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महिला सांस्कृतिक मंच नौवागढ़ी की ओर से सोमवार को दरभंगा तथा मधुवनी में बच्चियों के साथ रेप जैसी घटना के विरोध में प्रदर्शन किया गया।
• कोरोना के संक्रमण से बचाव का है मास्क का उपयोग सबसे प्रभावी तरीका • धार्मिक स्थलों पर जाने से बचें • बिना मास्क पकड़े जाने पर भरना होगा जुर्माना अब पूरे देश में अनलॉक का दूसरा चरण चल रहा है. अनलॉक 1.0 अवधि में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. संक्रमण के बढ़ते मामलों पर लोगों द्वारा सतर्कता नहीं बरतने की स्थिति में कोरोना भविष्य में और विकराल रूप ले सकती है. यद्यपि सरकार द्वारा कोरोना से बचाव को लेकर जागरूकता हर स्तर पर फैलाई जा रही है, लेकिन आम लोगों को भी अपने स्तर पर पहले से कहीं अधिक सावधान होने की जरूरत है. ऑडियो पर क्लिक कर सुने पूरी खबर। श्रोताओं 8800984861पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद
दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार नरगाकोठी महाविद्यालय में सम्पन्न दिनांक 05.07.2020 दिन रविवार को पूरनमल बाजोरिया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय नरगाकोठी के प्रांगण में दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार के समापन दिवस का प्रारंभ महाविद्यालय के सचिव ब्रजभूषण तिवारी एवं प्राचार्य डॉ अजीत कुमार पाण्डेय द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया । प्रो वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी (हिन्दी विभाग बी एच यू के प्रोफेसर)ने कहा कि शिक्षा को कम खर्चीला बनाने का प्रयत्न करना चाहिए ।हमें देश के प्रेरणा पुरूष को जानने का प्रयास करना चाहिए ।स्वदेशी की भावना को अपने अन्दर विकसित करने की आवश्यकता है ।राष्ट्र चिन्तन करने वाली शैक्षिक संस्थाओं को दृढ़ बनाने की जरूरत है ।कोरोना ने हमें एक अवसर दिया है इसका लाभ उठाकर हमें अपने अंदर स्वदेशी का भाव विकसित करना चाहिए एवं एक नये भारत का निर्माण करें ।हमें सशक्त एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की आवश्यकता है विद्या भारती उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्रीय सचिव दिलीप कुमार झा ने कहा कि यह वेबिनार सार्थक विषय को लेकर आयोजित है ।शिक्षा से मनुष्य निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण होती है ।सर्वांगीण विकास की अवधारणा हमारा लक्ष्य है ।भारत में ज्ञान की एक उज्जवल परंपरा रही है ।शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति का आध्यात्मिक एवं भौतिक विकास हो।वास्तव में चरित्र तथा संस्कार को विकसित करना ही शिक्षा है ।शिक्षा का आधुनिकीकरण करने का प्रयास करें न कि पाश्चात्यीकरण । विद्या भारती के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री रामेन्द्र राय ने कहा कि शिक्षक को प्रत्येक छात्र के अन्दर राष्ट्रीयता की भावना को विकसित करने का प्रयास करना चाहिए ।अध्यापक का स्तर ऐसा हो जिससे बालक किसी भी कार्य को स्वयं करके सीखे ।ज्ञान के विस्तार की कोई सीमा नहीं है ।शिक्षा संस्कृति से जुड़ी होनी चाहिये ।बालकों को साहसी और श्रेष्ठ कैसे बनाया जाए इस बात को ध्यान में रखकर शिक्षा देने की आवश्यकता है । क्षेत्रीय संगठन मंत्री ख्याली रामजी ने कहा कि गुरु वह है जो जिसके द्वारा सही ज्ञान तथा मार्गदर्शन मिले ।शिक्षा के द्वारा राष्ट्रीय भावना का विकास हो इसकी शुरुआत स्वयं करनी चाहिए ।गुरु का बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होता है । प्रो विनोद मिश्र (महासचिव विश्व हिन्दू सचिवालय, मारीशस ) ने कहा कि राष्ट्र शब्द अपने आप में ही सम्पूर्ण है ।किसी भी राष्ट्र की आधारशिला उनकी भाषा होती है ।शास्त्र के ज्ञान के आभाव में हम हम अपनी राष्ट्रीयता खो रहे हैं ।वर्तमान में सांस्कृतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है ।संस्कृति को परिभाषित करने की क्षमता शिक्षा से ही संभव है । डॉ ललन कुमार तिवारी विभागाध्यक्ष विज्ञान एवं गणित, आर आइ,ई,भोपाल, (एन सी ई आर टी) ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के उत्थान में शिक्षा, शिक्षार्थी एवं शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । डॉ रमाशंकर दुबे (कुलपति केन्द्रीय विश्वविद्यालय गाँधीनगर गुजरात)ने कहा कि राष्ट्र की अपनी एक संस्कृति होती है ।संस्कृति विचारधारा, आदर्श से विकसित होती है ।हमारे देश के सभी शिक्षाविदों ने शिक्षा को आध्यात्म से जोड़ा है ।शरीर, मन,बुद्धि, और आत्मा के विकास से ही बालक का विकास संभव है ।आध्यात्मिक विकास ही बच्चे की शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है । भारती शिक्षा समिति बिहार के प्रदेश सचिव गोपेश कुमार घोष ने अध्यक्षीय उदबोधन में कहा कि देश की शिक्षा राष्ट्रोन्मुखी होनी चाहिए ।उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार में विद्वानों मनीषियों द्वारा जो चिंतन मंथन किया गया है उसे अमृत कलश के रूप में प्राप्त कर विद्यालय, महाविद्यालय में आने वाले छात्रों के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करूँगा ।इसी आशा के साथ दो दिनों तक सम्मिलित हुए सभी विद्वानों को धन्यवाद एवं बधाई दिया गया । आज के इस वेबिनार का संचालन अध्यापिका सरिता कुमारी द्वारा किया गया तथा अतिथि परिचय महाविद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक राजकुमार ठाकुर द्वारा किया गया । धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य डॉ अजीत कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया । तकनीकी होस्ट का कार्य सुमन शेखर द्वारा किया गया । इस अवसर पर भारती शिक्षा समिति बिहार के प्रदेश सह सचिव प्रकाश चन्द्र जायसवाल, महाविद्यालय के सदस्य डॉ मधुसूदन झा,डॉ रामकेश पांडे, डॉ दीप्तांशु भास्कर, राजकुमार ठाकुर, गौरी शंकर मिश्र, रौशन सिन्हा, राजीव शुक्ला, शशि भूषण मिश्र, धनंजय कुमार, रामजी पोद्दार, मिथलेश कुमार, एवं देश विदेश से लोग उपस्थित थे । मीडिया प्रभारी भागलपुर विभाग से शशि भूषण मिश्र की रिपोर्ट ।
अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार नरगाकोठी महाविद्यालय में प्रारंभ दिनांक 04.07.2020 दिन शनिवार को पूरनमल बाजोरिया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय नरगाकोठी के प्रांगण में हिन्दुस्थान में राष्ट्रोन्मुख शिक्षाशास्त्र विषय पर अन्तर्राष्ट्रीय वेबिनार का प्रारंभ ति मा भागलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो पवन पोद्दार, मारवाड़ी महाविद्यालय के प्राचार्य गुरूदेव पोद्दार, ति मा भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रोक्टर रामसेवक सिंह, महाविद्यालय के सचिव प्रो ब्रजभूषण तिवारी, ति मा भागलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व संकायाध्यक्ष एवं महाविद्यालय के सदस्य डॉ मधुसूदन झा, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अजीत कुमार पाण्डेय एवं प्रोअनील सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया । विजिटिंग प्रो सोफिया विश्वविद्यालय बुलगारिया के प्रो आनन्द वर्धन शर्मा ने अपना उद्बोधन की शुरुआत भगवान शंकर एवं माता पार्वती को नमन करते हुए किया ।शिक्षाशास्त्र को कैसे राष्ट्रोन्मुख बनायें इस पर चर्चा की ।प्राचीन शिक्षा गुरूकुल शिक्षा पद्धति थी जिसमें छात्र गुरूकुल में रहकर शिक्षा ग्रहण करते थे और छात्र का चरित्र एवं व्यक्तित्व का निर्माण किया जाता था ।गुरु शिष्य परंपरा निरंतर अभ्यास की परंपरा है ।हम क्रमित रूप से आगे बढते हैं ।सीखने की उम्र कभी समाप्त नहीं होती ।शिक्षक को नवीनतम जानकारी रखना जरूरी है ।पहले कहानी के माध्यम से नैतिकता एवं मूल्यों का परिचय कराया जाता था ।साहित्य के माध्यम से राष्ट्रीयता जगाने का प्रयास करना है ।आज का समय कदम मिलाकर चलने का है ।अध्यापक ऐसा होना चाहिए जो बिना मांगे जो देना चाहते हैं दे दे।आज एक ऐसा समाज चाहिए जो मिलजुलकर कार्य करे ।आज छात्र को सिर्फ इंजीनियर या डाँक्टर नहीं बनाना है बल्कि एक ऐसा मानव बनाना है जिसका चरित्र उत्तम हो और समाज एवं देश के कल्याण का कार्य करें । डॉ सुधांशु शुक्ला (आइ सी सी आर हिन्दी चेयर पर्सन वर्षा विश्वविद्यालय पोलेन्ड) ने कहा कि भारतीय शिक्षा पद्धति विश्व में मानी जाती है यहाँ की शिक्षा पद्धति के कारण ही भारत विश्व गुरु रहा है ।भारत ऐसी पावन भूमि है जहाँ देवता भी जन्म लेने के लिए तरसते हैं ।हमें अच्छे नागरिक बनाने का प्रयास करना है ।भारतीय शिक्षा राष्ट्र के प्रति समर्पित है ।शिक्षा के द्वारा छात्रों के अन्दर यह भावना उत्पन्न करनी है कि यह जीवन समाज एवं देश के कार्यों के लिए मिला है ।मन को विकसित एवं गन्दगी से छुटकारा पाने के लिए कार्य करना है ।परिश्रम से कमाया हुआ पैसा सुख प्रदान करेगा । डॉ गुरुदेव पोद्दार (प्राचार्य मारवाड़ी महाविद्यालय भागलपुर) ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला ।शिक्षा का देश के विकास में काफी योगदान है ।शिक्षा चरित्र निर्माण एवं देश निर्माण का सबसे बड़ा हथियार है । प्रो रामसेवक सिंह (प्रोक्टर भागलपुर विश्वविद्यालय)ने कहा कि अपने देश में राष्ट्रवाद की भावना विकसित करने की आवश्यकता है । प्रो पवन पोद्दार ने कहा कि प्रत्येक युवा में एक प्रकार की आंतरिक उर्जा होती है ।हमारी शिक्षण व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें हम अपने युवाओं में मूल्यों का निर्माण कर सकें। विषय प्रवेश करते हुए महाविद्यालय के सचिव ब्रजभूषण तिवारी ने कहा कि ब्रिटिश शासकों ने हिन्दुस्तान के शिक्षाशास्त्र को खत्म कर दिया ।हमारी शिक्षा प्रणाली में बच्चों में नैतिक आध्यात्मिक इत्यादि मूल्यों के निर्माण की आवश्यकता है ।हिंदुस्तान में ऐसी शिक्षाशास्त्र की आवश्यकता है जो राष्ट्रोन्मुख हो। प्रो वाई नरसिमहुलू (डायरेक्टर एच आर डी सी हैदराबाद विश्वविद्यालय)ने कहा कि वर्तमान समय में योग्य एवं कुशल शिक्षकों की आवश्यकता है ।इन्होंने वर्तमान शिक्षणशास्त्र के परिवर्तन की बात कही ।आज के शिक्षार्थी पहले के शिक्षार्थी से भिन्न हैं । डॉ रचना वर्मा मोहन (लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ नई दिल्ली) ने कहा कि सुविधा से वंचित या शोषित बच्चों के लिए कक्षा कक्ष और उनके लिए आवश्यक शिक्षाशास्त्र पर चर्चा की गई ।उन्होंने आर्थिक रूप से पिछड़े और सामाजिक रूप से पिछड़े बच्चों के विषय में विस्तार पूर्वक चर्चा की ।समाज के प्रत्येक वर्ग के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु हमेशा प्रयत्नशील रहना है । महाविद्यालय के सदस्य डॉ मधुसूदन झा ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका है ।शिक्षा का कोई अर्थ नहीं है जो जीवन को प्रकाशमय न बनाये ।शिक्षा ज्ञान के प्रसार का माध्यम है ।यह आनेवाली पीढ़ी को सही मार्गदर्शन करने में सहायता प्रदान करती है । अतिथि परिचय प्राचार्य डॉ अजीत कुमार पाण्डेय द्वारा एवं संचालन अध्यापिका सरिता कुमारी द्वारा किया गया ।धन्यवाद ज्ञापन प्रथम सत्र में डॉ दीप्तांशु भास्कर द्वारा एवं द्वितीय सत्र में डॉ रामकेश पांडे द्वारा किया गया । इस अवसर पर विद्या भारती उच्च शिक्षा के संयोजक प्रकाश चन्द्र, संगठन मंत्री ख्याली रामजी, क्षेत्रीय सचिव दिलीप कुमार झा, प्रदेश सचिव गोपेश कुमार घोष, प्रदेश सह सचिव प्रकाश चन्द्र जायसवाल,राजकुमार ठाकुर, हरेन्द्रनाथ पांडे, गौरी शंकर मिश्र, शशि भूषण मिश्र, रौशन सिन्हा, राजीव शुक्ला, धनंजय कुमार, रामजी पोद्दार एवं देश और विदेश से लगभग 500 प्रतिभागी उपस्थित थे । मीडिया प्रभारी भागलपुर विभाग से शशि भूषण मिश्र की रिपोर्ट।
गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया दिनांक 05.07.2020 दिन रविवार को गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर नरगाकोठी के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा उत्सव का प्रारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भागलपुर के शारीरिक प्रमुख सोनू कुमार, विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य रामजी प्रसाद सिन्हा, पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर नरगाकोठी के प्रधानाचार्य रंजीत कुमार आचार्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया । सोनू कुमार ने कहा कि गुरु पूर्णिमा उत्सव गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान, और कृतज्ञता का प्रतीक है ।गुरु ही अपने शिष्य को ज्ञान रूपी प्रकाश देकर, अज्ञानता के अंधकार से बाहर निकालते हैं ।बिना उनके मार्गदर्शन के सफलता प्राप्त नहीं हो सकती ।गुरु वही है जिससे हम कुछ ऐसा सीखें जिससे आध्यात्मिक उन्नति हो सके ।गुरु के सानिध्य व्यक्ति सदमार्ग पर चलकर मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है ।गुरु शिक्षा में व्यापार नहीं होना चाहिए ।गुरु चरणों में शिष्यों को ज्ञान, शांति, भक्ति और योग शक्ति प्राप्त करने की शक्ति मिलती है ।जीवन में हम जो कुछ भी प्राप्त करते हैं कहीं न कहीं गुरु की कृपा का फल है ।गुरु वह है जिनका नाम सुनते ही हृदय में सम्मान का भाव जगता है ।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किसी व्यक्ति को गुरु न मानकर तत्व को अर्थात भगवा ध्वज को गुरु मानते हैं ।भगवा ध्वज को हम श्रद्धापूर्वक अपना मार्गदर्शक या गुरु मानते हुए आज के दिन भगवा ध्वज का पूजन करते हुए गुरु के प्रति समर्पण का भाव प्रस्तुत करते हैं । आज के इस उत्सव में गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर नरगाकोठी एवं पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर नरगाकोठी के प्रधानाचार्य, आचार्य/आचार्या एवं कर्मचारियों द्वारा गुरु भगवा ध्वज को एक एक करके पुष्प अर्पण किया गया ।अंत में संघ प्रार्थना के पश्चात कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा हुई । मीडिया प्रभारी भागलपुर विभाग से शशि भूषण मिश्र की रिपोर्ट ।
बिहार राज्य के मुंगेर जिला से रविंदर कुमार बताते हैं कि खगड़िया जिला के गोगरी प्रखण्ड में कोसी नदी में उफान के साथ एक तरफ जहां गोगरी सर्किल नंबर- 1 में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, वहीं कटाव भी आरंभ हो गया है। कटाव की रफ्तार को देख लोग अपना घर खाली करने में लगे हैं।घर के सामान को सुरक्षित स्थल पर पहुँचाया जा रहा हैं। अब तक कटाव के चपेट में तीन- चार घर आ चुके हैं।
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• प्रधान सचिव ने सभी सिविल सर्जन को जारी किये दिशानिर्देश • जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए उठाये जायेंगे प्रभावी कदम • बाढ़ राहत शिविरों को रखा जायेगा आइसोलेशन सेंटर के नजदीक पटना/ 18 जून: बिहार में मानसून ने दस्तक दे दिया है और सभी जिलों में बारिश की शुरुआत हो गयी है. मानसून के आगमन के साथ ही जल जनित रोगों का खतरा भी मंडराने लगा है. इस संभावना के मद्देनजर प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार, उदय सिंह कुमावत ने सभी सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जल जनित बिमारियों/ महामारी की रोकथाम के लिए जरुरी कदम उठाने हेतु दिशानिर्देश जारी किया है ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समुचित उपचार ससमय उपलब्ध करायी जा सके. विस्तृत रिपोर्ट सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। श्रोताओं 8800984861पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद
ईसीसीई गतिविधियों के बारे में दी जा रही जानकारी • कोरोना संक्रमण काल में बच्चों की बेहतर दैनिक गतिविधि जरुरी • @ICDS Bihar पर लोग कर सकते हैं ट्विटर फॉलो पटना/ 17 जून: कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की रोकथाम देश के साथ राज्य के लिए भी चुनौतिपूर्ण साबित हो रहा है. इस महामारी में सरकारी महकमा प्रत्येक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है. विस्तृत रिपोर्ट सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। श्रोताओं 8800984861पर मिस कॉल कर स्वास्थ्य, पोषण कोविड 19 और जिले की हर छोटी बड़ी खबर सुने और 3 नंबर का बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी साझा करे। यदि आप समार्टफोन उपयोगकर्ता है! तो मोबाईल वाणी एप्प् प्ले स्टोर से डाउनलोड कर जिले से संबंधित हर छोटी बड़ी खबर को एप्प् पर सुने और लाल वाली माइक बटन दबा कर अपनी समस्या या प्रतिक्रिया भी रिकार्ड करे। धन्यवाद
