हरियाणा राज्य के गुडगाँव,सेक्टर-2 से संजीव कुमार सिंह साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि वो सेक्टर 37,547 कंपनी में कार्य करते थे। जहा कंपनी के मालिक द्वारा मज़दूरी का समय पर वेतन भुगतान नहीं करते थे। कर्मचारी जब वेतन लेने जाते थे उन्हें 12 तारिक के बजाय 29 तारिक को वेतन देते थे। अगर इस बीच कर्मचारी द्वारा वेतन माँगा जाता था तो उन्हें वेतन नहीं देने की बात कही जाती थी।इस कारण कई कर्मचारी तंग कंपनी छोड़ दिए। संजीव जी ने यह भी बताया कि कंपनी द्वारा कर्मचारियों को पे स्लिप नहीं मिलती थी और न ही अन्य कोई सुविधा उपलब्ध होती थी। अगर कोई कर्मचारी कंपनी छोड़ने के बाद वेतन की माँग करता तो उनके बात को टाल दिया जाता था। इस कारण प्रवासी कर्मचारी मज़बूरन दूसरी कंपनी की तरफ रुख मोड़ लेते हैं। प्रवासियों के साथ कंपनी मालिक का इसी तरह का व्यवहार रहता हैं। संजीव जी अन्य मज़दूरों को सुझाव देते हुए यह कहते हैं कि अगर कंपनी द्वारा महीनें के 12 तरीक से 15 तरीक के बीच वेतन नहीं मिलता तो मज़दूर को वह कंपनी छोड़ देनी चाहिए।