15 दिनों से बिजली के लिए तरस रहे है लोग,
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सावन का महीना शिव की पूजा-अर्चना का महीना माना गया है। सावन की पहली सोमवारी को शिव की भक्ति के रंग में योगनगरी मुंगेर का चप्पा-चप्पा सराबोर हो उठा। गंगा घाट से लेकर शिवालयों तक बोल बम की गूंज सुनाई दे रही थी। गंगा में उफान के बाद भी अल सुबह से ही गंगा स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
तेज धूप और उमस वाली गर्मी ने कांवरियों की परेशानी बढ़ा दी थी। कच्ची कांवरिया पथ पर बिछाए गए बालू तेज धूप के कारण तप के अंगारे बन गए थे। ऐसे में बालू पर चलना कांवरियों के लिए काफी कष्टदायक हो रहा था। थोड़ी दूर चलने के बाद ही कांवरिया के पांव में छाले आ जा रहे थे। लेकिन सावन की पहली सोमवारी को शिव ने अपने भक्तों पर कृपा दिखाई। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
14 सितंबर 2018 को खेत में जमीन के नीचे छिपा कर रखे गए दो एके-47 एवं तीन मैगजीन बरामदगी के मामले में मुफस्सिल थाना में दर्ज कांड संख्या 334/18 में सोमवार को न्यायालय ने तीन आरोपित की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
किसानों के वाहनों से टोल टैक्स वसूली फिर कृषि मंत्री के वाहन पर टोल फ्री क्यों..?ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
श्री श्री 108 बाबा भूतेश्वर नाथ मंदिर में आज शृंगार पुजा का आयोजन। ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
बगीचा में खेलने के दौरान बज्रपात से बच्चे की मौत हो गयी। परिजनों का है बुरा हाल। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
हलिमपुर में एक मकान का छप्पर गिरने से एक ही परिवार की 3 महिला घायल,इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती ।ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि थर्मोकोल के आगमन से पहले हम जितनी भी चीजे अपने जीवन में उपयोग करते थे। उनका एक समय बाद छय हो जाता था। अभी के दौर में थर्मोकोल से पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंच रही है। इसका कभी छय नहीं होता है।कोई कीड़ा नहीं जो थर्माकोल को खाता हो कोई जीवाणु भी नहीं है जो थर्माकोल से पोषण पाता हो मूल रूप से थरमोकोल पेट्रोलियम पदार्थों से बने रहते है और उसके पूरे रासायनिक संगठन की विशेषता यह होती है कि उसमें किसी भी तरह से ऑक्सीजन भी नहीं होती है ,इस कारण से जीवाणुओं के लिए भी वह बेमतलब की चीज है उसे जलाकर नष्ट करना और भी ज्यादा खतरनाक होता है।
