आजकल थरमोकोल व्यापक रूप में इस्तेमाल होने लगा है। जहां नजर जाए वही यह दिखाई दे जाता है। जबकि थरमोकोल नो तो गल पाता है ना पूरी तरह खत्म हो पाता है । जलाने पर भी इससे बहुत विषैले एवं खतरनाक गैसें निकलती है ,जो पर्यावरण पर बुरा प्रभाव डालती है इसके बावजूद भी हम थरमोकोल का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।