झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार 2024 में वैश्विक स्तर पर महिलाओं के अधिकारों में गिरावट देखी गई है। जहाँ कई समाजों के समान अधिकारों को कम किया जा रहा है। इन अधिकारों को उल्लंघन होने पर राष्ट्रीय महिला आयोग या स्थानीय पुलिस 1091 या 112 पे सहायता ली जा सकती है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं को सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय के पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।असाधारण परस्थिति में ऐसा हो एकता है और गिरफ्तारी के समय महिला कंस्टेबल की उपस्थिति अनिवार्य है।जरूरतमंद महिलाओं को मुफ्त क़ानूनी सलाह और सहायता पाने का अधिकार है।

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि समानता का अधिकार अनुच्छेद चौदह कानून के समक्ष समानता और अनुच्छेद पंद्रह लिंग के आधार पर भेदभाव को रोकता है और गरिमा के साथ जीने का अधिकार संविधान का अनुच्छेद 21 के तहत हर महिला को समान और भय मुक्त जीवन जीने का अधिकार है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। हिंदू उत्तराधिकार संशोधन अधिनियम दो हज़ार पाँच के अनुसार महिलाओं को उनके पिता की संपत्ति में पुरुषों के बराबर हक़ दिया गया है।कानून के अनुसार पिता के संपत्ति में लड़का और लड़की दोनों को बराबर का अधिकार दिया गया है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं को समानता का अधिकार दिया गया है। महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिया गया है। उनको घरेलु हिंसा से संरक्षण का अधिकार भी दिया गया है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिला अधिकार जो कभी सिर्फ नारो तक सीमित थे और कई महिलाएं अपने मूलभूत अधिकारों से अंजान थी अब सशक्तिकरण के युग में प्रवेश कर चुके हैं। भारत में नारी शक्ति बंधन अधिनियम के माध्यम से राजनीतिक भागीदारी ,घरेलू हिंसाऐ सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार जैसे प्रमुख कानूनी हक सुनिश्चित किए गए हैं। एक सौ बारह और 1091 जैसे हेल्पलाइन नंबर महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करते हैं

आज की युवा पीढ़ी महिला अधिकारों को एक नए नजरिए से देख रही है। जहां पहले अधिकारों की लड़ाई सड़क से संसद तक सीमित थी, वहीं अब यह लड़ाई डिजिटल दुनिया तक पहुंच चुकी है। सोशल मीडिया, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल कैंपेन यह सब उसके नए हथियार हैं.

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से गीता सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को संपत्ति में अधिकार नहीं मिलता है। महिला पूरा काम खुद करती है। जहाँ महिला होती है वहां खेती अच्छा होता है। संपत्ति का बात जब आता है तो वहां महिलाओं को वंचित कर दिया जाता है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से गीता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती हैं कि महिलाओं को संपत्ति के अधिकार से वंचित रखा गया है। एक महिला ने बताया कि संपत्ति और जमीन तो दूर की बात है। अगर वह घर से हंसुआ भी बिना पूछे किसी को दे देती हैं तो उस पर घर में चर्चा होती है और डांट दिया जाता है तो महिलाओं को निर्णय लेने का भी अधिकार नहीं है

झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से सत्येंद्र यादव मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं ने राजनीति में भाग ले कर नीतियों को प्रभावित किया और महिलाओं के अधिकारों के लिए कानून बनाए जाने में योगदान दिया। महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह ,महिला संगठन और समितियां बना कर उनके अधिकारों के लिए सामूहिक रूप से आवाज़ उठायी