उत्तरप्रदेश राज्य के जिला सुल्तानपुर से फकरुद्दीन , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि पर्यावरण में पानी का बहुत महत्व है। पानी के बिना जीवन संभव नहीं है। इसलिए, अगर हम रास्ते में नल खुला या टपकता हुआ पानी पाते हैं, तो हमें हमेशा पानी बचाने की कोशिश करनी चाहिए हमें कार्यालय में हैं, घर पर हैं या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर हैं, पार्क में हैं, कहीं भी यदि आप नल को खुला देखते हैं, तो आप उस पानी के नल को बंद करना सुनिश्चित करें ताकि पानी बर्बाद न हो। यदि आप ऐसा कर रहे हैं तो बहुत अधिक पानी बर्बाद न करें, यदि आप अपना बगीचा चाहते हैं तो जितना चाहिए उतना पानी का उपयोग करें। यदि आपको किसी पेड़ या पौधे को पानी देना है, तो आप पीने योग्य पानी के बजाय अन्य पानी का उपयोग कर सकते हैं, जिससे केवल तभी पानी की बचत होगी जब आप तुल्लू के माध्यम से अपने टैंक को भरते समय, सुनिश्चित करें कि यह ओवरफ्लो और ओवरफ्लो न हो, क्योंकि इससे बहुत सारा पानी बर्बाद होता है। और यह पीने योग्य भी नहीं है और न ही इसका किसी भी तरह से उपयोग किया जाता है, इसलिए दोस्तों, आप पानी बचाएँगे, तभी हमारे भावी बच्चे उस पानी का उपयोग कर सकेंगे।

उत्तर प्रदेश राज्य के वाराणसी जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शैलेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि जल संरक्षण एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है। उत्तर प्रदेश में कई ऐसी जगहें हैं जहां पानी की समस्या है जहां पीने योग्य पानी उपलब्ध नहीं है। इसलिए पानी को किस तरह से संरक्षित किया जाना चाहिए इस पर ध्यान देना चाहिए। पेड़ों की संख्या ज्यादा करनी होगी पेड़ लगाएं ताकि वातावरण संतुलित रहे। खेतों में ऊँचे मेड़ों की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि खेतों में जो पानी है वह ठहरे और इसका अधिक हिस्सा जमीन के अंदर अवशोषित किया जा सके। उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मिर्जापुर, सोनभद्र के साथ-साथ चंदौली जैसे कई अन्य क्षेत्र हैं, जहाँ लोग गड्ढे बनाते हैं। जिनमें पानी रुक जाता है, साथ ही साथ आवश्यकता के अनुसार लोग इससे सिंचाई आदि करते हैं। पानी का बहुत अधिक दोहन नहीं किया जाना चाहिए और लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए। हालांकि सरकारी विभागों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाता है। ताकि आने वाले समय में लोगों को पानी के संकट से बचाया जा सके और इसके साथ ही यह भी देखना चाहिए कि जहां धान के लिए उपयुक्त मिट्टी हो, वहां ही धान की खेती की जानी चाहिए। लोगों को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के प्रति जागरूक होना चाहिए

बिहार राज्य के नालंदा जिला के नगरनौसा प्रखंड से शंभुशरण प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उन्होंने मोबाइल वाणी पर चल रहे कार्यक्रम क्योकि ज़िन्दगी ज़रूरी है के तहत सुना कि पानी में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने से त्वचा रोग हो सकता है, जो की इन्हे बहुत अच्छा लगा। साथ ही उन्होंने कहा कि मोबाइल वाणी के माध्यम से अनेक प्रकार की जानकारियां मिलती है

उत्तरप्रदेश राज्य के बस्ती ज़िला से विजय पाल चौधरी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि यह सही है कि पेड़ पौधे लगाया जाएगा तो गर्मी कम होगी। मौसम के लिए पानी का बचाव भी ज़रूरी है। पेड़ पौधे लगाना ज़रूरी है ,बारिश कम होने से भी गर्मी बहुत ज्यादा होती है। पानी का संरक्षण कर उसके बगल ऐसे पेड़ लगाना चाहिए जो पानी को सोख लें ,पेड़ पौधे रहेंगे तो गर्मी कम हो जाएगी। अच्छा पर्यावरण के लिए वृक्षारोपण ज़रूरी है। सभी लोग का सहयोग होगा तब ही मौसम को बचाना संभव है

इस कार्यक्रम में एक परिवार बात कर रहा है कि कैसे बढ़ती गर्मी से बचा जाए। वे चर्चा करते हैं कि शहरों में ज्यादा पेड़-पौधे लगाने चाहिए, पानी बचाना चाहिए, और लोगों को इन बातों के बारे में बताना चाहिए। और सभी को मिलकर अपने आसपास की जगह को ठंडा और हरा-भरा बनाकर रखना चहिये

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इस कार्यक्रम में एक परिवार बात कर रहा है कि कैसे बढ़ती गर्मी से बचा जाए। वे चर्चा करते हैं कि शहरों में ज्यादा पेड़-पौधे लगाने चाहिए, पानी बचाना चाहिए, और लोगों को इन बातों के बारे में बताना चाहिए। और सभी को मिलकर अपने आसपास की जगह को ठंडा और हरा-भरा बनाकर रखना चहिये

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इस कार्यक्रम में एक परिवार बात कर रहा है कि कैसे बढ़ती गर्मी से बचा जाए। वे चर्चा करते हैं कि शहरों में ज्यादा पेड़-पौधे लगाने चाहिए, पानी बचाना चाहिए, और लोगों को इन बातों के बारे में बताना चाहिए। और सभी को मिलकर अपने आसपास की जगह को ठंडा और हरा-भरा बनाकर रखना चहिये

इस कार्यक्रम में एक परिवार बात कर रहा है कि कैसे बढ़ती गर्मी से बचा जाए। वे चर्चा करते हैं कि शहरों में ज्यादा पेड़-पौधे लगाने चाहिए, पानी बचाना चाहिए, और लोगों को इन बातों के बारे में बताना चाहिए। और सभी को मिलकर अपने आसपास की जगह को ठंडा और हरा-भरा बनाकर रखना चहिये