मेरे गांव में इंटरनेट की सुविधा नगण्य मात्र है जब मैं दो मंजिले छत पर चढ़ता हूं तब जाकर मेरे मोबाइल में टावर दिखता है तब जाकर कहीं मैं बात कर पाता हूं । मैं मुख्य रूप से एक यूट्यूबर हूं जिसके लिए मैं अपने यूट्यूब चैनल मृत्युंजय सिंह बाढ़ (MRITUNJAY SINGH BARH) के लिए यूट्यूब के लिए यूट्यूब पर अपने वीडियो अपलोड करने के लिए इंटरनेट का उपयोग करता हूं

बिहार राज्य के गिद्धौर जिला से संवाददाता भीम राज ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कहा कि हमारे भारत देश के सभी राज्यों से गोरैया पक्षी अब विलुप्त हो रही है। उसकी वजह है हम जैसे आम इंसान। संवाददाता ने कहा कि जिस तरह से हम जैसे आम इंसान स्वच्छ भारत अभियान की बात करते हैं। क्या उसे हम अपना रहे हैं ? नहीं। क्योंकि स्वच्छ भारत अभियान तो सरकार द्वारा चलाई गई योजना तो बस दिखावे के लिए बनी है। संवाददाता ने कहा कि जिस तरह से वायु प्रदुषण, मोबाइल टॉवर के रेडिएशन से, गाड़ी के धुंवे से गोरैया पक्षी तो मर ही रही है। साथ ही और भी अनेकों पक्षियाँ इन प्रदूषणो का शिकार बन रही है । संवाददाता ने कहा कि गोरैया को बस हम अपने मोबाइल के वॉलपेपर में रख कर उसे देख सकते हैं। भीम राज ने यह भी कहा कि हमारी सरकार ने जिस तरह से 20 मार्च 2016 को विश्व गोरैया दिवस का नीव रखा वह भी दिखावे के लिए रखा गया। इन गोरैयों और अन्य पक्षियों की मौत की वजह तो हम लोग ही है।

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बिहार के मुंगेर जिला से दीपक ने बिहार मोबाइल वाणी के माध्यम से होली पर्व के अवसर पर खूबसूरत गीत की प्रस्तुति दी और गीत के बोल इस प्रकार है, सात रंग में खेल रही है दिल वालों की टोली रे, अपने रंग में रंगदे मुझे याद रहे ये होलीरे।

बिहार राज्य के नालंदा जिला से संवाददाता रंजन कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कहा कि आज कल पुरे भारत देश में हम महिलाओं को देवी का रूप मानते है। लेकिन क्या हम उस देवी को इज्जत भरी निगाहों से देख रहे है ? नहीं। क्योंकि हर समाचारों में, अखबारों में बस यही सुनते है की महिलाओं के साथ या फिर किसी बच्चियों के साथ बलात्कार हुआ है। मोदी सरकार के कानून बनने के बाद भी लोग खुले आम महिला या फिर छोटी बच्चियों को अपने हवस का शिकार बना रहें हैं। जैसे - जैसे साल बीत रहें है, उसी प्रकार बलात्कार का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। संवाददाता ने कहा कि अब तो घरों में भी बलात्कार की खबर मिलते रहती है। जिस कारण से महिला और छोटी छोटी बच्चियां बाहर तो बाहर घरों में भी अपने आप को सुरक्षित महसुस नहीं कर पा रहीं है। अगर ऐसा चलता रहा तो आने वाले समय में इसे रोकना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।

बिहार राज्य के जमुई जिला गिद्धौर प्रखंड से रंजन मोबाइल वाणी के द्वारा कहते हैं की हमारे देश में कब होगा श्रमिकों का सम्मान।अगर हर क्षेत्र में मनरेगा का कार्य बिना किसी घोटाले और नियम के साथ योजना का पालन हो तो मजदुरों को कम वेतन में भी दुसरे राज्यों में काम करने के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा।इस योजना का उद्देश्य ही था मजदुरों के पलायन को रोकना।लेकिन बहुत ही दुर्भाग्य की बात है की इन योजनाओं के तहत होने वाले कार्यों में मजदुरों को नहीं लगाया जाता है।कार्यों को मशीनों के द्वारा करा दिया जाता है।मजदुरों के लिए लेबर कार्ड तो बन जाता है पर उसे मजदुरों को नहीं दिया जाता है।मुखिया और वार्ड पार्षद अपने पास लेबर कार्ड रखते है और लेबर कार्ड को भर कर खुद ही योजना का लाभ ले लिया करते हैं।इस फर्जीवाड़े में सरकारी कर्मचारी और अधिकारियों की भी पुरी सहभागिता होती है।इस योजना में बड़े पैमाने पर घोटाला किया जा रहा है।इसके बाद भी सरकार इसके प्रति उदासीन है अगर सरकार इसके तरफ रुख करती तो मजदुरों को विवशता में पलायन नहीं करती

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