बिहार राज्य के महरा पंचायत जिला समस्तीपुर से संवाददाता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से मोहम्मद मिनाहतुल्लाह से साक्षात्कार किया। उन्होने यह बताया कि पहले डीलर 30 किलो अनाज देने के जगह 28 किलो अनाज देता था। साथ डीलर दो रुपए कीमत में मिलने वाला गेहूँ को तीन रुपए में देता है और तीन रूपए कीमत में मिलने वाले चावल को चार रूपए में देता है। इस बात को मोबाइल वाणी पर रिकॉर्ड करवाया। उसके बाद इस खबर को गंभीरता से लेते हुए अधिकारीयों ने इसकी जाँच की। खबर के असर को देखते हुए अब डीलर से राशन लेने में कोई दिक्कत नहीं होता है
बिहार राज्य के जिला समस्तीपुर के किशनपुर पंचायत से गोबिंद राम मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बताना चाहतें है,कि उन्होंने 29 जून को जॉब कार्ड के लिए अप्लाई किया था ,परन्तु अब तक नहीं बना है। उनके गांव में जॉब कार्ड बनाने के लिए बुधवार को बैठक भी है
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के अंतर्गत विकसित "कृषि मेघ” सहित तीन महत्वपूर्ण सुविधाओं का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। इनके माध्यम से, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की, डिजीटल इंडिया संकल्पना की कड़ी में कृषि क्षेत्र में कम्प्युटिंग के युग की शुरूआत हो गई है। कृषि मेघ के अंतर्गत, बरसों के कृषि संबंधी अनुसंधान का डाटा एक ही डिजीटल प्लेटफार्म पर मिल सकेगा, जिसका उपयोग करते हुए तरक्की के नए आयाम हासिल किए जा सकेंगे। श्री तोमर ने कहा कि यह प्लेटफार्म बहुत सुविधाजनक होगा, जिससे देश के लिए योगदान में सहभागिता रहेगी। श्री तोमर ने नई शिक्षा नीति के साथ कदमताल मिलाते हुए कृषि शिक्षा और शोध कार्यों को बढ़ावा दिए जाने की बात भी कही है। मंगलवार को प्रारंभ की गई सुविधाएं हैं- 1. कृषि मेघ (एनएआरईएस- क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विसेज), 2. उच्च कृषि शैक्षिक संस्थानों की प्रत्यायन प्रणाली पोर्टल, 3. कृषि विश्वविद्यालय छात्र एलुमिनाई नेटवर्क (केवीसी एलूनेट)। श्री तोमर ने कहा कि ये नई सुविधाएं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के इतिहास में बहुत बड़ा कदम है। ये सिर्फ सुविधाएं मात्र नहीं है, बल्कि इससे पारिवारिक भावना को बल मिलेगा, क्योंकि बरसों से जिन भी छात्रों-प्राध्यापकों ने शोध कार्य किए, वे संयुक्त परिवार की तरह एक प्लेटफार्म पर उपलब्ध रहेंगे। पारिवारिक भावना होने से जिस प्रकार परिवार की उत्तरोतर प्रगति होती है, उसी तरह संस्थान की भी प्रगति होती है। इस दृष्टि से यह कार्य महत्वपूर्ण है। एलुमिनाई नेटवर्क से नए-पुराने स्टूडेंट्स को परस्पर मिलने के साथ ही पुराने-नए तौर-तरीके सीखने-समझने का अवसर भी मिलेगा। वहीं, कृषि शिक्षा संस्थाओं की मान्यता ऑनलाइन हो सकेगी, जिससे पारदर्शिता रहेगी। प्रधानमंत्रीजी का भी जोर पारदर्शिता पर ही है। हैदराबाद में डिजास्टर रिकवरी सेंटर खोलने से काफी सुविधा रहेगी। श्री तोमर ने कहा कि नई शिक्षा नीति आने के बाद नए तरीके सोचना और काम करना होगा। शिक्षा रोजगारोन्मुखी हो, गुणवत्ता अच्छी हो। सिर्फ भीड़ न हों बल्कि शिक्षा में उत्कृष्टता आए, इसका लाभ भी कृषि शिक्षा के क्षेत्र में मिलेगा। शिक्षा नीति की बातों को कैसे कृषि विज्ञान के अनुरूप बनाया जाएं, इसकी योजना बनाई जाएं। नई शिक्षा नीति को लेकर आईसीएआर ऑनलाइन सेमिनार करें, ताकि कृषि संस्थानों को लाभ मिल सकें। श्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र देश का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। कृषि में उत्पादन लागत घटाने, उत्पादकता व जैविक खेती बढ़ाने, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड देने, किसानों को उचित मूल्य दिलाने के साथ ही किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने प्राथमिकता के साथ अनेक ठोस कदम उठाए हैं। कृषि क्षेत्र के विकास में किसानों का कड़ा परिश्रम है, वहीं कृषि वैज्ञानिक व भारत सरकार पूरी तरह से जुटे हैं। अब कृषि क्षेत्र में गांव-गांव निजी निवेश बढ़ाने की जरूरत है। एक लाख करोड़ रू. का कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लाकर प्रधानमंत्री जी ने इसके लिए प्रगति के द्वार खोल दिए हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री श्री परषोत्तम रूपाला व श्री कैलाश चौधरी, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र, राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के टास्क टीम लीडर (विश्व बैंक, वाशिंगटन) डॉ. एडवर्ड विलियम बेसनयान, डेयर एवं आईसीएआर के अपर सचिव एवं वित्त सलाहकार श्री बिम्बाधर प्रधान, डेयर के अपर सचिव एवं आईसीएआर के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के राष्ट्रीय निदेशक डॉ. आर. सी. अग्रवाल, राष्ट्रीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. तौकीर अहमद, कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रोफेसर व वैज्ञानिकगण, अन्य अधिकारी-कमर्चारी उपस्थित थे।
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पूर्व सैनिक रेल गेटमैन/कोच मित्र संघ, पूर्व मध्य रेल, समस्तीपुर मंडल के सचिव प्रमोद कुमार सिन्हा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संपूर्ण पूर्व सैनिकों को देश के विभिन्न मंडलों में रेलवे कर्मचारी के रूप में नौकरी देने का झांसा देकर सैनिकों को धोखा देने का काम किया है।
राजद जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सहनी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर मंगलवार को हमला करते हुए कहा कि यह वक्त कोरोना वायरस संक्रमण से लडऩे का है चुनाव लडऩे का नहीं और नितीश कुमार जी को विधानसभा चुनाव कराने की ‘जल्दबाजी’ में लोगों की जिंदगी को खतरे में नहीं डालना चाहिए। राजद जिलाध्यक्ष ने कहा कि ‘देश के अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी कोरोना वायरस संक्रमण के हालात बिगड़ रहे हैं। लेकिन सरकारी तंत्र और संसाधनों का बड़ा हिस्सा चुनाव की तैयारियों में व्यस्त है।’ उन्होंने कहा कि "चुनाव महामारी फैलाने का जरिया न बने l अभी सरकार के आदेश के मुताबिक, किसी आयोजन में 50 से अधिक की भागीदारी नहीं हो सकती l तब क्या 1000 मतदाताओं वाला केंद्र कोरोना फैलाने का जरिया नहीं बन जाएगा?" मौके पर कर्पूरी आश्रम स्थित जिला राजद कार्यालय पर राजद जिला प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर , राजद किसान सेल के जिलाध्यक्ष राजेश्वर महतो , कार्यालय सचिव रोशन यादव , पूर्व जिला सचिव मनोज कुमार राय, राजद किसान प्रकोष्ठ के प्रधान महासचिव दीपक यादव , राजद नेता विजय पंडित , नन्द कुमार चौधरी आदि मौजूद थे l
#पूसा रोड स्थित शहीद खुदीराम बोस के गिरफ्तारी स्थल पर इनौस कार्यकताओं नें मनाया शहादत दिवस, की संकल्प सभा। # देश में दो तरह का भारत बसता है - राम कुमार पूसा /पूसा रोड, 11 अगस्त 2020 प्रखण्ड के चकले वैनी पंचायत के वैनी पूसा रोड अवस्थित खुदीराम बोस के शहादत दिवस के अवसर पर इंकलाबी नौजवान सभा जिला कमिटी के बैनर तले सैकड़ों छात्र नौजवानों ने वैश्विक महामारी कोरोना व लाॅकडाउन के बीच शारीरिक दूरी बनाते शहीद क्रांतिकारी खुदीराम बोस के प्रतिमा पर माल्यार्पण समारोह और संकल्प सभा आयोजित की गई। संकल्प सभा की अध्यक्षता इनौस जिला अध्यक्ष सह राज्य उपाध्यक्ष राम कुमार ने की जबकि संचालन इनौस जिला सचिव आसिफ होदा ने की। संकल्प सभा शहीद खुदीराम बोस के प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए शुरू की गई। इनौस जिला अध्यक्ष सह राज्य उपाध्यक्ष राम कुमार ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में शहीद क्रांतिकारी खुदीराम बोस के जन्म से शहादत के सफर के बारे मे विस्तार से जानकारी दी। आगे श्री कुमार ने कहा कि देश के में दो तरह के भारत बसता है। एक शहीद खुदीराम बोस,प्रफुल्ल चंद चाकी, भगत सिंह, राज गुरू, सुख देव और अम्बेदकर के सपनों का धर्म निरपेक्ष भारत और दूसरा धर्म के नाम उन्माद उत्पात के राजनीति करके आरएसएस और भाजपा के द्वारा मनुस्मृति पर आधारित हिन्दूवादी भारत जिसे हम छात्र - नौजवान मजदूर, किसान कभी नहीं बनने देंगे तभी इन शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।सभा को भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य कामरेड सुरेंद्र प्रसाद सिंह, इनौस जिला सह सचिव कृष्ण कुमार, इनौस जिला कमिटी सदस्य सह इनौस प्रखंड सचिव दिनेश कुमार सिंह, नौशाद तौहीदी, लक्ष्मी साह,मुन्शी लाल राय राम बली साह, दीप नारायण राय, भूपन तिवारी, अरशद कमाल बबलू, संतोष कुमार, मनोज कुमार, रामाधार सिंह, परवेज, किसान नेता ब्रह्म देव सिंह मो0 मुन्ना, मो० सकील, कैलाश राय, अरुण कुमार रामलाल दास धर्मेंद्र कुमार संतोष कुमार साह दिलीप कुमार, राजा कुमार, अंकित कुमार सुनील कुमार, चंदन कुमार, पंकज कुमार गुप्ता, गुड्डू कुमार मुकेश कुमार,ब्रज किशोर राय, समेत कई अन्य दर्जनों नेता कार्यकर्ता ने संबोधित किया। सभा के अंत में शहीद खुदीराम बोस सहित आजादी के लिए हुए तमाम शहीदों के याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
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