जिला पदाधिकारी समस्तीपुर के निर्देशानुसार बुढ़ी गंडक के बांध का निरीक्षण किया गया और आज दिनांक 28.07.2020 को रोसड़ा प्रखंड में बांध में बने स्लूज गेट में रिशाव को बंद करवाते हुए सहायक अभियंता, कनीय अभियंता बाढ़ प्रमंडल और अंचल अधिकारी रोसड़ा।
काॅमरेड चारू मजूमदार के सपनों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि - अमित, शहादत दिवस पर माले कार्यकर्ताओं ने लिया भ्रष्टाचार के विरुद्ध आंदोलन का संकल्प समस्तीपुर। भाकपा माले के संस्थापक व प्रथम महासचिव कॉमरेड चारू मजूमदार का 48वां शहादत दिवस प्रखंड के मोरसंड समेत कई पंचायतों में संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। इस क्रम में भाकपा-माले प्रखंड सचिव अमित कुमार के नेतृत्व में प्रखंड के कई पंचायतों एवं गांवों के ब्रांच स्तर पर झंडोत्तोलन के साथ संकल्प सभाएं आयोजित की गई। इस अवसर पर माले कार्यकर्ताओं ने प्रखंड में बढ़ रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने व पार्टी को सुदृढ़ व मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। सबसे पहले कॉमरेड मजूमदार के चित्र पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी। बाद में संकल्प सभा को संबोधित करते हुए माले सचिव अमित कुमार ने कहा कि चारू मजूमदार ने महान साम्यवादी विचारक कार्ल मार्क्स और लेनिन के सिद्धांतो को आत्मसात कर वर्ष 1969 में भाकपा-माले जैसी क्रांतिकारी वामपंथी पार्टी का निर्माण किया था, जो आज की स्थिति में सामाजिक, राजनीतिक एवं प्रशासनिक अन्याय के विरुद्ध गरीब, शोषित, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक समेत अन्य मेहनतकश जनता के संघर्ष के प्रतीक के रूप में देश विदेश में विख्यात है।
मुकेश कुमार
जिलाधिकारी समस्तीपुर के निर्देशानुसार आज दिनांक 28.07.2020 को अपर समाहर्ता द्वारा कल्याणपुर प्रखंड के तीरा बांध, तीरा प्राथमिक विद्यालय, महादेव स्थान, जटमलपुर में राहत केंद्रों, पॉलीथीन शीट का वितरण, बाढ़ राहत स्वास्थ्य केंद्र नावों के परिचालन की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। अपर समाहर्ता ने सभी स्थलों पर बाढ़ के मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
यह तस्वीर शहर के बूढ़ी गंडक नदी किनारे जितवारपुर स्थिति मोक्ष धाम की है। यहाँ हर रोज अंतिम संस्कार के लिए शव आते रहते है। अब तक यहां पर कई कोरोना मरीजों के शवों का भी अंतिम संस्कार किया जा चुका है। लेकिन इस कोरोना काल के समय शव जलाने के बाद PPE किट को वहीं पर यत्र-तत्र फेंका जा रहा जो आमजनों के लिए बेहद घातक है। कैम्पस में मंदिर भी है जहां पर लोग पुजा पाठ करने के लिए भी आते हैं जिनको अब कोरोना का डर भी सता रहा है।
* वयोवृद्ध समाजसेविका सोनाझारी देवी का निधन, माले नेताओं ने परिजनों से मिलकर दिया श्रद्धांजलि ताजपुर पंचायत के मोतीपुर वार्ड-10 निवासी वयोवृद्ध समाज सेविका सोनाझारी देवी(85) का मंगलवार को सुबह में निधन हो गया. उनकी निधन की खबर सुनते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई. भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, उमेश शर्मा, बासुदेव राय, शिवन सिंह, रवींद्र प्रसाद सिंह, महेंद्र शर्म, दिनेश राय आदि ने मृतक के प्रति शोक व्यक्त करते हुए उनके परिजनों से मिलकर ढ़ांढ़स बंधाया. मृतिका का दाह संस्कार स्थानीय विश्कर्मा चौक स्थित उनके निजी जमीन में किया गया. छोटा पुत्र प्रमोद सिंह ने मुखाग्नि दिया. विदित हो कि मृतिका के पति स्व० प्रभु महतो भी सामाजिक कार्यकर्ता थे. मृतिका अपने पीछे भरा पूरा 6 पुत्र एवं एक पुत्री की परिवार छोड़ गई. पुत्र कस्टम विभाग, रेलवे, शिक्षा विभाग आदि में कार्यरत हैं.
हम भारत के नागरिक हैं, लेकिन यह हैसियत सरकार रिकॉग्नाइज करती है या नहीं हम नहीं जानते। प्रधानमंत्री जी नें यह कह कर कि कोरोना वायरस अभी भी खतरनाक है और हमें सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन उनकी सावधानी रखने की चेतावनी किसी भी शहर में किसी भी श्रेणी के नागरिक नहीं मान रहे। दूसरी तरफ एम्स के निदेशक डॉक्टर गुलेरिया जिनकी सारी चेतावनी अब तक सही उतरी हैं, का कहना है कि नवंबर, 20 और फरवरी, 21 मैं कोरोना वायरस का दूसरा विस्फोट होगा जो अगली अगस्त, 21 तक असर डालेगा, यही चेतावनी दूसरे विशेषज्ञ भी दे रहे हैं, पर सरकार अनलॉकडाउन तीन की तैयारी कर रही है, जिसमें सिनेमा हॉल रेस्टोरेंट्स और होटल के साथ बार भी खुल जाएंगे। क्या हमें यह मान लेना चाहिए की सरकार यह मान रही है कि अन लॉकडाउन 3 में संक्रमण का विस्तार नहीं होगा। सारे विशेषज्ञों की चेतावनी गलत है और अभी भी कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हो रहा है, क्योंकि जब प्रधानमंत्री जी JJयह कह रहे थे देश संक्रमण में 14 लाख 60 हजार की संख्या पार कर चुका था, लेकिन हमें आलोचना की जगह अपना कर्तव्य निर्धारित करना चाहिए और वह कर्तव्य है कि सामाजिक दूरी नहीं शारीरिक दूरी के धर्म का पालन करना चाहिए, मुंह और नाक को सीधी तरह से मास्क या कपड़ा हो या रुमाल हो उससे ढकना चाहिए, जैसे हीं बुखार खांसी और गले में इंफेक्शन दिखाई दे तभी पास के केमिस्ट के पास जाकर उन लक्षणों की दवाई लेनी चाहिए। कोरोना वायरस के इलाज के लिए जो लोग भी अस्पतालों में जा रहे हैं उनके अनुभव अच्छे नहीं हैं, हमारे नेता और प्रेरित करने वाले अभिनेता एम्स जैसे अस्पताल का भी इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं बल्कि वह शहर के सबसे बड़े अस्पताल को अपने इलाज के लायक मान रहे हैं, किसी को इस बात की चिंता नहीं है कि पता करें कौन जिंदा लौट रहा है कौन नहीं लौट रहा, कोशिश करनी चाहिए कि सिनेमा में, या किसी भी भीड़ वाली जगह में ना जाएं। सामाजिक समारोहों, धार्मिक समारोह में अगर जाते हैं तो कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बहुत बढ़ जाता है। इस खतरे के बावजूद डॉक्टर, नर्स अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारी, एंबुलेंस ड्राइवर, लॉ एनफोर्समेंट एजेंसीज के सिपाही और पत्रकार हमेशा खतरा उठा कर के भी सेवा कर रहे हैं। अगर यह संक्रमण गांव में पहुंच गया तो देश में हाहाकार मच जाएगा, सत्ता और प्रशासन यही समझाने में असफल दिखाई दे रहा है। स्वयंसेवी संगठन, सामाजिक संगठनों को सरकारें उनके कर्तव्यों का पालन नहीं करने दे रहे हैं। गंभीरता समझाना उनकी सामाजिक जिम्मेदारी है। न्यूज़ चैनल भी सरकार के इशारे पर कोरोना वायरस के संक्रमण के सवाल को गंभीरता से नहीं उठा रहे हैं.. अब अपनी जान बचाने की जिम्मेदारी खुद जनता की है, कहीं से कोई मदद शायद उसके लिए उपलब्ध ना हो पाए, सरकार के पास सरकारी कंपनियां, रेलवे, पेट्रोलियम कंपनियां, एयरलाइंस और वह सारी संपत्ति जो सरकार के नाम है उसे बेचने या डिसइनवेस्टमेंट जैसे महत्वपूर्ण काम है, कहीं ऐसा ना हो कि लाश उठाने वाले भी न मिले। विदेशों में कई जगह यह स्थिति आ चुकी है कि मोर्चरी लाशों से बुरी तरह भरी पड़ी है। क्या होगा बिहार के चुनाव में और क्या होगा बंगाल के चुनाव में यह तो हमें नहीं पता लेकिन अगर डॉक्टर गुलेरिया की चेतावनी सच हुई तो चुनाव में सरकार तो बन जाएगी लेकिन बहुत सारे लोग अपने परिवार के लोगों की जान नहीं बचा पाएंगे, क्योंकि उन्हें बचाने के साधन आम जनता के पास नहीं है, सरकारों के पास है। देश के उद्योगपतियों नें कोरोना वायरस के इलाज के लिए क्या अस्पताल बनाए, क्या आइसोलेशन सेंटर्स बनाए। इसलिए मेरे सहित जीना या मरना ईश्वर के अलावा, खुदा के अलावा, वाहेगुरु के अलावा और यीशु के अलावा अगर किसी के हाथ में है तो वह खुद अपने हाथ में है, राम जन्म भूमि का शिलान्यास भी हो जाएगा और अयोध्या में भव्य मस्जिद भी बन जाएगा। शायद इससे भारत के नागरिकों के कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हो जाए, जो लोग ऐसा मानते हैं उनकी आरती उतारने चाहिए.. मैं नहीं जानता आप क्या सोचते हैं, लेकिन अगर कुछ नहीं सोचते हैं तो शायद सही नहीं कर रहे हैं, आप नहीं सोच रहे हैं इसलिए सत्ता भी नहीं सोच रही है। राजनीतिक दल भी नहीं सोच रहे हैं और प्रशासन भी नहीं सोच रहा है। सब कुछ ठीक करने की और सोचने की शुरुआत अपने आप से हीं करनी होगी। सुरेन्द्र कुमार सचिव जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र
*#काॅमरेड चारू मजूमदार के अधूरे सपनों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी :-भाकपा-माले ।* *#शहादत दिवस पर माले कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प, प्रखंड में बढ़ रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ करेंगे आंदोलन ।* *#प्रखंड में जुलाई माह का राशन अब तक वितरण नहीं, शीघ्र हो वितरण वरना भाकपा-माले आंदोलन को होगी बाध्य ।* भाकपा माले के संस्थापक व प्रथम महासचिव चारू मजूमदार का 48वां शहादत दिवस प्रखंड के मोरसंड समेत कई पंचायतों में संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर भाकपा-माले प्रखंड सचिव अमित कुमार की अध्यक्षता में प्रखंड के कई पंचायतों एवं गांवों के ब्रांच स्तर पर झंडोत्तोलन के साथ संकल्प सभाएं आयोजित की गई। माले कार्यकर्ताओं ने आयोजित कार्यक्रमों में प्रखंड में बढ़ रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने व पार्टी को आगे बढ़ाते हुए सुदृढ़ व मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प लिया तथा उनके चित्र पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गयी। संकल्प सभा को संबोधित करते हुए माले सचिव अमित कुमार ने कहा कि चारू मजूमदार के अधूरे सपनों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी । उन्होंने कहा कि चारू मजूमदार ने वर्ष 1969 में भाकपा-माले जैसी क्रांतिकारी वामपंथी पार्टी का निर्माण किया था, जो आज की स्थिति में सामाजिक, राजनीतिक एवं अन्याय के विरुद्ध गरीब, शोषित, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक समेत अन्य मेहनतकश जनता के संघर्ष को पूरे देश में एक प्रतीक बनकर आगे की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ न्याय के लिए संघर्ष आज प्रमुख मुद्दा बना है। उन्होंने कहा कि प्रखंड में जुलाई माह का राशन अब तक वितरण नहीं किया गया है, यदि शीघ्र वितरण नहीं किया गया तो भाकपा-माले आंदोलन को बाध्य होगी । राशन वितरण के बारे में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि पूरे बिहार में डीलर संघ की हड़ताल चल रही है। इसलिए राशन वितरण में विलम्ब हो रही है। हड़ताल समाप्त होते ही राशन वितरण शुरू हो जायेगी। शहादत दिवस के मौके पर प्रखंड कमिटी सदस्य महेश सिंह, रविन्द्र सिंह, दिनेश राय, अखिलेश सिंह, जितेन्द्र राय समेत राजाराम सिंह , बथहु महतो, रामविलास पासवान, उमेश सिंह, रामचंद्र सिंह इत्यादि मौजूद थे। अमित कुमार, भाकपा-माले प्रखंड सचिव पूसा सह जिला कमिटी सदस्य समस्तीपुर*
उजियारपुर प्रखंड के भगवानपुर देसुआ पंचायत के निवासी व राजद नेता डाo गोपाल चौरसिया का आज सुबह उनके घर पर निधन हो गया l वो लगभग 45 वर्ष के थे तथा पिछले एक सप्ताह से बीमार थे l उनके निधन पर राजद नेताओं ने गहरा दुःख व्यक्त किया है l राजद जिला प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया l राजद प्रवक्ता ने कहा कि डाo गोपाल राजद के समर्पित कार्यकर्ता थे l वे कई वर्षो तक राजद के पंचायत अध्यक्ष तथा राजद मजदूर सेल के जिला सचिव भी रहे l वे बेहद विन्रम तथा गरीबो के मददगार थे l उन्होंने होम्योपैथ चिकित्सक के रूप में गरीबो की मुफ्त ईलाज वर्षो तक किया l देसुआ स्थित घर पर ही उनका क्लिनिक था तथा लगभग 03 वर्षो तक अंगार घाट व योगी चौक गावपुर में भी उन्होंने क्लिनिक का संचालन किया l राजद जिला प्रवक्ता ने डाo गोपाल चौरसिया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि एक लोकप्रिय समाजसेवी , चर्चित होम्योपैथ चिकित्सक , ओजस्वी वक्ता तथा राजद के जुझारू नेता के रूप में डाo गोपाल सदैव याद किए जाते रहेंगे l डाo गोपाल के निधन पर राजद अल्पसंख्यक सेल के प्रदेश महासचिव परवेज आलम , युवा राजद के प्रदेश सचिव व पूर्व मुखिया कमलाकांत राय, राजद किसान सेल के जिलाध्यक्ष राजेश्वर महतो , पूर्व जिला पार्षद प्रभु नारायण राय, प्रखंड राजद अध्यक्ष प्रमोद राय, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष भोला महतो , पूर्व प्रखंड अध्यक्ष व पैक्स अध्यक्ष रामईश्वर साह, समाजसेवी डाo सुनील कुमार मिश्र, राकेश कुमार मिश्र, किशोर चौरसिया , मुखिया जागेश्वर बैठा , सरपंच सियाशरण पासवान , बबलू राहीं , नीतीश कुमार , अजय कुमार राय, मोo नसीम, डाo रामपुकार सिंह , डाo उत्तम राय, अशोक राय, गुड्डू मिश्र, बमबम मिश्र, मनोज कुमार राय, रंजीत कुमार रम्भू तथा फुलटून कुमार पासवान आदि ने गहरा दुःख व्यक्त किया है l
# राष्ट्रव्यापी छात्र हड़ताल के तहत आइसा कार्यकर्ताओं ने दिया धरना # इस महामारी में परीक्षा लेने की ज़िद छोड़े यूजीसी - सुनील # लंबित छात्रवृत्ति को अविलंब भुगतान करो, केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय का शुल्क वृद्धि वापस लो-आइसा 6 जुलाई को यूजीसी द्वारा को परीक्षा लेने संबंधी दिए गए गाइडलाइन, ऑफलाइन या ऑनलाइन परीक्षा संचालन के विरोध में, छात्रवृत्ति तथा अन्य फेलोशिप का भुगतान करने, अगले सत्र का महाविद्यालय फीस माफ करने, हॉस्टल के छात्रों का किराया मुख्यमंत्री राहत कोष से देने समेत अन्य मांगों को लेकर सोमवार को आइसा के राष्ट्रव्यापी छात्र अभियान के तहत आइसा कार्यकर्ताओं द्वारा काशीपुर, जितवारपुर समेत अन्य जगहों पर निजी आवास में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए धरना दिया गया. इस दौरान कार्यकर्ता हाथों में मांगों से संबंधित नारे लिखे तख्तियां, झंडे, बैनर के साथ जोरदार नारेबाजी कर रहे थे. इस अवसर पर आइसा जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा कि यूजीसी ने 6 जुलाई को महाविद्यालय के परीक्षा संबंधी गाइडलाइन जारी किया है जबकि देश में कोरोना संक्रमण अपने चरम पर पहुंच चुका है. सरकार के पास जब इतनी सुविधा है तो वह कोरोना संक्रमण के डर से मानसून सत्र नहीं चला रही है जबकि छात्रों को बलि का बकरा बनाने पर तुली है. आइसा कभी भी छात्रों का अहित नहीं होने देगी. सरकार पहले मानसून सत्र चलाये. यूजीसी व गृह मंत्रालय के 6 जुलाई के अधिसूचना को रद्द करें. छात्रों के लंबित छात्रवृत्ति का भुगतान व जेआरएफ- एसआरएफ आदि वजीफे का समय सीमा बढ़ाये, प्रतियोगिता परीक्षा हेतु उम्र सीमा बढ़ाये तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से हॉस्टल, लॉज के छात्रों का किराया का भुगतान करें. धरना- सभा में राज्य कार्यकारणी सदस्य प्रीति कुमारी, ज़िला उपाध्यक्ष मनीषा कुमारी, ज़िला कमिटी सदस्य द्रख़्शा जबी , बृजकिशोर कुमार , चांदनी भारती , दिव्या ज्योति समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.
