विद्यापति नगर प्रखंड के मलकालीपुर में मुर्गा विक्रेता द्वारा उधार देने से मना करने पर मारपीट किए जाने का मामला प्रकाश में आया है । प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहम्मद नसीम ने सुबह अपनी दुकान पर मुर्गा बेच रहा था, उसी समय एक बाइक पर सवार तीन युवक आए और मुर्गा उधार में देने को कहा, दुकानदार द्वारा मना किए जाने पर उक्त युवक क्रोधित होकर गाली - गलौज और मारपीट पर उतारू हो गए। घटना के संबंध में मोहम्मद नसीम ने विद्यापति नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, आवेदन में नसीम ने बताया कि वह अन्य दिनों की भांति अपने दुकान पर था, तभी मलक्लीपुर निवासी कौशल सिंह, सावन सिंह तथा निराला सिंह दुकान पर आ कर मुर्गा उधार में देने को कहा, मना करने पर मेरे साथ मारपीट की तथा हांथ तोड़ दिया और गोली मार देते की धमकी भी दी है ।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

-श्रम पोर्टल पर जाएँ – आवेदक को सबसे पहले ई-श्रम पोर्टल की अधिकृत वेबसाइट https://eshram.gov.in/home पर जाना होगा। ... ई-श्रम पर रजिस्टर करे आप्शन पर क्लीक करें, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर भरें, वेरीफाई OTP, ई-शर्म रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें, डॉक्यूमेंट अपलोड करें, श्रम कार्ड डाउनलोड।

फैक्ट्री, दहाड़ी मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, घर में काम करने वाले, रिक्शा चलाने वाले, कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने वाले लोग ई-श्रमिक कार्ड का फायदा (E-Shram Card Benefits) उठा सकते हैं. इस कार्ड के लिए अप्लाई करने के लिए आपकी उम्र 16 से 59 साल के बीच होनी चाहिए.

ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर्ड असंगठित क्षेत्र के श्रमिक को 2 लाख रुपये का एक्सीडेंट बीमा कवर मिलता है. इसका अर्थ यह हुआ कि अगर श्रमिक किसी हादसे का शिकार हो जाता है, तो मृत्यु या फिर विकलांगता की स्थिति में उन्हें 2 लाख रुपये की राशि दी जाएगी.

पंचायतों को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए योजनाओं का शुभारंभ तो पंचायत प्रतिनिधियों के द्वारा किया गया। लेकिन आजतक बेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट का निर्माण नही कराया गया है।

सीएचसी मोहिउद्दीन नगर में दर्जनों महिलाओं के बंध्याकरण का हुआ सफल ऑपरेशन जानकारी के अनुसार समस्तीपुर जिला के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहिउद्दीन नगर में शुक्रवार को सूर्या क्लिनिक समस्तीपुर के सौजन्य से दर्जनों महिलाओं के बंध्याकरण का सफल ऑपरेशन किया गया उक्त आशय की जानकारी देते हुए सूर्या क्लीनिक के मैनेजर अशोक कुमार सिंह के द्वारा बताया गया कि सर्वप्रथम ऑपरेशन करवाने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई जिसमें ब्लड शुगर ब्लड प्रेशर एनीमिया एचबीएस एचआईवी सहित अन्य जरूरी जांच की गई तदुपरांत सही महिलाओं के बंध्याकरण का सफल ऑपरेशन विशेषज्ञ सर्जन एवं उनकी टीम के द्वारा किया गया जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि गायक स्वास्थ्य केंद्र मोहिउद्दीन नगर में प्रत्येक शुक्रवार को जननी सूर्या क्लिनिक समस्तीपुर के सौजन्य से बंध्याकरण का सफल ऑपरेशन किया जाता है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

विद्यापतिनगर मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आपदा से बड़े पैमाने पर होने वाले नुकसान से बचाव को लेकर शिक्षकों को दिए जा रहे एक दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण सत्र के चौथे दिन का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। इस मौके पर प्रशिक्षक ने प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों को आपदा से बचाव को लेकर हमेशा सजग रहने पर बल दिया और इसकी जानकारी समाज के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया ताकि किसी भी प्रकार के आपदा से समाज के लोगों को कम से कम नुकसान झेलना पड़े। आदर्श मध्य विद्यालय में आयोजित एक दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण के दौरान प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से एक-एक फोकल शिक्षक को इसमें शामिल किया गया हैं। जहां प्रशिक्षकों में शामिल रामबाबू राय, अनुपम कुमारी ने आपदा के दौरान भूकंप, बाढ़, आगजनी से बचाव का गुर सिखाया। भूकंप, बाढ़, आगजनी जैसी आपात स्थितियों में कैसे कम से कम नुकसान झेलना पड़ा। इसकी जानकारी शिक्षकों को दी गई और इन आपदाओं से निबटने के लिए बच्चों को सजग बनाने को कहा गया। इस बाबत समग्र शिक्षा के संभाग ने बताया कि सभी प्रखंडों में शिक्षकों को आपदा से बचाव हेतु प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं।

विद्यापतिनगर प्रखंड के मऊ धनेशपुर दक्षिण पंचायत के मऊ बाजार से बांध किनारे तक पीएचइडी की लापरवाही से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। वहीं टोले के लोग पीने के पानी को तरस रहे हैं। लोगों की शिकायत है कि टोले में महीनों से नल जल योजना का काम ठप पड़ा हुआ है। बाजार से बांध किनारे के निकट दो स्थानों पर लगभग डेढ़ महीने से नल जल योजना का पाइप टूटा हुआ है। जिसके कारण प्रतिदिन हजारों लीटर पानी सड़कों पर बह रहा है। पानी बहने से आसपास के गड्ढे़ तालाब में तब्दील हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि पीएचईडी के लगाए गए पंप हाउस के नल में टैप नहीं लगाया गया है। इससे मोटर चलते ही पानी बहना शुरू हो जाता है और प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। गरीब लोगों तक शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की सरकारी महत्वाकांक्षी योजना और जल संरक्षण के उपायों पर करोड़ों रुपये व्यय हो रहे हैं, लेकिन विभागीय लापरवाही से यहां पानी की बर्बादी हो रही है। एक ओर जहां टोले के लोगों को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है। वहीं लगातार बह कर बर्बाद हो रहे पानी के जमाव से लोगों के जान पर खतरा भी बना हुआ है। करीब डेढ़ महीने से जारी इस समस्या को लेकर लोगों में आक्रोश है।खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक करें। 

विद्यापतिनगर प्रखंडों के मनियारपुर पंचायत में अधिकारियों ने विकासीय योजनाओं की विस्तृत जांच की।मनियारपुर पंचायत में बीडीओ प्रकृति नयनम ने संबंधित पंचायत में नल-जल योजना के अलावा, पक्की गली-नाली योजना, आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य उपकेंद्र की स्थिति, जन वितरण प्रणाली , ग्रामीण सड़कों के निर्माण व उनके अनुश्रवण की स्थिति, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन योजनाएं आदि की जांच की। इस बीच अधिकारियों ने गांवों में मौजूद तालाब, कुआं के अलावा चापाकलों की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान अधिकारियों ने पंचायत में योजना पंजी का भी अवलोकन किया। जांचोपरांत बीडीओ ने प्रसन्नता जहीर करते हुए बताया कि मनियारपुर पंचायत में सरकारी योजनाओं का कार्य सुचारू रूप से किया गया है। योजनाओं में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गयी। सरकार की ओर से संचालित योजनाओं को मानक के अनुरूप पाया गया।खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक करें। 

बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता रत्न शंकर जानकारी दे रहे हैं की विद्यापतिनगर प्रखंड क्षेत्र के बालकृष्णपुर मड़वा पंचायत के मुख्य सड़क किनारे एकत्रित कचरे को फेंका जा रहा हैं। हालात यह है कि पंचायत के वार्ड से उठवाकर कचरों के अवशिष्टों को यत्र-तत्र पंचायत स्थित हाजीपुर-बछवाड़ा मुख्य मार्ग पर कोल्ड स्टोरेज ढाला से पश्चिम चिमनी तक सड़क किनारे फेंक दिया जा रहा हैं। इससे होने वाले गंदगी व बदबू से इलाके में संक्रमण की आशंका बनी हैं। बल्कि खुले में विचरण करने वाले पशु भी उसे अपना निवाला बना रहे हैं। साथ ही सड़क किनारे पड़ा कूड़ा तेज हवा के साथ उड़कर लोगों के स्रोतों व सड़क पर फैलता हैं। वहीं इस सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को मुहं व नाक ढककर निकलना पड़ता हैं। अब ऐसे में सवाल उठता हैं कि बिना कचरा अवशिष्ट के प्रबंधन किए बगैर आखिर किन परिस्थितियों में योजना की शुरुआत की गई।