सुगौली चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार तीन बदमाशों को सुगौली पुलिस ने भेजा जेल। दो बाइक हुआ था बरामद।

Comments


शिवहर ब्यूरो अरूण कुमार साह *कोरोना वारियर्स की तरह शिक्षकों को भी मिले 50 लाख का मुआवजा* *बिना शर्त हो एकमुश्त तीन माह का वेतन भुगतान* *निजी वाहन के अभाव में सशरीर योगदान नहीं कर पा रहे है शिक्षक* ------------------- बिहार टेट शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सह बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समिति के अध्यक्ष मंडल सदस्य विनोद कुमार वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि हड़ताल से वापस आये शिक्षकों के साथ सरकार के ऑफिसर दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है।हरसंभव तरीके से शिक्षकों को मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रही है।जानबूझकर लोकडॉन एवं महामारी कानून का उल्लंघन करते हुए शिक्षकों को मज़बूर कर उसे काल के गाल में भेजने का आदेश जारी कर रही है।यही ऑफिसर हड़ताल टूटने के पूर्व व्हाट्सएप्प से जॉइन करने को कह रही थी और आज जब हड़ताल टूट गयी तो व्हाट्सएप्प से योगदान बन्द कर सशरीर उपस्थित होकर योगदान करने को कह रही है।श्री वर्मा ने सरकार से यह मांग किया है कि जबतक लोकडॉन रहेगा तबतक व्हाट्सएप्प या ईमेल के माध्यम से ही योगदान लेने का विकल्प का प्रावधान करें और जब स्थिति सामान्य हो जाएगी तब वो खुद सशरीर उपस्थित होकर योगदान कर लेंगे।इस आशय का पत्र शिक्षा विभाग जारी करें। संघ के प्रदेशमहासचिव श्री मनोज कुमार ने सरकार से यह मांग किया है कि यदि शिक्षकों को कोरोना ड्यूटी पर लगाया जाता है तो उन्हें भी स्वास्थ्यकर्मी तथा अन्य कोरोना वारियर्स की तरह 50 लाख का मुआवजा एवं उनके परिवार को अनुकम्पा का लाभ मिले।क्योंकि शिक्षक भी सरकार व समाज का ही अमूल्य अंग हैं। समाज व देश निर्माण का दायित्व भी हम शिक्षकों पर ही हैं। अतः हमारे साथ दुर्व्यवहार न किया जाए। सौतेलेपन का एहसास न कराएं। हम शिक्षक भी इंसान है ।हमे भी सम्मान पूर्वक जीने का हक है।अतः हमारी आवश्यकताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाए। वहीं संघ की प्रदेश कोषाध्यक्षा इफ्फत जहाँ बताई की अधिकांश महिलाओं को न तो निजी वाहन है और न ही वह चलाना ही जानती है।सरकार का आदेश भी एक बाइक पर एक ही लोग बैठ सकते हैं। तो ऐसी स्थिति में महिला शिक्षिका क्या करें।जबकि विद्यालयों में आज 50% की आबादी महिला शिक्षकों की है। बहुत से पुरुष शिक्षकों को भी ऐसी ही समस्या है। अतः सरकार से आग्रह पूर्वक कहना चाहती हूं कि स्थिति सामान्य होने तक व्हाट्सएप्प के माध्यम से ही योगदान लें इससे दूर-दराज में फंसे शिक्षकों को भी समस्या नहीं रहेगी।स्थिति सामान्य होने पर खुद सशरीर योगदान दे देंगे। प्रदेश मीडिया प्रभारी गणेश कुमार ने बताया कि सरकार बिना शर्त फ़रवरी से अप्रैल तक तीन महीने का वेतन अविलम्ब जारी करें।हड़ताल एवं लोकडॉन अवधि में वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों की आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गयी है। वेतन पर ही सभी शिक्षक आश्रित हैं। अतः मानवीय आधार पर बिना शर्त 3 माह का वेतन यथाशीघ्र भुगतान करने का आग्रह सरकार से करते हैं। -------- विनोद कुमार वर्मा प्रदेश अध्यक्ष बिहार टेट शिक्षक एसोसिएशन
Download | Get Embed Code

May 9, 2020, 8:41 p.m. | Tags: autopub