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हरियाणा राज्य से अनुभव साझा मंच के माध्यम से बताते है कि फुट स्टेप प्राइवेट कम्पनी जहाँ लगभग 150 श्रमिक काम करते है। वे कहते है कि फ़रवरी माह का वेतन अभी तक इस कम्पनी में अभी तक नहीं दिया गया है। साथ ही वे कहते है कि हिन्दुओ का त्यौहार होली आ रही है लेकिन वेतन नहीं दिया गया है जिससे श्रमिक बहुत परेशान है। सभी श्रमिक आशा लगाए बैठे है की कब उन्हें वेतन मिले और कब वे त्यौहार कि खरीदारी करे।

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श्रमिकों को खुद ही जागरूक होना होगा ,अगर कंपनी वेतन नहीं दे रही है तो आपको बिना वेतन के काम नहीं करना चाहिए,साथ ही आपको किसी और कंपनी में काम की तलाश करनी चाहिए थी,इसके अलावा सभी श्रमिक संगठित होकर कंपनी प्रबंधक से बात करनी चाहिए,इस मामले में आपके पास सबसे पहला और बेहतर विकल्प यही है।
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April 9, 2019, 9:44 p.m. | Tags: festival   int-PAJ   labour   wages   local updates  

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हरियाणा बहादुरगढ़ से अनुभव कुमार साझा मंच के माध्यम से बताते हैं कि

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हरियाणा बहादुरगढ़ पटेल नगर से कल्लू प्रसाद साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि वे रिलैक्सो कम्पनी में पीस रेट पर काम करते हैं।और ठेकेदार द्वारा पांच हजार रुपया काट लिया गया।

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जी आपको बताना चाहेंगे कि आपने जो सवाल पूछा है वो अधूरा है और अगर टेहकेदार के द्वारा आपका पैसा काटा जा रहा है तो आप आप इसके बारे में कंपनी प्रबंधक से बात करें और अगर कंपनी प्रबंधक भी आनाकानी करते है तो आप इसकी लिखित शिकायत लेबर दफ्तर में दें।
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March 7, 2019, 10:41 p.m. | Tags: int-PAJ   wages  

हरियाणा राज्य के गुडगाँव,सेक्टर-2 से संजीव कुमार सिंह साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि वो सेक्टर 37,547 कंपनी में कार्य करते थे। जहा कंपनी के मालिक द्वारा मज़दूरी का समय पर वेतन भुगतान नहीं करते थे। कर्मचारी जब वेतन लेने जाते थे उन्हें 12 तारिक के बजाय 29 तारिक को वेतन देते थे। अगर इस बीच कर्मचारी द्वारा वेतन माँगा जाता था तो उन्हें वेतन नहीं देने की बात कही जाती थी।इस कारण कई कर्मचारी तंग कंपनी छोड़ दिए। संजीव जी ने यह भी बताया कि कंपनी द्वारा कर्मचारियों को पे स्लिप नहीं मिलती थी और न ही अन्य कोई सुविधा उपलब्ध होती थी। अगर कोई कर्मचारी कंपनी छोड़ने के बाद वेतन की माँग करता तो उनके बात को टाल दिया जाता था। इस कारण प्रवासी कर्मचारी मज़बूरन दूसरी कंपनी की तरफ रुख मोड़ लेते हैं। प्रवासियों के साथ कंपनी मालिक का इसी तरह का व्यवहार रहता हैं। संजीव जी अन्य मज़दूरों को सुझाव देते हुए यह कहते हैं कि अगर कंपनी द्वारा महीनें के 12 तरीक से 15 तरीक के बीच वेतन नहीं मिलता तो मज़दूर को वह कंपनी छोड़ देनी चाहिए।