दिल्ली एनसीआर के कापासेड़ा से नन्द किशोर,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मज़दूर जो 16 साल से कर रहे हैं लेकिन उनकी बुनियादी जरूरतें जैसे -रोज़ी रोटी ,बच्चों की पढ़ाई पूरी नहीं हो पा रही है। इसलिए वे आज आत्म निर्भर मजदुर बन रहे हैं।
दिल्ली एनसीआर के कापासेड़ा से नन्द किशोर,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि मज़दूर जो 16 साल से कर रहे हैं लेकिन उनकी बुनियादी जरूरतें जैसे -रोज़ी रोटी ,बच्चों की पढ़ाई पूरी नहीं हो पा रही है। इसलिए वे आज आत्म निर्भर मजदुर बन रहे हैं।