घोड़ासहन के तीन लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य महकमा उनका ट्रैवल हिस्ट्री कॉन्टैक्ट हिस्ट्री खंगालने में लगी है। वहीं तीनों को मोतिहारी आइसोलेशन सेंटर में आइसोलेट कर दिया गया है।
घोड़ासहन में पॉजिटिव रिपोर्ट आए तीनों छात्र हैं। जो जमुनिया के निवासी हैं और इसी माह के 6 तारीख को महाराष्ट्र से निजी बस से आए थे। जिसे स्थानीय ठाकुर राम उच्च विद्यालय में कोरोनटीन किया गया था।विस्तार पूर्वक खबरों को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
शनिवार की देर संध्या अज्ञात अपराधियों ने विकास कुमार को सिर में मारी गोली। विकास कुमार बिहार नामक एक पत्रिका से जुड़े हुए हैं। स्थिति को देखते हुए उसे रेफर कर दिया गया। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
घोड़ासहन, पूर्वी चम्पारण
लाकडाऊन के बाद दूसरे प्रदेशों से लौटे मजदूरों के लिए बने कोरेंटिन सेंटर पर कूव्यवस्था की जानकारी जिला प्रशासन को मिल रही थी ऐसे में डीएम शिर्सत कपिल अशोक एसपी नवीन चंद्र झा क्वारन्टाई सेंटरों का जायजा लेने पहुंचे दोनों अधिकारियों ने तुरकौलिया के जयसिंहपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय में बने क्वेंरेटिन सेंटर का निरीक्षण किया क्वारेटिन सेंटर के निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने प्रवासी मजदूरों के लिए बने खाना को खाया।दोनों अधिकारीयों ने खाना खाने के बाद संतोष जताया
राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध होगी एईएस किट • एईएस मरीजों के लिए 28 नए एम्बुलेंस को दिखाई गई हरी झंडी • स्वास्थ्य मंत्री ने झंडी दिखाकर किया रवाना पटना/ 9 मई- कोरोना संक्रमण काल में भी एईएस के प्रति राज्य सरकार की गंभीरता दिख रही है. इसको लेकर राज्य सरकार हर स्तर पर एईएस से बचाव के कार्यों में जुटी है. गर्मी के महीने की शुरुआत से ही राज्य के एईएस प्रभावित जिलों में एईएस दस्तक देने लगा है. इसे गंभीरता से लेते हुए एईएस की रोकथाम एवं पीड़ितों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने की दिशा में सरकार प्रयासरत है. इसी क्रम में शनिवार को राज्य स्वास्थ्य समिति पटना स्थित प्रांगन से एईएस से सर्वाधिक प्रभावित 7 जिलों के लिए 28 नए एम्बुलेंस को स्वास्थ्य मंत्री, बिहार सरकार मंगल पाण्डेय द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. साथ ही इस दौरान मंत्री महोदय द्वारा एईएस किट का लोकार्पण भी किया गया. 366 संस्थानों के लिए 747 किट किये गए तैयार: इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा यह पहला अवसर है जब एईएस मरीजों के इलाज के लिए सभी चिकित्सीय उपकरण एवं अन्य जरुरी सामग्री को एक किट में व्यवस्थित करने की पहल राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा की गयी है. इससे हमारे स्वास्थ्य संस्थानों में एईएस मरीजों के उपचार में सहायता मिलेगी और राज्य के कुल 17 जिलों के 366 संस्थानों में यह किट उपलब्ध हो सकेगी. इसके लिए 747 एईएस किट तैयार किये गए हैं. प्रति संसथान 2 किट तथा मुजफ्फरपुर जिले के अतिप्रभावित 5 प्राथमिक स्वाथ्य केन्द्रों के लिए 5 किट निर्गत किये गए हैं. राज्य के 7 जिलों के लिए 28 नए एम्बुलेंस होंगे उपलब्ध: एईएस से सर्वाधिक प्रभावित 7 जिलों के लिए 28 नए एम्बुलेंस अब उपलब्ध होंगे. मुजफ्फरपुर में 8, पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण में 5, सीतामढ़ी में 4, तथा समस्तीपुर, गोपालगंज और सिवान में 2 नए एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है. इन 28 नए एम्बुलेंस के उपरान्त एईएस प्रभावित 11 जिलों में एम्बुलेंस की संख्या में इजाफा हुआ है. अब मुजफ्फरपुर में 58, दरभंगा में 47, पूर्वी चंपारण में 45, वैशाली में 51, सारण में 39, समस्तीपुर में 42, पश्चिमी चंपारण में 38, गोपालगंज में 26, सिवान में 32, सीतामढ़ी में 36 तथा शिवहर में 12 एम्बुलेंस एईएस मरीजों के लिए उपलब्ध रहेंगे. मुजफ्फरपुर जिले के लिए 10 एईएस किट एम्बुलेंस के साथ रवाना किया गया है. एईएस किट में होंगे 18 तरह के आइटम्स: एईएस किट में 11 तरह के उपकरण एवं सामान को विभिन्न साइज़ में मिलकर कुल 18 आइटम रखे गए हैं. स्ट्रिप के साथ ग्लूकोमीटर, एयरवे के साइज़ 0 और 1, म्यूकस सकर, रबर फीडिंग ट्यूब साइज़ 10,12 और 14, 2 और 5 एमएल की सूई और सिरींज, थर्मामीटर, टेप, एनिमा सेट, आई.वी.कैनुला 22,23 एवं 24, एम्बु बैग, कैथेटर और पैडीएट्रिक कफ इस किट में शामिल किये गए हैं. इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री के अलावा राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार, अपर कार्यपालक निदेशक करुणा कुमारी, अपर कार्यपालक निदेशक खालिद अरशद एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे.
घर से निकले थे तो मेरे साथ परिजनों की बड़ी उम्मीद थी कि मेरा बेटा कमाऊ है परिवार का दुख दूर होगा महाजन का कर्ज भी सधेगा लेकिन लॉक डाऊन में कंपनी बंद हो गई दोनों हाथ बेकार हो गए और हम लोग भिखारी बन गए जब कमाई का पैसा खत्म हो गया तो भोजन के लिए कतार में लगनी पडी। कई बार कतार में लगने के बाद भी भोजन नहीं मिला ठाणे मुंबई से करीब 8 घंटा विलंब से बापूधाम मोतिहारी स्टेशन श्रमिक स्पेशल ट्रेन पर सवार मजदूरों ने अपनी दर्द बयां की
सुगौली प्रवासी मजदूरों की संख्या में काफी इजाफा होने के कारण शनिवार को सुगौली में एक और नये क्वारेंटाइन सेंटर की स्थापना स्थानीय नंद उच्च विद्यालय में किया गया है। प्रखंड स्तरीय तीनों क्वारेंटाइन सेंटर में शनिवार के शाम चार बजे तक बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों की कुल संख्या 231 हो गई है।
सुगौली चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार तीन बदमाशों को सुगौली पुलिस ने भेजा जेल। दो बाइक हुआ था बरामद।
डेढ़ माह के बाद शुक्रवार को दुकानें खुली और बाजार में हल्की रौनक दिखी प्रशासन ने कुछ रियासतों के साथ दुकानें खोलने की छूट तो दो दी है लेकिन उसका लाभ कारोबारियों एवं दुकानदारों को नहीं मिल रहा है कारण दुपहिया और चार पहिया वाहनों का नहीं चलना है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।

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शिवहर ब्यूरो अरूण कुमार साह *कोरोना वारियर्स की तरह शिक्षकों को भी मिले 50 लाख का मुआवजा* *बिना शर्त हो एकमुश्त तीन माह का वेतन भुगतान* *निजी वाहन के अभाव में सशरीर योगदान नहीं कर पा रहे है शिक्षक* ------------------- बिहार टेट शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सह बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समिति के अध्यक्ष मंडल सदस्य विनोद कुमार वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि हड़ताल से वापस आये शिक्षकों के साथ सरकार के ऑफिसर दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है।हरसंभव तरीके से शिक्षकों को मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रही है।जानबूझकर लोकडॉन एवं महामारी कानून का उल्लंघन करते हुए शिक्षकों को मज़बूर कर उसे काल के गाल में भेजने का आदेश जारी कर रही है।यही ऑफिसर हड़ताल टूटने के पूर्व व्हाट्सएप्प से जॉइन करने को कह रही थी और आज जब हड़ताल टूट गयी तो व्हाट्सएप्प से योगदान बन्द कर सशरीर उपस्थित होकर योगदान करने को कह रही है।श्री वर्मा ने सरकार से यह मांग किया है कि जबतक लोकडॉन रहेगा तबतक व्हाट्सएप्प या ईमेल के माध्यम से ही योगदान लेने का विकल्प का प्रावधान करें और जब स्थिति सामान्य हो जाएगी तब वो खुद सशरीर उपस्थित होकर योगदान कर लेंगे।इस आशय का पत्र शिक्षा विभाग जारी करें। संघ के प्रदेशमहासचिव श्री मनोज कुमार ने सरकार से यह मांग किया है कि यदि शिक्षकों को कोरोना ड्यूटी पर लगाया जाता है तो उन्हें भी स्वास्थ्यकर्मी तथा अन्य कोरोना वारियर्स की तरह 50 लाख का मुआवजा एवं उनके परिवार को अनुकम्पा का लाभ मिले।क्योंकि शिक्षक भी सरकार व समाज का ही अमूल्य अंग हैं। समाज व देश निर्माण का दायित्व भी हम शिक्षकों पर ही हैं। अतः हमारे साथ दुर्व्यवहार न किया जाए। सौतेलेपन का एहसास न कराएं। हम शिक्षक भी इंसान है ।हमे भी सम्मान पूर्वक जीने का हक है।अतः हमारी आवश्यकताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाए। वहीं संघ की प्रदेश कोषाध्यक्षा इफ्फत जहाँ बताई की अधिकांश महिलाओं को न तो निजी वाहन है और न ही वह चलाना ही जानती है।सरकार का आदेश भी एक बाइक पर एक ही लोग बैठ सकते हैं। तो ऐसी स्थिति में महिला शिक्षिका क्या करें।जबकि विद्यालयों में आज 50% की आबादी महिला शिक्षकों की है। बहुत से पुरुष शिक्षकों को भी ऐसी ही समस्या है। अतः सरकार से आग्रह पूर्वक कहना चाहती हूं कि स्थिति सामान्य होने तक व्हाट्सएप्प के माध्यम से ही योगदान लें इससे दूर-दराज में फंसे शिक्षकों को भी समस्या नहीं रहेगी।स्थिति सामान्य होने पर खुद सशरीर योगदान दे देंगे। प्रदेश मीडिया प्रभारी गणेश कुमार ने बताया कि सरकार बिना शर्त फ़रवरी से अप्रैल तक तीन महीने का वेतन अविलम्ब जारी करें।हड़ताल एवं लोकडॉन अवधि में वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों की आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गयी है। वेतन पर ही सभी शिक्षक आश्रित हैं। अतः मानवीय आधार पर बिना शर्त 3 माह का वेतन यथाशीघ्र भुगतान करने का आग्रह सरकार से करते हैं। -------- विनोद कुमार वर्मा प्रदेश अध्यक्ष बिहार टेट शिक्षक एसोसिएशन
May 9, 2020, 8:41 p.m. | Tags: autopub