन से सरकारी अस्पताल में होते हैं,वहीं निजी अस्पतालों में यह आँकड़ा 55 % से भी अधिक होता है।एक सर्वे के अनुसार यह रिपोर्ट सामने आई है की 2016-2017 में हर दूसरा बच्चा सिजेरियन ऑप्रेशन से ही जन्म लिया है।जबकि कई स्वास्थ्य संगठनो का भी यही मानना है की किसी भी देश में 15 % से अधिक सिजेरियन ऑप्रेशन नहीं होना चाहिए।निजी अस्पतालों के इस व्यवसाय पर जल्द से जल्द रोक लगाने की जरुरत है।

बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होते ही C.B.S.E के छात्रों को NCERT की पुस्तकों के लिए परेशान होना पड़ता है।काफी प्रयास करने के बाद भी जब दुकानों में पुस्तक नहीं मिलते हैं,तब आर्थिक रूप से सशक्त छात्र निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीद लेते हैं।वहीं दूसरी ओर निर्धन छात्रों के पास इतने पैसे नहीं होते की वो निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीद सकें।पुस्तक विक्रेताओं का कहना है ,कि पुस्तकों की कमी होने का कारण है ,माँग की तुलना में आपूर्ति का कम होना।पुस्तकों की समस्या से निपटने के के लिए NCERT ने अपने अधिकारिक वेबसाइट पर अपनी सभी पुस्तकों को अपलोड कर दिया है।जिससे की छात्रों को किसी समस्या का सामना ना करना पड़े।लेकिन आर्थिक तंगी के कारण कुछ छात्र इस सुविधा से भी वंचित रह जाते हैं

बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार जीविका मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि पर्यावरण से लगातार हो रहे छेड़-छाड़ के कारण ही इतनी भयावह गर्मी का कहर हमलोग झेल रहे हैं।वृक्षों की अन्धाधुंद कटाई से तापमान में काफी वृद्धि हो रही है।ऐसे में मनुष्य तो अपने लिए उपयुक्त व्यवस्था कर राहत ले लेते हैं,पर पशु- पक्षियों का क्या जो बेजुबान होते हैं।हमे मानवता का परिचय देते हुए उनके लिए भी कुछ करना चाहिए।शहरों में अक्सर भूख-प्यास से पक्षियों को मरते हुए देखा गया है।शहरों में नदियों के नाम पर गन्दी नाली और वृक्ष के नाम पर सिर्फ सूखे पेड़ ही नजर आते हैं।इसलिए हमें अपने छत पर इन पक्षियों के लिए किसी बर्तन में पानी और अनाज जरूर रखना चाहिए।

बिहार के सिकंदरा जमुई से विजय सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि गर्मी में बचाव को लेकर कूलर ऐ सी में बैठने के बाद धुप में नहीं निकलना चाहिए,ज्यादा तेल मसाला का भोजन,ज्यादा गर्म खाना ,बार-बार चाय ,बासी भोजन की सेवन से बचने की जरुरत है। स्वस्थ रहने के लिए जब भी घर से निकलें तो खाना खा कर ही निकलना चाहिए । सूती और हल्के रंग के कपड़े और चेहरा -सिर को ढक कर ही घर से बाहर निकलना चाहिए। गर्मी में प्याज का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए,जेब में प्याज रखने से भी फायदा हो सकता है।

बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं कि सरकारी कर्मचारी हो या जनप्रतिनिधि सबको आम जनता की सेवा के लिए ही रखा जाता है।जनता की मदद करने के लिए यह जरुरी है की ये कर्मचारी अपने दफ्तर में समय से उपस्थित्त रहें।वर्तमान में भी हर दफ्तर में आगमन और प्रस्थान के समय को अंकित किया जाता है।लेकिन बदलती तकनीक के साथ उपस्थिति दर्ज प्रणाली में बदलाव नहीं हो रहा है।कर्मचारियों की दक्षता का लाभ आम जनता को बेहतर तरीके से मिल सके,इसके लिए आवश्यक है की स्कूल-कॉलेज,सरकारी दफ्तरों समस्त जगहों पर बायोमेट्रिक पद्धति से उपस्थिति बनवाने की व्यवस्था हो।ऐसा करने से आम जनता को अधिक लाभ मिल सकेगा और कार्यालय में काम करने की संस्कृति को भी बढ़ावा मिल सकेगा

Transcript Unavailable.

बिहार राज्य के जमुई जिला से विजय कुमार मोबाइल वाणी के जरिए अपना विचार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए हम सभी का जागरूक होना आवश्यक है।इसमें मिडिया अहम भूमिका निभा सकता है।ऐसे कई आंदोलन हैं जो मिडिया के कारण आगे आया और सफल भी रहा है।पत्रकार के माध्यम से लोगों के बीच जागरूकता लाया जा सकता है और प्रदूषण के संकट को कम किया जा सकता है।कुछ समय पहले भी यह खबर मिली थी की दिल्ली में प्रदूषण के कारण हवाओं में साँस लेना भी मुश्किल हो गया था।जिसके कारण स्कूलों को भी बंद कर दिया गया था।हमें इस विषय पर जल्द ही ध्यान देना होगा और यह भी सोचना होगा कि क्या हम खुद इसके लिए जिम्मेदार नहीं है।प्रकृति सिर्फ हमारी जरुरत पूरा कर सकती है

Transcript Unavailable.