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उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के पयागपुर ब्लॉक के भगतपुरवा गांव से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सलाम से हुई। सलाम यह बताना चाहते हैं कि उनको शौचालय ,आवास और कोई भी सरकारी सुविधाएं नहीं मिल रहा है। पानी की भी समस्या है
झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला के कसमार प्रखंड से प्रकाश कुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय में मानव के लिए सबसे बड़ी समस्या है। बेमौसम बारिश होना और ओला गिरना यह जलवायु परिवर्तन के लिए सबसे चिंताजनक विषय है।विकास के नाम पर पेड़ों को काटा जा रहा है।वायु प्रदुषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और जल प्रदुषण के कारण लोगों को शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा है। अगर लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकार आवाज़ नहीं उठाएंगे तो आने वाले समय में मानव समाज के लिए बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती हैं। इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा पेंड़ लगाना चाहिए
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला से विशल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राम गोपाल से हुई। राम गोपाल यह बताना चाहते हैं कि पानी नहीं मिल रहा है। चार साल से पानी की टंकी बना हुआ है लेकिन पानी नहीं मिला है।
उत्तर प्रदेश राज्य के बहराइच जिला के हुजूरपुर से विशाल सिंह की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम हमारे श्रोता से हुई ।श्रोता यह बताना चाहते है कि उनको कोई भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है ।पानी टंकी और सौचालय का लाभ नहीं मिला है ।
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से टेक नारायणा प्रसाद कुशवाहा मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि पेयजल का मीनार दो साल से कबाड़ पड़ा हुआ है। सरकार के द्वारा जो पेयजब की मीनार बनाकर लोगों को घर घर तक पहुंचाने के काम किया जाना सुनिश्चित किया किया गया था आज देखने को मिल रहा है की उस मीनार में न बोर्डिंग का पता है न ही पानी का पता है मात्र टंकी बैठा कर के ऊपर में दो साल से पड़ा हुआ है। जनता कोसी किसी तरह का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है और बीच बीच में उस विभाग के लोग आते हैं तो कभी तरी चालक लगाते हैं तो कभी कुछ यन्त्र लगाते हैं परन्तु मात्र लगाने का ही नाम लेते हैं और पानी चालु करने का अभी तक कोई जोर नहीं दिया गया है।
झारखण्ड राज्य के रांची जिला से सिद्धार्थ राज मंडल मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि कम बारिश और सूखे जैसी स्थिति में, फसल को बचाने और मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए खेतों में ट्रेंच खोदना एक प्रभावी जल संरक्षण तकनीक है। यह विधि वर्षा जल को इकट्ठा करती है, मिट्टी के क्षरण को कम करती है, और पानी की कमी के दौरान फसलों को आवश्यक नमी प्रदान करती है।
झारखण्ड राज्य के खूँटी ज़िला के तोरपा प्रखंड से सुमित टोपनो मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि उन्हें कार्यक्रम से जानकारी और जागरूकता मिली कि पानी को बचा कर सुखाड़ से बचा जा सकता है। कार्यक्रम में जैसा बताया गया अगर उस तरीका को अपना कर खेती में लाभ होगा तो लोग ज़रूर इसे अपनाना चाहेंगे। इनके गाँव में एक नदी है जहाँ मिट्टी बहाव देखने को मिलता है क्योंकि वो नदी अपने पहले दिशा को छोड़ अब दूसरे दिशा की ओर बह रही है। उससे कही ज़्यादा मिटटी का कटाव हो रहा है। कई लोगों के खेत बर्बाद हो गए है। अधिक बारिश ,मिट्टी कटाव की समस्या का समाधान नहीं होने के कारण ये सब दिक्कतें देखने को मिल रही है। गाँव में गड्ढ़े तो नहीं कोड़े गए है लेकिन चेक डैम का निर्माण हुआ है। गर्मी के मौसम में पानी सूख जाता है। सूखा से बचने के लिए जो कार्यक्रम में बताया गया है वो बहुत अच्छा है जिससे लोगों के लिए यह उपाय लाभदायक हो सकती है। अगर गाँव में अनुमति मिलेगी तो वो बताए गए उपाय को गाँव में लाना चाहेंगे ताकि लोगों की समस्या का समाधान हो और उन्हें सुविधा मिल सके। सुमित कहते है कि वो अन्य लोगों के साथ भी सुखाड़ से बचने के उपाय साझा करेंगे। साथ ही कार्यक्रम के सारे किरदार ,समय ,आवाज़ अच्छे है। लेकिन अगर ऑडियो के बजाए वीडियो के माध्यम से कार्यक्रम में जानकारी दी जाए तो लोग अच्छे से और सरल तरीके से बातों को सीख पाएंगे।
विष्णुगढ़ प्रखंड मुख्यालय सभागार में सोमवार को पेयजल स्वच्छता विभाग प्रखंड कोऑर्डिनेटर राजेश कुमार की अध्यक्षता में प्रखंड के विभिन्न गांव से पहुंचे जलसहिया के बीच बैठक किया गया।इस बैठक में मुख्य रूप से ब्रजेश कुमार पंकज कुमार दशमी देवी अनीता देवी सुनीता देवी गेंदो देवी रेखा कुमारी उषा रानी रीना देवी कंचन देवी सज्जनती देवी ललिता देवी समेत बड़ी संख्या में जलसहिया मौजूद रहे।
