जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जिले में कोविड-19 संक्रमण प्रबंधन, रबी उपार्जन व राशन वितरण कार्य की विकासखंडवार विस्तृत समीक्षा की। और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए । जिला कलेक्टर को ध्यान में रखते हुए सभी पात्र परिवारों को निशुल्क के वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कर कोरोना गाइडलाइन के अनुसार दुकान के सामने प्रतीकात्मक देरी पर गोला बनाकर राशन का वितरित किया जाना सुनिश्चित करें।
जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मरीजों को देखते हुए कृषि उपज मंडी के मेला में कार्य को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। इसके पहले दो बार यह तिथि बढ़ा दी जा चुकी है । और शनिवार को तीसरी बार खुशी उपज मंडी में नीलामी कार्य स्थगित रखने का निर्णय लेते हुए, इसे बढ़ा लिया गया है। व्यापार संगठन के अनुसार अब 30 अप्रैल तक फ्री रहेगी।
जिले में कोरोना संक्रमण से मौतों का सिलसिला लगातार जारी है ,हालांकि शनिवार को सामने आए मौतों के आंकड़े थोड़ी राहत देने वाले हैं। शनिवार को 28 कोरोना संदिग्धो मरीजों की मृत्यु हो गई है। अप्रैल के पिछले 15 दिनों में यह पहला मौका है, जब आंकड़े इतने कमाए हैं । वही आर्टिफिशियल लैब से शनिवार को 61 नये कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं के उपार्जन के लिए स्थापित 120 खरीदी केंद्रों में गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। इसके लिए 11 केंद्रों में महिला स्व सहायता समूह द्वारा गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है । जिले में अभी तक 14 हजार 218 कृषको से 8 लाख 22 हजार 230 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है।
मध्यप्रदेश राज्य के जिला छिंदवाड़ा से योगेश गौतम मोबाइल वाणी के माध्यम से जानकारी दे रहे है कि कोरोना काल में राशन वितरण की गड़बड़ी को लेकर बीते सप्ताह से चर्चा में रामाकोना की बहुतायत सोसाइटी की राशन दुकान फिर से चर्चा में है। 2 माह का राशन उपभोक्ताओं को निशुल्क वितरित करना है। लेकिन वितरण करने हेतु रखे गए मजदूर द्वारा उपभोक्ताओं से इस राशि का वसूलने का मामला उजागर हुआ है। तो प्रबंधक ने इसे वितरण की गलती होना बताकर मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया है।जनपद सदस्य ने मांगी जानकारी राशन वितरण में हो रही गड़बड़ी पर जनपद सदस्य सुमन दिनकर पातुरकर ने शुक्रवार को समिति प्रबंधक को पत्र देकर चार बिंदुओं की पर जानकारी मांगी है। इसमें 22 अप्रैल तक कितने हितग्राहियों को राशन लेकर राशन वितरित किया गया। रामाकोना की राशन दुकान में कितने विक्रेता नियुक्त किए गए हैं। निशुल्क राशन को राशि लेकर राशन दिए । हितग्राही को क्या उपकरण राशि लौटाई जाएगी।
जिले में मई के दूसरे सप्ताह से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य शुरू हो जाएगा। पिछले बार की तरह इस बार भी कोरोना संक्रमण को देखते हुए सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। इसके अलावा ऐसे संग्राहक जिन्हें बुखार ,सर्दी, खांसी के लक्षण है। तेंदूपत्ता जमा करने फंड में नहीं पहुंचेंगे। इसके लिए वन विभाग मुनादी कराएगा।
जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच में जिले में 21 दिन से बंद राशन दुकानों में 40 फ़ीसदी दुकानें गुरुवार को खोले गए दुकान खोलते ही तीन माह का मुफ्त राशन लेने वालों की भीड़ देखकर सेल्समैन ने अपनी सुरक्षा के इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। सेल्समैन ने 3 फीट लंबे पाइप में लगी चाडी का आर्डर दिया है। लॉकडाउन के कारण उपकरण तैयार होने में वक्त लग सकता है। कर्मचारी यूनियन की मानें तो यह उपकरण उनके लिए सोशल डिस्टेंसिंग बनाने में कारगर साबित हो सकते हैं।
जिले में कोरोना काल में जीवन रक्षक माने जा रहे इंजेक्शन और औषधि के साथ-साथ ऑक्सीजन की उपलब्धता के दावे के बीच में जिले में कोरोना मरीजों की सांसे निरंतर टूट रही है। वहीं गुरुवार को जिले में 43 कोरोना मरीजों ने दम तोड़ दिया है। वही गुरुवार को जिले में आर्टिफिशियल लैब से जारी रिपोर्ट में 63 नए कोरोना संक्रमित की पुष्टि की गई है।
मर्कटासन के फायदे यह है कि कमर में दर्द होने से इस आसन से छुटकारा मिल सकता है। यह आसन जमीन पर एक चटाई या रजाई डाल कर किया जाता है।
एक खास मुलाकात में प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना प्रचार-प्रसार समिति के लोधिखेडा मंडल उपाध्यक्ष अमित डुमने ने अपनी आपबीती बताई छिंदवाड़ा मोबाइल वाणी पर और शासकीय सिविल अस्पताल सौसर की लापरवाही उजागर की । आपने बताया की उन्हें जब तकलीफ हुई और कोराना के सिमटन नजर आने लगे तो उन्होंने 7अप्रेल को सौसर सिविल अस्पताल में जांच करवाई जांच रिपोर्ट न मिलने और तकलीफ बढ़ने पर उन्होंने सावनेर में जांच कर इलाज किया और 14 दिन तक घर पर रहे कोविड-19के सभी नियमों का पालन भी किया और चौदह दिन बाद शासकीय सिविल अस्पताल सौसर की रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई । इसके लिए उन्होंने सिविल अस्पताल के प्रबंधन की लापरवाही बताई ।
