विद्यापतिनगर प्रखंड स्थित विभिन्न कार्यालयों के बीचोबीच स्थित ऐतिहासिक शिवगंगा पोखर को शिवगंगा तालाब बनते देखने की प्रखंड की हसरत करोड़ों खर्च के बावजूद भी अधूरी है। तीन वर्ष पूर्व करोड़ों रुपये की लागत से जब इस ऐतिहासिक पोखर के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू हुआ तो लोगों में यह उम्मीद जगी थी कि यह स्थल न सिर्फ प्रखंड की एक अलग पहचान देगी बल्कि लोगों को प्राकृतिक सौंदर्य व अछ्वुत छटा के बीच इस ऐतिहासिक धरोहर पर सुकून के दो पल बिताने का मौका मिलेगा। लेकिन तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी यह ऐतिहासिक पोखर प्रखंड का पहचान बनने की आस में अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। पोखर किनारे बनाई गई अधूरे पक्की सीढ़ी भी अब क्षतिग्रस्त होने लगी है। उपेक्षा का दंश झेल रहा यह ऐतिहासिक पोखर अब भी प्रखंड का ताज बनने की बाट जोह रहा है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।