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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारतीय संविधान के तहत प्रत्येक महिला को समानता और सुरक्षा का मौलिक अधिकार प्राप्त है। अधिकारों में समान वेतन, शिक्षा और सम्पत्ति का अधिकार भी शामिल है।वर्तमान में महिलाओं को शिक्षा तो मिल रहा है, लेकिन सम्पत्ति के अधिकार से वो वंचित है।कानून ने महिलाओं को जमीन में हक़ दिया है। मगर यथार्थ में महिलाओं के नाम जमीन नही होती है और ना ही जमीन सम्बंधित कोई भी एक्शन लेने का हक या अधिकार होता है। जमीन में नाम ना होने के कारण महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे बैंक से लोन मिलने में कठिनाई,इत्यादि।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में 80 प्रतिशत कामकाजी महिलाएं कृषि क्षेत्र में हैं।लेकिन भूमि पर मालिकाना हक न होने और पुरुष प्रधान सामाजिक संरचना के कारण उन्हें किसान के रूप में मान्यता नहीं मिलती है।जमीनें आमतौर पर पिता,भाई या पति के नाम होती है।जिससे वे सरकारी योजनाओं,कर्ज और कृषि ऋण माफी जैसे अधिकारों से वंचित रह जाती हैं।भले ही वो खेती का अधिकांश कार्य करती हैं,फिर भी महिलाओं को जमीन का अधिकार नही दिया जाता है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को मालिकाना हक़ मिलना चाहिए। महिला कई तरह का काम करती हैं लेकिन उनको किसी भी तरह का अधिकार नहीं दिया गया है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को शिक्षित करना बहुत जरूरी है। उनको उन्हें उनके कानूनी अधिकारों जैसे संपत्ति का अधिकार, कार्यस्थल पर सुरक्षा और भरण पोषण के बारे में जानकारी देना चाहिए दूसरा जो आर्थिक आत्मनिर्भरता -इसमें स्वयं निर्णय लेने की आर्थिक संतत्रता बहुत जरूरी है। महिलाओं को नौकरी स्वरोजगार या किसी न किसी हुनर के माध्यम से आय अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को अपने निर्णय स्वयं लेने और सशक्त बनने के लिए शिक्षा, आर्थिक ,आत्मनिर्भरता और कानूनी अधिकारों की जानकारी अत्यंत आवश्यक है। उन्हें आत्मविश्वास बढ़ाने ,आत्म संदेश छोड़ने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की जरूरत है। इसके लिए परिवार और समाज को उनका समर्थन करना चाहिए
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने की बहुत जरुरत है। इसका पहला कारण है लैंगिक समानता और मानवाधिकार।इसमें महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार,शिक्षा और अवसर प्रदान करना ना केवल एक मौलिक मानवाधिकार है,बल्कि एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। दूसरा कारण है आर्थिक विकास और सशक्तिकरण। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थल में भागीदारी बढ़ाकर परिवार और राष्ट्र की आय में वृद्धि साझा की जा सकती है। जिससे गरीबी कम होती है और आर्थिक विकास को गति मिलती है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से सलोनी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं की स्थिति में सुधार लाने की जरूरत के मुख्य दो कारण हैं लैंगिक समानता और मानवाधिकार। महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार, शिक्षा और अवसर प्रदान करने न केवल एक मौलिक मानवाधिकार है बल्कि एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। महिलाओं की शिक्षा स्वास्थ्य और कार्य स्थल में भागीदारी बढ़ाकर परिवार और राष्ट्र की आय में वृद्धि की जा सकती है। समुदाय में स्थानीय पुलिस को रात में भीड़ भाड़ वाले इलाकों में तैनात किया जाना चाहिए। कार्यालय और संस्थाओं में सुरक्षित परिवहन के साथ साथ शिफ्ट निर्वाण कार्य का होना अनिवार्य है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से कूप अंसारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में लगभग अस्सी प्रतिशत कामकाजी महिलाएं कृषि क्षेत्र में हैं।लेकिन भूमि पर मालिकाना हक़ न होने और पुरुष प्रधान सामाजिक संरचना के कारण उन्हें किसान के रूप में मान्यता नही मिलती है।जमीन आम तौर पर पिता,भाई या पति के नाम होती है।खुद के नाम जमीन ना होने के कारण महिलाएं कर्ज,कृषि ऋण,माफ़ी,सरकारी योजनाएं,इत्यादि जैसे अधिकारों से वंचित रह जाती हैं।
