दिल्ली से हस्मत अली की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से अबरार अली से लोनी क्षेत्र के विषय में बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि यहाँ नाली ,प्रदूषण और सफाई की बहुत बड़ी समस्या है। प्रशंसन व किसी भी कर्मचारी की नज़र इस पर नहीं पड़ती है।
दिल्ली से हस्मत अली की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पुस्ता मार्ग पर बिजली की व्यवस्था नहीं है। यहाँ कभी भी हादसा हो सकता है
हमारे श्रोता राहुल यादव साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से एक गीत की प्रस्तुति कर रहे हैं।
दिल्ली से हस्मत अली,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण राहगीरों को बहुत परेशानी हो रही है और सरकार -प्रशासन कुछ नहीं कर रही है।
दिल्ली से हस्मत अली,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण राहगीरों को बहुत परेशानी हो रही है। आने जाने वाले लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रहे है। लेकिन सरकार -प्रशासन इसपर कुछ भी कदम नहीं उठा रही है।
दिल्ली एनसीआर के कापासेड़ा से नन्द किशोर,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मज़दूर जो 16 साल से कर रहे हैं लेकिन उनकी बुनियादी जरूरतें जैसे -रोज़ी रोटी ,बच्चों की पढ़ाई पूरी नहीं हो पा रही है। इसलिए वे आज आत्म निर्भर मजदुर बन रहे हैं।
दिल्ली एनसीआर के कापसहेड़ा से हमारे श्रोता नन्द किशोर साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि दिल्ली में अधिकतम लोग कोरोना वायरस को देखते हुवे सरकारी निर्देशों का पालन नहीं कर रहे है। साथ ही कह रहे है है की प्रशासन द्वारा जगह जगह पर्चियां बांटी जा रही है जिससे कोरोना वायरस को रोका जाए पर लोग अभी भी किसी की भी नहीं सुन्न रहे है। कह रहे है की ऐसे में शायद कोरोना का खतरा और बढ़ सकता है
दिल्ली एनसीआर से हमारे श्रोता साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि उन्हें कंपनी में पीस रेट पर काम करने से अच्छा फैब्रीकेटर पर काम करना ज़ादा अच्छा लगता है। साथ ही कह रहे है कि यहाँ पर काम करने का अच्छा पैसा मिलता है तथा पैसों को लेकर कंपनी के जैसा भागा दौड़ नहीं होता है
उत्तर प्रदेश राज्य के कुशीनगर से राहुल साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि साझा मंच में जितने भी श्रोता अपनी बात रिकॉर्ड करते हैं तो वे वर्तमान पते की ही जानकारी दें
दिल्ली एनसीआर के कापसहेड़ा से संतोष साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि त्यौहार के समय लगभग बहुत से कंपनियों में मजदूरों को बोनस नहीं दिया जाता है। बता रहे है कि मजदूरों का बोनस लेना उनका हक़ है पर कंपनी वाले मनमाने ढंग से उनसे काम करवाती है साथ ही कह रहे है कोई भी मजदूर को कंपनी तीन महीनों से ज़ादा कंपनी में काम नहीं करने देती हैं।
