बज्रपात से अरुण पासवान के पुत्र की मृत्यु हो गयी साथ ही 3 लोग घायल है जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल मुंगेर भेजा गया है सभी अग्रण गांव के निवासी है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।

आजकल थरमोकोल व्यापक रूप में इस्तेमाल होने लगा है। जहां नजर जाए वही यह दिखाई दे जाता है। जबकि थरमोकोल नो तो गल पाता है ना पूरी तरह खत्म हो पाता है । जलाने पर भी इससे बहुत विषैले एवं खतरनाक गैसें निकलती है ,जो पर्यावरण पर बुरा प्रभाव डालती है इसके बावजूद भी हम थरमोकोल का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।

बज्रपात से एक व्यक्ति की मौत हो गयी। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।

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रविवार की सुबह लगभग 5 बजे से मुंगेर डीएम राजेश मीणा, प्रभारी एसपी राकेश कुमार, ASP ऑपरेशन राणा नवीन सिंह, DSP वीरेंदर कुमार सहित सैकड़ों QRT जवानों के साथ मुंगेर मण्डल कारा में छापेमारी शुरू की गई । जिसमें कई थानों के थानाध्यक्ष भी शामिल थे

बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मुंगेर प्रखंड क्षेत्र के वार्ड संख्या पांच शेरपुर में पानी के लिए कोहराम मची हुई है। यह पानी की किल्लत पिछले 22 माह से खराब है जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोग सुबह होते ही अपना गैलन बाल्टी डब्बा लेकर लोग ईधर-उधर भटक रहे है तब उन्हें पानी मिल पाता है। और इससे लोग अपनी दिनचर्या को पूरा कर पाते हैं। लेकिन आज लोगों में इतनी नाराजगी देखने को मिल रही है कि लोग पानी की किल्लत से काफी परेशान हो चुके हैं।

बिहार राज्य के जिला मुंगेर से रोहित कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि चिलचिलाती धूप उमस भरी गर्मी एवं काँवरियो के लिए पथ में बिछाये गए बालू से निकल रहे अंगारे नव काँवरियो को परेशानी में डाल रखा है।इस धुप में खाली पैर काँवरिया को चलने में परेशानी हो रही है दिन के 9:00 बजते ही काँवरिया तेज धूप से बचने के लिए सुरक्षित स्थान को तलाश करने लगते विदित हो कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के चौथे दिन में प्रशासनिक तैयारी आधी - अधूरी है। प्रशासनिक उदासीनता को देखते हुए लगता है कि मेले की समाप्ति तक मेले की तैयारी जारी रहेगी बताते चलें की हर क्षेत्र में रोशनी नहीं की जा सकी है। वहीं बिजली की व्यवस्था नहीं होने से काँवरिया को टोर्च की रोशनी का सहारा लेना पड़ रहा है।काँवरियो का कहना है कि अब भोलेनाथ ही पार लगाएंगे।इस चिलचिलाती धूप ने काँवरियो के हौसले को नहीं डिगा सका है। काँवरिया बोल बम का नारा है बाबा नगरिया दूर है जाना जरूर है उसके साथ जा रहे हैं

बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मुंगेर प्रखंड क्षेत्र में श्रावणी मेला शुरू होते ही आज चौथे दिन शनिवार को रंगत निखरती दिखाई दे रही है। कई राज्यों के कांवरिये सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर के लिए आज रवाना हो रहे हैं। कांवरिया रास्ता पर बोल बम के जयकारे से तरह-तरह के कावर और वेशभूषा के साथ घुंघरू की छम छम ने अदभुत वातावरण बना दिया है। कांवरियों के जत्थों में महिलाओं और बच्चों की संख्या भी काफी अच्छी खासी देखी जा रही है।वही हजारों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन की भी टीमें और स्वयंसेवी संगठनों के कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। इन रास्ते में सेवा शिविर के माध्यम से जलपान एवं विश्राम की भी व्यवस्था की गई है।

बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि बिहार में चमकी बुखार की ताप से उभरा ही नहीं था कि बाढ़ ने उसकी परेशानियां और भी बढ़ा दी है।बिहार में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से जानमाल की भारी हानि हुई है,इसके साथ ही पड़ोसी राज्य असम में भी बाढ़ से काफी नुकसान की खबरें मिल रही है। यह स्थिति तब है जब केंद्र और राज्य सरकारों के आपदा प्रबंधन तंत्र राहत और बचाव कार्यों में लगातार जुटे हुए हैं। बिहार में नुकसान का आकलन इससे भी लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री ने इस बार की तबाही को 1987 में आई बाढ़ से भी ज्यादा बताए हैं। असम और बिहार देश के दो ऐसे सीमावर्ती राज्य हैं जिन्हें लगभग हर साल बाढ़ का प्रकोप से झेलना ही पड़ता है। बिहार की बात करें तो इस मौसम में अक्सर नेपाल से आने वाली नदियां यहां तबाही का मंजर ही लेकर आती है. हम भले ही प्राकृतिक आपदाओं को रोक नहीं सकते हैं लेकिन आपसी तालमेल से इसे होने वाले नुकसान को कम कर ही सकते हैं।