बाढ़ सिविल कोर्ट की हाजत से फरार होने के ढाई महीने बाद वाराणसी पुलिस की मुठभेड़ में सगे भाई मनीष सिंह और रजनीश सिंह मारे गए। सूचना मिलते ही पैतृक गांव मोहिउद्दीननगर के आनंद गोलवा में परिजनों के बीच सन्नाटा पसरा हुआ है। लकवाग्रस्त पिता शिवशंकर सिंह ने कहा कि मेरा जाना वहां संभव नहीं है। प्रशासन चाहे तो शवों को यहां पहुंचा दे, नहीं तो वहीं हिंदू रिति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार कर दे। वह इस उम्र में वहां जाने में असमर्थ है। घर में उनके अलावा मृतक दोनों भाइयों की मां और फरार अपराधी ललन सिंह की पत्नी व तीन बच्चे ही है।

Transcript Unavailable.

विद्यापति नगर से ग्रामीणों ने बताया कि अपने दिनचर्या में जल की पूर्ति नल जल योजना के अलावा अपने निजी चापाकल से कर पा रहे हैं। जल के पुन: पूर्ति के लिए विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए जल को सीमित मात्रा में उपयोग करने पर भी चर्चाएं हुई।

विद्यापति नगर प्रखंड के कांचा पंचायत से विरेश कुमार ने बताया कि कोविड-19 के दोनों टीका लगवा चुके हैं।

बिहार राज्य के समस्तीपुर जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता राज कुमार ठाकुर जानकारी दे रहे हैं की बदलते मौसम के अनुसार हम सब का बदलना बहुत जरूरी है। खासकर किसान वर्ग के लोगों को अपने खेती के तरीकों में बदलाव लाना जरूरी है। अच्छी और उन्नत फसल उपजाने के लिए बदलते मौसम के अनुसार खेती करना बहुत जरूरी है।

Transcript Unavailable.

विद्यापति नगर प्रखंड के कांचा पंचायत से ग्रामीणों ने बताया कि अपने दिनचर्या में जल की पूर्ति सरकार द्वारा चल रहे नल जल योजना से कर पा रहे हैं। नल जल योजना में समय अनुसार पानी आते हैं उसके तत्पश्चात लोग कहीं कहीं अपने आवश्यकता अनुसार चापाकल का उपयोग करते हैं। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

विद्यापतिनगर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत किसानों को समय से गेहूं एवं रबी फसल के बुआई के लिए सरकारी बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इस कारण किसानों को महंगे दाम पर गेहूं के बीज खरीद कर बुआई करना पड़ रहा है। किसानों का कहना हैं कि आवंटन कम होने के कारण बीच पूरा नहीं मिल रहा हैं। किसानों को आवंटित दुकानों से मात्र एक पैकेट बीज ही दिया जा रहा हैं। जिसकी निर्धारित कीमत 760 रुपये में दिया जा रहा है। किसानों ने बताया कि सरकारी बीज के इंतजार में किसान परेशान है। परंतु, अभी तक प्रखंड कार्यालय में सरकारी स्तर पर गेहूं का बीज बहुत कम उपलब्ध हो सका है। इस कारण 40 से 50 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बीज खरीद कर खेत में लगाया जा रहा है। कहा कि किसान को खेती समाप्त हो जाने के बाद बीज उपलब्ध कराने का कोई फायदा नहीं है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

विद्यापतिनगर प्रखंड स्थित विभिन्न कार्यालयों के बीचोबीच स्थित ऐतिहासिक शिवगंगा पोखर को शिवगंगा तालाब बनते देखने की प्रखंड की हसरत करोड़ों खर्च के बावजूद भी अधूरी है। तीन वर्ष पूर्व करोड़ों रुपये की लागत से जब इस ऐतिहासिक पोखर के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू हुआ तो लोगों में यह उम्मीद जगी थी कि यह स्थल न सिर्फ प्रखंड की एक अलग पहचान देगी बल्कि लोगों को प्राकृतिक सौंदर्य व अछ्वुत छटा के बीच इस ऐतिहासिक धरोहर पर सुकून के दो पल बिताने का मौका मिलेगा। लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी यह ऐतिहासिक पोखर प्रखंड का पहचान बनने की आस में अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। पोखर किनारे बनाई गई अधूरे पक्की सीढ़ी भी अब क्षतिग्रस्त होने लगी है। उपेक्षा का दंश झेल रहा यह ऐतिहासिक पोखर अब भी प्रखंड का ताज बनने की बाट जोह रहा है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

विद्यापतिनगर भूमि विवाद के निपटारे के लिए शनिवार को स्थानीय थाना में जनता दरबार लगाया गया। जनता दरबार में फरियादी जमीन संबंधी विवादों को सुलझाने थाना पहुंचे थे। थाने में प्रत्येक शनिवार को जनता दरबार लगाया जाता है। इस दौरान जनता दरबार में कुल पांच जमीन विवाद के मामले आए, जिसमें आन द स्पाट तीन मामले का निष्पादन किया गया। वहीं दो मामलों में सुनवाई की अगली तिथि शनिवार को दी गई। थानाध्यक्ष प्रसुनजय कुमार एवं अंचल अधिकारी अजय कुमार व राजस्व कर्मचारी गोपाल गिरधारी की मौजूदगी में लगाए गए जनता दरबार में थाना क्षेत्र के कई लोग अपनी-अपनी जमीन से संबंधित समस्याओं के लेकर पहुंचे थे। दो मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं रहने के कारण मामले की सुनवाई अगले शनिवार को दी गई। पूर्व में दोनों पक्षों को नोटिस भेजकर ससमय उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।