पचपकरी ओपी क्षेत्र के मध्य विद्यालय मल कोनिया स्थित क्वारेटीन सेंटर पर शनिवार को महिला डाक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों से दुर्व्यवहार किया गया सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराते हुए चिकित्सक सहित स्वास्थ्य कर्मियों को वहां से निकाला महिला चिकित्सक डॉ सरवत परवेज ने बताया कि मल कोनिया सेंटर पर अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ वहां रह रहे प्रवासी लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने गई थी थर्मल स्क्रीनिंग कर रही थी तो कुछ लोगों ने उन्हें कोरोना की जांच करने और रिपोर्ट अभी बताने की जिद करने लगे
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सोये प्रवासी मजदूर गुड्डू यादव 25 वर्षीय कि संदिग्ध हालत में मौत हो गई सुबह में तबीयत बिगड़ने पर उसे शहर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई
ज़िला प्रोग्राम कार्यालय आईसीडीएस फर्जी भुगतान को ले एक बार फिर से सुर्खियों में आया है मामले में चयन मुक्त सेविका के खाते में जून 2018 से अगस्त 2019 तक टी एचआर एवं अन्य राशि का स्थानांतरण होता रहा लेकिन अप्रैल 2020 तक अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी मामला छौडादानो प्रखंड के कोदरकट पंचायत अंतर्गत केंद्र संख्या 24 सरैया का है मामले का खुलासा लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी रक्सौल की जांच में हुआ है
आर्थिक पैकेज से बदलेगी देश की तस्वीर
पकड़ीदयाल चैता गांव की महिला के रिपोर्ट आया नेगेटिव
संदिग्ध चमकी सेमरी बच्चे को नहीं दिया गया था टीका 2 सदस्य टीम ने की जांच
हमला में मुखिया पति समेत 12 नामजद
मधुबन में आग लगने से 5 दुकानें जलकर हुई राख
मच्छरदानी का प्रयोग डेंगू को हराने का सरलतम उपायः डाॅ रविन्द्र - 1़6 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस - सोशल मीडिया से जागरुकता की अपील - इस वर्ष का थीम भी डेंगू पर नियंत्रण से संबंधित सीतामढ़ी। 15 मई कोविड 19 के संक्रमण के दौर में डेंगू जैसे रोगों के विरुद्ध प्रचार हो, लोग जागरुक रहे। इस उद्देश्य से मुख्य मलेरिया कार्यालय के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को पत्र के माध्यम से सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया, फेसबुक, व्हाट्सएप के माध्यम से आमजन को डेंगू से बचाव एवं सामान्य सावधानियों के प्रति जागरुक किया जाय। इस संबंध में जिले के भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डाॅ रविन्द्र कुमार यादव ने कहा कि पत्र के माध्यम से प्रत्येक पीएचसी को यह निर्देश दिया गया है कि वे अपने आशा, और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच डेंगू के कारण, लक्षण एवं बचाव संबधी जागरुकता फैलाएं। 16 मई को राष्ट्रीय तौर पर डेंगू दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष का थीम भी डेंगू से बचाव को लेकर ही इफेक्टिव काॅम्युनिटी इंगेजमेंट: की टू डेंगू कंट्रोल रखी गयी है। मानसून का आगमन अगले ही माह होता है इस लिहाज से इसके प्रति जागरुकता फैलाना आवश्यक हो जाता है। 10 से 20 एमएल पानी में पनप सकते हैं डेंगू के लार्वा डेंगू का वाहक एडीज मच्छर है। यह हमेशा ही साफ पानी में पनपता है और यह पानी हमारे आस-पास अनजाने में ही जमा हो जाते हैं। 10 से 20 एमएल के पानी में भी इसके लार्वा पनप सकते हैं। इसके होने से शरीर में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है। जिससे व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता का काफी ह्रास होता है। इस बीमारी के लक्षणों को पनपने में 3 से 9 दिन का समय लगता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, हड्डीयों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल चकते उभर आना है। इसके अत्यधिक प्रभाव से आंतो से खून का स्राव भी होने लगता है। कैसे हो डेंगू से बचाव डेंगू से बचाव के लिए अभी तक किसी टीके का अविष्कार नहीं किया गया हैं। ऐसे में सावधानी ही इसका बचाव है। हमें अपने आस-पास किसी तरह के पानी का जमाव नहीं होने देना होगा। अपने घर के अंदर और बाहर किसी भी टूटे फूटे सामानों में पानी जमा नहीं रखना है। अगर आपके आस-पास के जगहों पर पानी जमा हो गया है तो उसमें एक चम्मच किरोसीन तेल डाल दें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़ों का प्रयोग करें। मच्छरदानी का प्रयोग इससे बचाव का बेहतरीन और सरल उपाय है। इनके रोगियों को पानी अधिक से अधिक पीना चाहिए। तरल पदार्थों का सेवन भी बहुत फायदेमंद रहता है। अगर डेंगू के लक्षण दिखें तो खुद ईलाज न कर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। दर्द की दवा बिल्कुल न लें डाॅ रविन्द्र कहते हैं इस बीमारी में शरीर और हड्डियों मे काफी दर्द होता है। अतः हमे ब्रुफेन और दर्दनाशक दवाईयों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। अगर बुखार है तो चिकित्सकीय परामर्श लेकर पारासीटामोल का सेवन कर सकते हैं।
घोड़ासहन पूर्वी चंपारण

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हरियाणा व लुधियाना से आ रहे 6 प्रवासी मजदूरों को नेपाल सीमा में प्रवेश करने से पूर्व ही कब्जे में लेकर स्थानीय पुलिस को सुपुर्द किया। सुनिए पूरी खबर- - -
May 15, 2020, 9:17 p.m. | Tags: autopub