पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र  प्रांगण में अंतरराष्ट्रीय श्री अन्न सम्मेलन का लाइव प्रसारण के कार्यक्रम को किसानों संग देखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भव्य सम्मेलन का उद्धाटन करते हुए पूरे देश के किसानों  का स्वागत किया। और मोटा अनाज की उपयोगिता पर जोर देते हुए किसानो को मोटा अनाज के खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया।  बाद में मंत्री ने कहा कि मोटा अनाज को सुपर फूड कह सकते हैं। इसमें खास सेहतमंद गुण होते हैं। पोषक तत्वों से भरपूर मोटे अनाज के अंतर्गत आठ फसलें शामिल हैं। इसमें ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी और कुट्टू को मोटा अनाज की फसल कहा जाता है। केविके प्रमुख डॉ. अरबिंद कुमार सिंह ने बताया कि लभारत की इन आठ फसलों से तैयार मोटा अनाज पोषक तत्वों से भरपूर है। इसमें सॉल्युबल फाइबर के साथ ही कैल्शियम और आयरन की मात्रा अधिक होती है। मोटे अनाज को कुपोषण के खिलाफ लाभकारी माना जाता है। मोटा अनाज का सेवन कई बीमारियों से बचाव करता है। कार्यक्रम में कोटवा आत्मा के रबिन्द्र सिंह, किसान दुर्गा सिंह, केवीके के सभी वैज्ञानिक तथा कर्मी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य मेला का आयोजन कर निःशुल्क जाँच और दवाईयाँ भी दी जा रही है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

जिले के दलित बस्ती में खोले गये तीन शहरी प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों पर आउटडोर में मरीजों को नहीं देखा जा रहा। पिछले महीने मात्र 15 से 16 मरीज प्रति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देखे गए हैं। जबकि प्रतिमाह टारगेट 3 हजार मरीज को देखने का है। इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के निदेशक ने सिविल सर्जन से जबाब तलब किया है। साथ ही व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश जारी किया है। कमोबेश ऐसा ही आलम टेलीमेडिसिन का होता जा रहा है। मोतिहारी व रक्सौल में खुला है शहरी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला के दलित बस्ती छतौनी, बरियारपुर व रक्सौल में शहरी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र खोला गया है। इसका उद्देश्य दलित कमजोर वर्ग सहित आम लोगों को चिकत्सीय सुविधा देने का है। महीने में कम से कम इस केंद्र के आउटडोर में प्रति केंद्र तीन हजार मरीज को देखना है। मगर सरकार को भेजे गये रिपोर्ट के अनुसार इन केंद्रों पर 15 से 16 मरीज देखे गए हैं। जिसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के निदेशक नराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश जारी किया है। टेलीमिडिसिन से इलाज में भी बरती जा रही उदासीनता बताते हैं कि मरीजों को गांव स्तर तक चिकित्सीय सुविद्या देने के लिए टेलीमेडिसिन सुविधा दी गयी है। जिला के सभी पीएचसी, अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडलीय अस्पताल, स्वास्थ्य उप केन्द्र को टेलीमेडिसिन से जोड़ा गया है। सप्ताह में दो दिन यह सुविधा मरीज को देना है। प्रत्येक प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, अनुमंडलीय अस्पताल, सदर अस्पताल से एक एक डाक्टर को टेलीमेडिसिन पर कम से कम 5 मरीज को बीमारी का इलाज करना है। जबकि पिछले शनिवार को जिले में टेलीमेडिसिन से मात्र180 मरीज ही देखे गए। जबकि रोस्टर के अनुसार करीब 150 डाक्टर की डॺूटी है। इसके लेकर भी नाराजगी जताई गई है।

शहर के एलएनडी कॉलेज में भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद् द्वारा संपोषित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के दूसरे दिन मंगलवार को द्वितीय तकनीकी सत्र व समापन सत्र का आयोजन किया गया।राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय था ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में दर्शन, विज्ञान व प्रौद्योगिकी’ । प्राचार्य प्रो.अरूण कुमार, भौतिकीविद् डॉ.सर्वेश दूबे, मीडिया प्रभारी डॉ. कुमार राकेश रंजन, बीएड विभागाध्यक्ष डॉ.परमानंद त्रिपाठी व प्रो.प्रियरंजन झा द्वारा द्वितीय तकनीकी सत्र शुभारंभ किया गया। मुख्य वक्ता डॉ.सर्वेश दूबे ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपना शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए क्वांटम फिजिक्स व क्वांटम कंप्यूटर को रेखांकित करते हुए कहा कि मनुष्य एक सहभागितापूर्ण ब्राह्मांड में निवास करता है। दर्शनशास्त्रत्त् विभागाध्यक्ष डॉ.राजेश कुमार सिन्हा ने पाश्चात्य दर्शन, सभ्यता व संस्कृति की अपेक्षा भारतीय सभ्यता व संस्कृति को स्व-अनुशासित व सुसंस्कृत बताया। उनके अनुसार भारतीय दर्शन मनुष्य के लिए एक सुव्यवस्थित जीवन जीने की कला है। समापन सत्र में मीडिया प्रभारी डॉ. कुमार राकेश रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच का सफल संचालन प्रो. प्रियरंजन झा ने किया। डॉ.राजेश कुमार सिन्हा, डॉ.पिनाकी लाहा आदि थे।

शिक्षक रामनिवास कुमार राज्य स्तरीय टीएलएम मेला 2023 के लिए चयनित। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

अग्निवीर बहाली के लिए ऑनलाइन निबंधन की तिथि 15 मार्च से बढ़ाकर 20 मार्च कर दी गई है। पांच दिन का समय बढ़ने से अधिक से अधिक संख्या में निबंधन होन की उम्मीद है। इसकी जानकारी देते हुए सेना भर्ती कार्यालय मुजफ्फरपुर के निदेशक कर्नल बॉबी जसरोटिया ने बताया है कि भर्ती कार्यालय से सबंद्ध उत्तर बिहार के आठ जिले पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर के युवा अभ्यर्थियों के लिए बेहतर अवसर है। बताया कि अभ्यर्थी सेना की वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर अब 20 मार्च 2023 तक अग्निवीर भर्ती रैली के लिए निबंधन करा सकते हैं। यह बदलाव अभ्यर्थियों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते समय हो रही परेशानी को देखते हुए किया गया है। कर्नल ने बताया कि इस बार अग्निवीर योजना के तहत साढ़े 17 से 21 साल तक के युवा भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के दौरान अग्निवीर सामान्य ड्यूटी, क्लर्क/स्टोर कीपर, टेक्निकल एवं ट्रेडमैन की बहाली होंगी। इस बार ऑनलाइन परीक्षा पहले होगी। ऑनलाइन परीक्षा के केंद्र के लिए उम्मीदवारों को पांच विकल्प चयनित करने होंगे। लिखित परीक्षा इसी साल अप्रैल माह में होगी। जो अभ्यर्थी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पास करेंगे और मेरिट में आएंगे, उनको भर्ती रैली के लिए बुलाया जाएगा। भर्ती रैली की तिथि बाद में तय की जाएगी। इस बार निबंधन, योग्यता और बोनस अंक में भी बदलाव किया गया है। इसलिये अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले अधिसूचना को ध्यान से पढ़ें।

दाल की कीमतों में बीते 10 दिन में आए असामान्य उछाल आया है। जिससे लोग परेशान हैं। बताया जाता है कि सरकार के आदेश के बाद खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है।दाल के दाम में लगातार उछाल से लोग परेशान हैं। दाल के दाम में पिछले 15 दिनों में ही 15 रुपये तक का उछाल आया है। हालांकि, एक माह पूर्व से उसकी तुलना करें तो यह बढ़ोतरी और असामान्य दिखाई देती है। खुदरा बाजार में एक माह में अरहर की दाल की कीमत 105 से बढ़कर 120 रुपये हो गई है। मूंग दाल के दाम में पांच रुपये का उछाल आया है। एक माह पहले खुदरा बाजार में मूंग दाल की कीमत 95 रुपये किलो थी, जो बढ़कर सौ रुपये किलो हो गई है। इस अवधि में मसूर दाल के खुदरा भाव में भी पांच रुपये का उछाल आया है और यह 75 से बढ़कर 80 रुपये किलो हो गई है। वहीं, चना दाल 55 रुपये किलो से बढ़कर 60 रुपये किलो हो गया है। विभाग ने सभी दाल कारोबारियों को अपना स्टॉक सार्वजनिक करने का आदेश दिया है। प्रावधान के बावजूद रकारोबारी अपना स्टॉक सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं जिसको लेकर सरकार सजग हो गई है। प्रारंभिक जांच में जो बातें सामने आई हैं, उनके अनुसार कई जिले के कारोबारियों ने अपना स्टॉक ही शून्य बताया है, जबकि कई जिलों में बड़ी संख्या में दाल कारोबारियों ने अपना निबंधन ही नहीं कराया है, इसके कारण उनके स्टॉक की जांच नहीं हो रही है।  हाल के दिनों में दालों की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल आई है।  विपरीत मौसम व कम उत्पादन के साथ आयातकों की ओर से दाल की बिक्री पर मात्रात्मक रोक से स्टॉकिस्ट दाल की कीमतों में बढ़ोतरी कर रहे हैं। दाल के सभी डीलरों, मिलरों, स्टॉकिस्ट व आयातकों को अपना स्टॉक सार्वजनिक करने तथा राज्य सरकारों को घोषित स्टॉक की जांच करने को कहा गया है। इसके आलोक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव विनय कुमार ने सभी डीएम को जिलों में दाल के कारोबारियों को स्टॉक सार्वजनिक करने, अनिबंधित कारोबारियों को अभियान चलाकर निबंधित कराने व उनपर दंडात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया है। पूर्वी चंपारण में 545.61 है स्टॉक सभी राज्य के कारोबारियों ने अपने स्टॉक की जानकारी खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्रालय को दी है। इसके अनुसार बिहार में वर्तमान में कारोबारियों के पास कुल 96031 टन दाल का स्टॉक घोषित किया गया है। इसमें मुजफ्फरपुर में 490.44 टन, अररिया में 414.74, औरंगाबाद में 0.03, बांका में 2.70, बेगूसराय में 75.41, भागलपुर में 402.87, भोजपुर में 141.80, बक्सर में 367.01, दरभंगा में 623.24, गया में 9128.86, गोपालगंज में 120.93, जमुई में 110.24, में जहानाबाद 65.91, कैमूर में 86, कटिहार में 56.80, खगड़िया में 23, किशनगंज में 217.73, लखीसराय में 444.11, मधेपुरा में 52.67, मधुबनी में 210.63, मुंगेर में 488, नालंदा में 07, नवादा में 9.55, पश्चिम चंपारण में 341.13, पटना में 77380.64, पूर्वी चंपारण में 545.61, रोहतास में 443.48, समस्तीपुर में 77.31, सारण में 180.32, शिवहर में 2.09, सीतामढ़ी में 74.50, सीवान में 1045.05, सुपौल में 103.64 व वैशाली में 219.22 टन दाल का स्टॉक मौजूद है।

नियोजित शिक्षकों के चार वर्षों का एरियर भुगतान मद का पैसा 20 फरवरी को जारी हुआ था और 27 फरवरी तक हर हाल में भुगतान कर देने का निर्देश दिया गया था। बिहार के अन्य जिलों में हो चुका है भुगतान पर मोतिहारी में चल रही है बहानेबाजी। जानकारी के अनुसार डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने मामले पर संज्ञान लिया है। ’डीएम ने सशर्त भुगतान करने का निर्देश दिया। दिलचस्प यह भी की दस दिन पहले खास उद्देश्य से एरियर भुगतान का फ़ाइल एक कर्मी को दिया गया था, जिसने फाइल लटका कर रखी थी। इसको लेकर शिक्षकों ने देर रात तक धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया।

गया में आयोजित तीन दिवसीय बैडमिंटन स्टेट मास्टर्स टुर्नामेंट के विजेता बने त्रिलोक कुमार। तीन से पांच मार्च तक आयोजित 60 वर्षीय वर्ग के इस टूर्नामेंट में श्री कुमार ने पटना के पीत्रुस को एकल में 21-17, 16-21 व 21-16 से हराकर मास्टर्स खिताब पर कब्जा पर कब्जा जमा लिया है। मौके पर डिविनल कमिश्नर मयंक बारवरे, आईजी क्षत्रसाल सिंह सहित कई थे। जानकारी टूर्नामेंट के विजेता श्री कुमार ने दी है।

अक्षर आंचल योजना के तहत जिले के साक्षरता केंद्रों पर पढ़ाई करने वाली नवसाक्षर महिलाओं के लिए रविवार को बुनियादी साक्षरता परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा सुबह 10 बजे से अपराह्न 4 बजे तंक आयोजित हुई। परीक्षा में कुल लक्ष्य 26,620 की जगह 23,390 महिलाएं शामिल हुयीं। यह परीक्षा जिले के 185 संकुल केंद्रों पर आयोजित हुई। जिसमें 15 से 45 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं शामिल हुयीं। परीक्षा के अनुश्रवण के लिए शिक्षा विभाग द्वारा टीम का गठन किया गया था। मॉनिटरिंग को जिला स्तर पर कोषांग का गठन किया गया था।