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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि संपत्ति कर के लिए कई दस्तावेज लगते हैं जैसे - संपत्ति पहचान संख्या ,पिछले कर का रशीद ,आधार कार्ड ,पैन कार्ड ,मालिक का प्रमाण पात्र ,विक्रय विलय स्वामित्य प्रमाण पत्र आदि।यह प्रक्रिया ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जो संपत्ति के मालिकों को उनकी सम्पत्तियों पर सही कानूनी दर्जा देती है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से रौशन लाल मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि ग्रामीण बैंक से आसानी से ऋण ले सकते हैं। दस्तावेज- संपत्ति के मालिकों को संपति कार्ड या अधिकारों का अभिलेख जारी किया जाता है।यह योजना ग्राम पंचायत के संपत्ति कर को सुव्यवस्थित करती है जिसे विकास कार्यों में वृद्धि होती है
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से राज कुमार मेहता मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि ग्रामीण संपत्ति रिकॉर्ड अब मुख्य रूप से स्वामित्व योजना के तहत डिजिटल किया जा रहा है। ग्रामवासियों को उनकी आवासीय जमीन और घर का कानूनी स्वामित्व और दस्तावेज प्रदान करता है ड्रोन और जी आईएस मैपिंग तकनीकी का उपयोग करके केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों का अस्टीक रिकॉर्ड जो स्वामित कार्ड तैयार कर रही है जिससे संपत्ति विवाद कम होते हैं और बैंक ऋण प्राप्त करना आसान हो जाता है
झारखंड राज्य के हजारीबाग जिला से साजिद अंसारी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं के नाम से जमीन होना चाहिए ।महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलने से सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलती है और कानूनी फायदे भी मिलते हैं ।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग़ जिला से उपेंद्र केशरी मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि महिलाओं के नाम से जमीन होने से वह आर्थिक रूप से अधिक स्वतंत्र और आत्मविश्वासी बनती हैं
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाओं के नाम जमीन होने के कई फायदे हैं।जैसे - प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत यदि घर किसी महिला के नाम पर है या घर में एक महिला सह मालिक है तो उन्हें 6.5 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलती है।यदि पति पत्नी मिलकर ज्वाइंट प्रोपर्टी खरीदते हैं और महिला उसमें बराबर के हिस्सेदार हैं तो उन्हें आयकर में भी छूट मिल सकती है।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से राजकुमार ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिला खरीदारों के लिए रियल एटेट में लाभ मिलता है। कई राज्य सरकारें अपने नाम पर संपत्ति पंजीकृत कराने वाली महिलाओं को विभिन्न प्रोत्साहन दे रही है। भारत में महिलाओं को अचल संपत्ति में निवेश करने और संपत्ति का स्वामित्व प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन किया जा रहा है। क्योंकि इससे उन्हें वित्तीय सुरक्षा और संतरता मिलती है। किसी महिला के नाम पर सम्पत्ति पंजीकृत कराने से विवादों की स्थिति में उनके अधिकारों की रक्षा होती है और सम्पत्ति पर उनका नियंत्रण सुनिश्चित होता है।
विष्णुगढ़ प्रखंड मुख्यालय सभागार में सोमवार को पेयजल स्वच्छता विभाग प्रखंड कोऑर्डिनेटर राजेश कुमार की अध्यक्षता में प्रखंड के विभिन्न गांव से पहुंचे जलसहिया के बीच बैठक किया गया।इस बैठक में मुख्य रूप से ब्रजेश कुमार पंकज कुमार दशमी देवी अनीता देवी सुनीता देवी गेंदो देवी रेखा कुमारी उषा रानी रीना देवी कंचन देवी सज्जनती देवी ललिता देवी समेत बड़ी संख्या में जलसहिया मौजूद रहे।
झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला से प्रिया कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत में अधिकांश जमीन पुरुषों के नाम होने के पीछे मुख्य कारण ऐतिहासिक पितृसत्तात्मक व्यवस्था,पारम्परिक रीति रिवाज और कानूनी उत्तराधिकार के नियम रहे हैं। सदियों से पैतृक संपत्ति बेटों को मिलने की प्रथा और महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र ना मानने की सामाजिक सोच ने यह नियम बनाया था।लेकिन अब क़ानूनी बदलाव हो रहे हैं।
