बिहार राज्य के जिला मुंगेर से रोहित कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि चिलचिलाती धूप उमस भरी गर्मी एवं काँवरियो के लिए पथ में बिछाये गए बालू से निकल रहे अंगारे नव काँवरियो को परेशानी में डाल रखा है।इस धुप में खाली पैर काँवरिया को चलने में परेशानी हो रही है दिन के 9:00 बजते ही काँवरिया तेज धूप से बचने के लिए सुरक्षित स्थान को तलाश करने लगते विदित हो कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के चौथे दिन में प्रशासनिक तैयारी आधी - अधूरी है। प्रशासनिक उदासीनता को देखते हुए लगता है कि मेले की समाप्ति तक मेले की तैयारी जारी रहेगी बताते चलें की हर क्षेत्र में रोशनी नहीं की जा सकी है। वहीं बिजली की व्यवस्था नहीं होने से काँवरिया को टोर्च की रोशनी का सहारा लेना पड़ रहा है।काँवरियो का कहना है कि अब भोलेनाथ ही पार लगाएंगे।इस चिलचिलाती धूप ने काँवरियो के हौसले को नहीं डिगा सका है। काँवरिया बोल बम का नारा है बाबा नगरिया दूर है जाना जरूर है उसके साथ जा रहे हैं
