झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि न्यूयॉर्क के सेनेका फॉल्स में आयोजित पहली महिला अधिकार कन्वेंशन में एलिजाबेथ कैंडी स्टैंटन और ल्यूक्रेशिया मोंट ने महिलाओं के लिए नागरिक, सामाजिक, कानूनी और राजनीतिक अधिकारों की मांग की थी।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से सदाम अंसारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि 1995 में विश्व नेताओं ने बीजिंग घोषणा और कार्य योजना के माध्यम से लैंगिक समानता के प्रति ऐतिहासिक प्रतिबद्धता जताई थी।।जो महिलाओं के अधिकारों के लिए लक्ष्य निर्धारित करने वाली एक अभूतपूर्व योजना थी।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि

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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राहुल शुक्ला ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत के लोग महिलाओं के लिए समान अधिकार चाहते हैं।बल्कि अगर पुरुष महिलाओं को अधिकार नही देते हैं तो यह असामान्य और अन्यायपूर्ण व्यवहार होगा। ये भारतीय हैं और इन्होने अंतर को महसूस किया है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि प्रत्येक महिला और लड़की को यौन और प्रजनन संबंधी अधिकार प्राप्त है।इसका अर्थ है कि उन्हें गर्भ निरोधक और सुरक्षित गर्भपात जैसी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँंच का अधिकार है। उन्हें यह चुनने का अधिकार है की वे कब,किससे और कैसे शादी करें।उन्हें यह भी तय करने का अधिकार है कि वे बच्चे पैदा करनाा चाहती हैं या नहीं। महिलाओं को लिंग आधारित हिंसा के भय के बिना जीने में सक्षम होना चाहिए।लेकिन सभी महिलाओं को इन अधिकारों का आनंद लेने में अभी लम्बा समय लगेगा।उदाहरण के लिए दुनियां भर में कई महिलाएं और लड़किया अभी भी सुरक्षित और कानूनी गर्भपात कराने में असमर्थ हैं।कई देशों में जो लोग गर्भपात करना चाहते हैं या जिन्हें इसकी आवश्यकता है,उन्हें अक्सर एक असंभव विकल्प चुनने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ऐसे लोगों को या तो अपनी जान जोखिम में डालना पड़ता है या जेल जाना पड़ता है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से अनिज रावत ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि सदियों से और आज भी कार्यकर्ता महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।उनमे से एक है - महिलाओं का मताधिकार।1893 में महिलाओं के मताधिकार के लिए आंदोलन शुरू हुआ। न्यूजीलैंड (माओरी भाषा में ओटेरोवा) 1893 में राष्ट्रीय स्तर पर सभी महिलाओं को मताधिकार देने वाला दुनिया का पहला देश बना। यह आंदोलन विश्व भर में फैल गया और इस संघर्ष में शामिल सभी लोगों के प्रयासों के कारण आज महिलाओं को मताधिकार प्राप्त है।